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	<title>दिल्ली &#8211; NewsX 24</title>
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	<title>दिल्ली &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>सौरव दास के रेंट एग्रीमेंट पर सवाल, SEM कोर्ट ने दिल्ली में रहने का प्रमाण मांगा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Oct 2026 16:35:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Sourav Das]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली दिल्ली के एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने &#039;कॉकरोच जनता पार्टी&#039; (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास को शुक्रवार को निर्देश देते हुए उनसे दिल्ली में अपने वर्तमान आवासीय पते का प्रमाण देने वाले दस्तावेज पेश करने को कहा। मजिस्ट्रेट ने यह निर्देश उनके &#039;पीस बॉन्ड&#039; (शांति बनाए रखने के मुचलका) के कथित उल्लंघन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>दिल्ली के एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने &#039;कॉकरोच जनता पार्टी&#039; (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास को शुक्रवार को निर्देश देते हुए उनसे दिल्ली में अपने वर्तमान आवासीय पते का प्रमाण देने वाले दस्तावेज पेश करने को कहा। मजिस्ट्रेट ने यह निर्देश उनके &#039;पीस बॉन्ड&#039; (शांति बनाए रखने के मुचलका) के कथित उल्लंघन से जुड़ी कार्यवाही के दौरान दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।</p>
<p>SEM (नई दिल्ली) ऋतु राज ने यह निर्देश तब दिया, जब दास और CJP के ही एक अन्य नेता आशुतोष रांका अपने जमानतदारों (श्योरिटीज) के साथ अदालत में पेश हुए। इस दौरान मजिस्ट्रेट ने गौर किया कि दास की तरफ से जमा किए गए दस्तावेजों में कोई रेंट एग्रीमेंट (किराया समझौता) या लीज दस्तावेज नहीं था, जिससे दिल्ली में दास के पते की पुष्टि हो सके।</p>
<p><strong>दास की कानूनी टीम ने मांगा समय</strong><br />
इस बारे में ध्यान दिलाए जाने के बाद दास की कानूनी टीम ने जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए समय मांगा, इसके बाद मजिस्ट्रेट ने उनका यह अनुरोध स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर के लिए तय कर दी, जब इन दस्तावेजों की जांच की जाएगी।</p>
<p><strong>&#039;ऐसा सबूत नहीं दिया जिससे साबित हो दिल्ली में रहते हैं&#039;</strong><br />
दिल्ली पुलिस के वकील प्रशांत प्रकाश और भैरव दास ने दलील दी कि दास ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया है जिससे यह साबित हो सके कि वह दिल्ली में रह रहे हैं। बता दें कि यह पूरी कार्यवाही संसद मार्ग पुलिस द्वारा BNSS की धारा 126 और 170 के तहत की गई एहतियाती कार्रवाई से जुड़ी है, जिसमें शांति भंग होने की आशंका जताई गई थी।</p>
<p><strong>रोक के बाद भी जंतर-मंतर में घुसे थे दोनों</strong><br />
दास और रांका को 12 अक्टूबर की एक घटना के बाद हिरासत में लिया गया था, जब वे एक गेट फांदकर जंतर-मंतर के प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल में घुस गए थे। यह कार्रवाई तब हुई थी, जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शन के आह्वान किए जा रहे थे। इन प्रदर्शनों का कारण SIR (संभावित अनियमितताओं) में कथित गड़बड़ियां बताया गया था।</p>
<p><strong>हफ्तेभर की न्यायिक हिरासत के बाद SEM ने दिया था रिहाई का आदेश</strong><br />
इसके बाद करीब एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद, SEM ने सोमवार, 21 अक्टूबर को दोनों नेताओं को राहत देते हुए रिहा करने का आदेश जारी किया था। इसके बदले उनसे 50-50 हजार रुपए के व्यक्तिगत बॉन्ड और जमानत बॉन्ड (surety bonds) जमा करने को कहा था। अभियोजन पक्ष ने उनकी रिहाई का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि वे सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।</p>
<p><strong>SEM को दिया था शांति भंग नहीं करने का लिखित वचन</strong><br />
हालांकि रिहाई की शर्त के तौर पर, इन दोनों नेताओं ने SEM को लिखित वचन दिया कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी वादा किया कि जब तक जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर फिर से प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। उन्होंने शांति भंग न करने का संकल्प लिया, न्यायपालिका और SEM अदालत में अपना भरोसा जताया, और कहा कि वे जो भी विरोध-प्रदर्शन करेंगे, वह संविधान के दायरे में रहकर ही किया जाएगा। तब जाकर SEM ने उन्हें रिहा करने का आदेश जारी कर दिया।</p>
<p><strong>शुक्रवार को फिर कोर्ट के सामने पेश होने को कहा था</strong><br />
SEM कोर्ट ने सोमवार को रिहाई का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर शुक्रवार को दोपहर 3 बजे तय की थी, और इस दिन CJP के इन दोनों नेताओं को अपनी जमानत (श्योरिटी) के साथ फिर से SEM कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था। साथ ही, पुलिस को भी एक वेरिफिकेशन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसी दौरान दास की तरफ से जमा किए गए जमानती दस्तावेजों में उन्होंने अपने पते का सबूत नहीं दिया था। जिसके बाद पुलिस ने आपत्ति ली।</p>
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		<title>दिल्ली में प्रदूषण पर सालभर चलेगा अभियान, CM रेखा गुप्ता ने बताया कचरे से यमुना तक का प्लान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Oct 2026 09:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[CM Rekha Gupta]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए अब केवल सर्दियों में अभियान चलाने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए सालभर और एक साथ कई मोर्चों पर काम करना होगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को द टाइम्स ऑफ इंडिया के &#039;आइडियाज फॉर इंडिया समिट&#039; में यह बात कही। उन्होंने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए अब केवल सर्दियों में अभियान चलाने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए सालभर और एक साथ कई मोर्चों पर काम करना होगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को द टाइम्स ऑफ इंडिया के &#039;आइडियाज फॉर इंडिया समिट&#039; में यह बात कही। उन्होंने प्रदूषण, कूड़े के पहाड़ और यमुना में बढ़ते प्रदूषण को आपस में जुड़ी समस्याएं बताते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए लंबे समय तक प्रभावी कदम उठाने होंगे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की पहचान समस्याओं से नहीं, बल्कि उनके समाधान से होनी चाहिए। सरकार कचरा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहनों, रूफटॉप सोलर और यमुना की सफाई जैसे क्षेत्रों में एक साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि धूल पर कार्रवाई करके धुएं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वाहनों से निकलने वाले धुएं, सड़क की धूल, निर्माण गतिविधियों और खुले में कचरा जलाने जैसी सभी वजहों पर एक साथ कार्रवाई जरूरी है।</p>
<p><strong>दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सालभर कार्रवाई</strong><br />
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने फरवरी 2025 में सत्ता संभालने के बाद से ही दिल्ली की पुरानी समस्याओं के समाधान पर काम शुरू कर दिया था। प्रदूषण किसी एक मौसम की समस्या नहीं है, इसलिए इसका समाधान भी पूरे साल चलने वाले प्रयासों से ही संभव है।</p>
<p>उन्होंने कहा, सरकार प्रदूषण की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोगों से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने की अपील करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें सार्वजनिक परिवहन और स्वच्छ विकल्प भी उपलब्ध कराने होंगे।</p>
<p><strong>सरकारी इमारतों और घरों में लगेंगे रूफटॉप सोलर सिस्टम</strong><br />
दिल्ली सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 18,000 सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले पात्र परिवारों को 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, तीन महीने में एक लाख से अधिक लोगों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।</p>
<p>सरकार का लक्ष्य चार लाख घरों तक रूफटॉप सोलर सिस्टम पहुंचाना है। इससे घरों की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, अतिरिक्त बिजली बेचकर परिवार अपनी आय भी बढ़ा सकेंगे।</p>
<p><strong>रोजाना पैदा होने वाले कचरे को प्रोसेस करने की तैयारी</strong><br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की असली समस्या केवल लैंडफिल साइटों पर जमा कचरे के पहाड़ नहीं, बल्कि कचरे का पर्याप्त प्रसंस्करण नहीं होना है। प्रतिदिन जितना कचरा पैदा होता है, उतनी मात्रा में उसका निस्तारण और प्रसंस्करण नहीं हो पा रहा था।</p>
<p>इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार कचरा प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाकर 15,000 मीट्रिक टन तक करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का जोर कचरे को केवल एक जगह जमा करने के बजाय उसे उपयोगी संसाधन में बदलने पर भी है।</p>
<p>रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में प्रतिदिन करीब 2,000 टन गोबर पैदा होता है। पहले शहर में कोई बायोगैस प्लांट नहीं था, लेकिन अब डेढ़ साल के भीतर तीन बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। इससे गोबर को नालों के जरिए यमुना तक पहुंचने से रोकने और नदी में प्रदूषण कम करने में मदद मिल रही है।</p>
<p><strong>यमुना की सफाई के लिए सीवर नेटवर्क का विस्तार</strong><br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से योजना तैयार की गई है। इसमें नालों के पानी को नदी में गिरने से रोकना, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाना और उन्हें अपग्रेड करना, नालों से गाद निकालना तथा सीवर कनेक्शन का विस्तार करना शामिल है। उन्होंने बताया कि दिल्ली के लगभग आधे हिस्से में किसी न किसी रूप में पर्याप्त सीवर कनेक्टिविटी की कमी है। इसे दूर करने के लिए अधिकृत कॉलोनियों, अनधिकृत बस्तियों और झुग्गी क्षेत्रों की मैपिंग की जा रही है, ताकि जरूरत के अनुसार सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जा सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में नालों से लाखों टन गाद निकाली गई है। उन्होंने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए जरूरी है कि सीवेज को पहले एकत्र किया जाए, फिर उसे ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाकर शोधित करने के बाद ही नदी में छोड़ा जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को मिली हरी झंडी, बोले- आ गया हूं, 30 को मिलेंगे</title>
		<link>https://newsx24.com/diljit-dosanjhs-delhi-concert-gets-the-green-light-he-says-ive-arrived-see-you-on-the-30th/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Oct 2026 07:42:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Diljit Dosanjh]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने 30 अक्तूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले अपने कॉन्सर्ट को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है। इंस्टाग्राम पर लाइव आकर दोसांझ ने कहा कि वह 30 को दिल्ली में अपने प्रशंसकों से मिलेंगे। उनके इस बयान के बाद कॉन्सर्ट रद्द &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने 30 अक्तूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले अपने कॉन्सर्ट को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया दी है। इंस्टाग्राम पर लाइव आकर दोसांझ ने कहा कि वह 30 को दिल्ली में अपने प्रशंसकों से मिलेंगे। उनके इस बयान के बाद कॉन्सर्ट रद्द होने की अफवाहों पर विराम लगता नजर आ रहा है।&nbsp;</p>
<p><strong>इंस्टा लाइव में क्या बोले दिलजीत</strong></p>
<p><strong>&ldquo;बन गईं रील्स, हो गए ट्वीट्स?&rdquo;</strong><br />
सुबह इंस्टाग्राम लाइव पर फैंस से जुड़े दिलजीत ने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या रील्स बन गईं, ट्वीट्स हो गए और न्यूज़रूम में डिबेट भी हो गई? उन्होंने बिना पुख्ता जानकारी के चर्चा करने वालों पर तंज कसा।</p>
<p><strong>&ldquo;पहले खबर की सच्चाई जानो, हवा में तीर मत चलाओ&rdquo;</strong><br />
दिलजीत ने कहा कि किसी भी खबर पर चर्चा करने से पहले उसकी सच्चाई पता कर लेनी चाहिए। उन्होंने बिना तथ्यों की पुष्टि किए बहस करने और अफवाहें फैलाने वालों को निशाने पर लिया।</p>
<p><strong>दिलजीत ने फैंस से क्या कहा?</strong><br />
दिलजीत ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, &#039;मैं ये बोल रहा था कि बन गई रील्स, बन गए ट्वीट्स, हो गई आपके न्यूज़रूम की डिबेट्स. अब मिलते हैं 30 तारीख को दिल्ली में. पहले न्यूज़ पता कर लिया करो, कच्चा धुआं मारे जा रहे हो. कच्चा धुआं मारने से अच्छा है पहले बात पता कर लिया करें।&nbsp;</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, &#039;ऐवई डिबेट पर डिबेट करने जा रहे हैं, ट्वीट पर ट्वीट करने जा रहे हैं. बहुत बढ़िया दिन है, तो सोचा लाइव आ जाएं. बात भी करनी थी बहुत सारी. रील्स हो रही थी, ट्वीट हो रहे थे, न्यूज रूम की डिबेट चल रही थीं.&#039; उन्होंने यह दोहराते हुए लाइव सेशन खत्म किया कि वे 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में अपने फैंस से मिलेंगे, जिससे कॉन्सर्ट को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया।&nbsp;</p>
<p><strong>&ldquo;मैं आ गया हूं, 30 को दिल्ली में मिलेंगे&rdquo;</strong><br />
कॉन्सर्ट रद्द होने की चर्चाओं के बीच दिलजीत ने फैंस से कहा कि वह 30 अक्तूबर को दिल्ली में मिलेंगे। लाइव खत्म करते हुए उन्होंने अपने प्रशंसकों से प्यार जताते हुए कहा, &ldquo;आई लव यू।&rdquo;</p>
<p><strong>क्या था पूरा मामला</strong><br />
गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले इस कॉन्सर्ट के लिए परमिशन देने से इनकार कर दिया था. इसके पीछे सुरक्षा संबंधी खतरे, सुरक्षा चिंताओं और त्योहारों के सीजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों का हवाला दिया गया था।&nbsp;</p>
<p>कॉन्सर्ट से एक हफ्ते पहले, शुक्रवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, &#039;आयोजकों के साथ बैठक और पुनर्विचार के बाद, हमने दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर के कॉन्सर्ट के लिए अनुमति दे दी है।&nbsp;</p>
<p>इससे पहले दिन में, इवेंट आयोजक &#039;बुकमायशो लाइव&#039; ने एक बयान में कहा कि जो अनुमति &#039;अस्थायी रूप से रोक दी गई थी&#039;, उस पर अब पुनर्विचार किया गया है और उसे जारी कर दिया गया है।&nbsp;</p>
<p>&#039;यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी खबरें गलत हैं जिनमें कहा जा रहा है कि 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाला दिलजीत दोसांझ का &#039;ऑरा इंडिया टूर&#039; (AURA India Tour) कॉन्सर्ट रद्द हो गया है. इवेंट के लिए अनुमति को केवल कुछ समय के लिए रोका गया था, रद्द नहीं किया गया था. इन दोनों बातों को एक समझने की गलती न करें।&nbsp;</p>
<p>&#039;त्योहारों की भीड़-भाड़&#039; के अलावा, अनुमति न देने का एक और कारण 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली के कई स्कूलों को मिला एक फर्जी बम की धमकी वाला ईमेल था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे ही एक ईमेल में छात्रों को 30 अक्टूबर को दोसांझ के कॉन्सर्ट में न जाने की चेतावनी दी गई थी&nbsp;</p>
<p>इस फर्जी ईमेल में खालिस्तान-समर्थक नारे भी लिखे थे. यह ईमेल छह स्कूलों को मिला था, जिनमें द ब्रिटिश स्कूल, माउंट कार्मेल, अहलकॉन इंटरनेशनल स्कूल और अहलकॉन पब्लिक स्कूल शामिल हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>AAP ने फैसले की आलोचना की</strong><br />
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली सरकार और दिल्ली पुलिस पर &#039;बहादुर पंजाबियों&#039; के खिलाफ &#039;पक्षपात&#039; करने का आरोप लगाया है।&nbsp;</p>
<p>भारद्वाज ने &#039;X&#039; पर आरोप लगाया, &#039;दिलजीत दोसांझ जैसे असली नायकों ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और छात्रों के खिलाफ पुलिस की हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई. सरकार ऐसे बहादुर पंजाबियों के प्रति पक्षपाती है. इससे पहले भी सरकार ने उनकी फिल्म &#039;सतलुज&#039; पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो उग्रवाद के दौर में पंजाब पुलिस के अत्याचारों पर आधारित थी।&nbsp;</p>
<p>कॉन्सर्ट की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले सवाल उठे थे। आयोजकों की ओर से सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन से जुड़े इंतजामों पर चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आई है। दिलजीत ने अपने लाइव में परमिशन मिलने की बात कही। हालांकि, अनुमति की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासन से की जानी चाहिए।&nbsp;</p>
<p><strong>सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगी नजर</strong><br />
कॉन्सर्ट के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, प्रवेश और निकास के रास्तों, पार्किंग तथा यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही गई है। सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और स्टेडियम के आसपास यातायात संबंधी प्रतिबंधों की अंतिम जानकारी आधिकारिक निर्देशों से स्पष्ट होगी।&nbsp;</p>
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		<title>कारोबारियों ने राहुल गांधी से की रामलीला मैदान की रैली स्थगित करने की मांग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Oct 2026 06:35:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[rahul]]></category>
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					<description><![CDATA[नईदिल्ली&#160; देश की राजधानी दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के प्रमुख संगठन &#039;चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री&#039; (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की महारैली को स्थगित करने की मांग की है। CTI ने आग्रह किया है कि त्योहारों के इस मुख्य सीजन को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नईदिल्ली&nbsp;</strong><br />
देश की राजधानी दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के प्रमुख संगठन &#039;चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री&#039; (CTI) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की महारैली को स्थगित करने की मांग की है। CTI ने आग्रह किया है कि त्योहारों के इस मुख्य सीजन को ध्यान में रखते हुए इस रैली को 10 नवंबर (भैया दूज) के बाद आयोजित किया जाए, ताकि व्यापारियों और आम जनता को नुकसान से बचाया जा सके। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पत्र में कहा कि दिवाली और धनतेरस का समय दिल्ली के व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। केवल 1 दिन की रैली के कारण सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से 3 से 4 दिनों तक पूरा व्यापार बुरी तरह प्रभावित रहेगा। इससे दिवाली के पीक सीजन में करीब 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार ठप्प होने की आशंका है।</p>
<p><strong>धनतेरस पर ही होता है 25,000 करोड़ रुपये का व्यापार</strong><br />
CTI ने अपने पत्र में आगामी त्योहारों का शेड्यूल बताते हुए लिखा है कि इस वर्ष 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दीपावली और 10 नवंबर को भैया दूज है। आमतौर पर लोग त्योहारों से एक सप्ताह पहले से ही खरीदारी शुरू कर देते हैं। अकेले धनतेरस के दिन ही दिल्ली के बाजारों में सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, बर्तन, गाड़ियां, प्रॉपर्टी, मिठाइयां और गिफ्ट आइटम्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का लेन-देन होता है। CTI का मानना है कि यह व्यापार केवल कारोबारियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है।</p>
<p><strong>10 नवंबर के बाद रैली कराये जाने की अपील</strong><br />
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने पत्र में लिखा है, &ldquo;हमें जानकारी मिली है कि आपकी पार्टी द्वारा 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया जा रहा है. आपसे विनम्र निवेदन है कि इस रैली को 10 नवंबर (भैया दूज) के बाद स्थगित किया जाए, क्योंकि वर्तमान में दिवाली व्यापार अपने पीक सीजन पर है. लेटर के मुताबिक, धनतेरस पर 25 हजार करोड़ का कारोबार होता है. इस साल धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को है, दीपावली 8 नवंबर को और भैया दूज 10 नवंबर को है. लोग 1 हफ्ते पहले ही धनतेरस और दीपावली की खरीददारी शुरू कर देते हैं, धनतेरस को लेकर ही दिल्ली में सभी सेक्टरों &ndash; सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, ड्राई फ्रूट्स, मिठाईयां, ऑटोमोबाइल, गाड़ियां, प्रॉपर्टी, गिफ्ट आइटम में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होता है, यह व्यापार दिल्ली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।&nbsp;</p>
<p>लेटर में अक्टूबर में पहले ही 3 हजार करोड़ के हुए नुकसान की जानकारी दी गई है. कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और सेंट्रल दिल्ली में लगातार रैलियों, मार्च और रास्ते बंद होने के कारण CTI के आंकलन के अनुसार दिल्ली के व्यापारियों को पहले ही लगभग 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. थोक बाजारों में बाहर से माल आना बंद हो गया था और रिटेल में ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे थे।&nbsp;</p>
<p><strong>रैली के कारण बड़े बाजारों के ठप्प होने का जिक्र</strong><br />
रामलीला मैदान के 5 किमी के दायरे में दिल्ली के सबसे ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध होलसेल एवं रिटेल बाजार स्थित हैं. चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट, नया बाजार, मोरी गेट, किनारी बाजार, दरीबा, दरिया गंज, अजमेरी गेट, जामा मस्जिद, झंडेवालान, करोल बाग, नबी करीम, आजाद मार्केट, लाजपत राय मार्केट आदि स्थित हैं. इन बाजारों से पूरे भारत में माल जाता है।&nbsp;</p>
<p>रैली के कारण ट्रैफिक डायवर्जन, मेट्रो स्टेशन बंद और बैरिकेडिंग से इन बाजारों का काम पूरी तरह ठप्प हो जाएगा. रेलवे स्टेशनों के कारण बाहरी खरीददारों को भी परेशानी की जानकारी दी गई है. इसके अलावा पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भी रामलीला मैदान से नजदीक ही हैं. प्रतिदिन लाखों व्यापारी और खरीददार इन स्टेशनों के माध्यम से दिल्ली आते-जाते हैं. रैली के दौरान रास्ते बंद होने और भीड़ के कारण दिल्ली के बाहर से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो सकती है और बाहर से आने वाले खरीदार डर के कारण दिल्ली में आने से परहेज कर सकते हैं, जिसका सीधा असर धनतेरस और दीपावली के व्यापार पर पड़ेगा।&nbsp;</p>
<p>हम लोकतांत्रिक मूल्यों और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन हम सभी राजनीतिक दलों से यही अनुरोध कर रहे हैं कि धनतेरस (6 नवंबर), दीपावली 8 नवंबर और भैया दूज (10 नवंबर) तक दिल्ली के मुख्य बाजार क्षेत्रों में बड़ी रैलियों का आयोजन न किया जाए. लेटर में राहुल गांधी से व्यापारियों ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि आप दिल्ली के व्यापारियों की इस पीड़ा को समझेंगे।&nbsp;</p>
<p><strong>अक्टूबर में पहले ही हो चुका है 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान</strong><br />
संगठन ने पत्र में इस बात पर भी चिंता जताई कि बीते अक्टूबर महीने में सेंट्रल दिल्ली, कनॉट प्लेस और इंडिया गेट के आसपास लगातार हुए विरोध-प्रदर्शनों, रैलियों और रास्तों की बंदी के कारण व्यापारियों को पहले ही लगभग 3,000 करोड़ रुपये का भारी घाटा उठाना पड़ा है। रास्ते बंद होने से थोक बाजारों में बाहर से आने वाला माल रुक गया था और रिटेल बाजारों तक आम ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे थे। ऐसे में एक और बड़ी रैली से व्यापारियों की कमर टूट जाएगी।</p>
<p><strong>रामलीला मैदान के पास स्थित हैं 20 ऐतिहासिक बाजार</strong><br />
CTI ने ध्यानाकर्षण कराया कि रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में दिल्ली के 20 सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक थोक व खुदरा बाजार मौजूद हैं। इनमें शामिल हैं, चांदनी चौक, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, कश्मीरी गेट, नया बाजार, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट, जामा मस्जिद, अजमेरी गेट, दरीबा कलां, किनारी बाजार, मोरी गेट, दरियागंज, झंडेवालान, नबी करीम <strong>और आजाद मार्केट। ये बाजार केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में माल की आपूर्ति करते हैं। यदि रैली के दिन बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन या मेट्रो स्टेशनों की बंदी होती है, तो इन बाजारों का कामकाज पूरी तरह से ठप्प हो जाएगा।</strong></p>
<p><strong>रेलवे स्टेशनों और बाहरी खरीदारों को होगी भारी परेशानी</strong><br />
रामलीला मैदान के पास ही पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन स्थित हैं, जहां से प्रतिदिन लाखों व्यापारी और आम यात्री यात्रा करते हैं। CTI ने आशंका जताई है कि रैली के दौरान रास्ते बंद होने और भारी भीड़ के कारण दिल्ली के बाहर से आने वाले खरीदार डर के मारे दिल्ली आने से कतरा सकते हैं। इसका सीधा और नकारात्मक असर धनतेरस व दिवाली की कुल बिक्री पर पड़ेगा।</p>
<p><strong>लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान, लेकिन व्यापार का भी रखें ध्यान</strong><br />
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने स्पष्ट किया कि व्यापारी संगठन लोकतांत्रिक मूल्यों और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करने के अधिकार का पूरा सम्मान करता है। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए CTI ने सभी राजनीतिक दलों से यह अपील की है कि धनतेरस से लेकर भैया दूज (6 नवंबर से 10 नवंबर) तक दिल्ली के मुख्य व्यापारिक इलाकों में कोई भी बड़ी रैली आयोजित न की जाए। व्यापारियों को उम्मीद है कि कांग्रेस नेतृत्व उनकी व्यावहारिक समस्याओं और पीड़ा को समझते हुए 1 नवंबर की महारैली को 10 नवंबर के बाद की किसी तारीख तक स्थगित करने का सकारात्मक निर्णय लेगा।</p>
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		<title>दिल्ली में अगले 9 दिनों तक जहरीली हवा का अलर्ट, खराब AQI से बढ़ी चिंता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Oct 2026 17:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Alert for toxic]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली दिल्ली में वायु प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। शुक्रवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 230 दर्ज किया गया, जो &#039;खराब&#039; श्रेणी में है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले नौ दिनों तक हवा की गुणवत्ता में खास सुधार की संभावना नहीं है। 26 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p style="text-align:justify">दिल्ली में वायु प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। शुक्रवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 230 दर्ज किया गया, जो &#039;खराब&#039; श्रेणी में है।</p>
<p style="text-align:justify">वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले नौ दिनों तक हवा की गुणवत्ता में खास सुधार की संभावना नहीं है। 26 अक्टूबर तक हवा &#039;खराब&#039; श्रेणी में रहने का अनुमान है, जबकि इसके बाद के छह दिनों में भी स्थिति लगभग ऐसी ही बनी रह सकती है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>तीन केंद्रों पर &#039;बहुत खराब&#039; श्रेणी में पहुंची हवा</strong></p>
<p style="text-align:justify">केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 56 निगरानी केंद्रों में से तीन पर वायु गुणवत्ता &#039;बहुत खराब&#039; श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें पूसा में सबसे अधिक 324 एक्यूआई रहा। वहीं 36 केंद्रों पर हवा &#039;खराब&#039; और 17 केंद्रों पर &#039;मध्यम&#039; श्रेणी में दर्ज की गई।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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		<title>दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: कांग्रेस, AAP और AISA से जुड़े 57 केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Oct 2026 16:06:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Major action]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली &#160;दिल्ली में SIR के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए सभी 57 मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। इन मामलों में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>&nbsp;दिल्ली में SIR के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए सभी 57 मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है।</p>
<p>इन मामलों में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामलों की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए क्राइम ब्रांच ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>
<p>पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य तकनीकी माध्यमों से सबूत एकत्र कर रही है। पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों और संदिग्धों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जाएंगे।</p>
<p><strong>57 मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी</strong></p>
<p>ये सभी केस प्रदर्शन के दौरान धारा-163 का उल्लंघन करने, सरकारी व निजी संपत्तियों की तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, उनके कार्य में बाधा डालने, पुलिस अधिकारी के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे गलत तरीके से वायरल करने के हैं।</p>
<p>इसके साथ ही पुलिस अधिकारी को जातिसूचक शब्द कहने, गुरुद्वारा में जबरन घुसने, दंगा भड़काने, बैरीकेड तोड़ने आदि गंभीर कई धाराओं में दर्ज हुए थे।</p>
<p><strong>दिल्ली पुलिस ने 57 केस दर्ज किए&nbsp;</strong></p>
<p>2 से 16 अक्टूबर के बीच वामपंथी संगठनों, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीजेपी व आइसा आदि संगठनों के नेताओं, कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने नई दिल्ली जिले के अलावा अन्य जिलों में प्रदर्शन किया।</p>
<p>करीब 15 दिन तक प्रदर्शन दिल्ली पुलिस समेत तमाम केंद्रीय एजेंसियों के लिए चुनौती बने रहे।जिससे नई दिल्ली जिला समेत अन्य जिले के विभिन्न थानों में 57 केस दर्ज किए गए थे। आयुक्त ने अब सभी मामले को बेहतर जांच के लिए क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया है।</p>
<p><strong>10 मामलों में बड़े नेताओं की भूमिका</strong></p>
<p>पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन सभी संवेदनशील मामलों की बेहतर तरीके से जांच की जाएगी। करीब 10 ऐसे केस दर्ज हुए हैं जिनमें विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की भूमिका के बारे में पता लग सकता है।</p>
<p>इसलिए क्राइम ब्रांच अब सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल से बनाए गए वीडियो समेत तमाम अन्य तरीके से साक्ष्य जुटाने का काम करेगी।</p>
<p><strong>साक्ष्य मिलने पर नेता बन सकते हैं आरोपी</strong></p>
<p>जिन मामलों में राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं की भूमिका के बारे में पता लगेगा उनमें उन्हें आरोपी बनाया जा सकता है। साक्ष्य जुटाने के बाद क्राइम ब्रांच उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेज सकती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>दिल्ली HC ने AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका खारिज की, पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर का रास्ता साफ?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Oct 2026 15:51:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[AISA president]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेहा बोरा को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने नेहा की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने एसईएम न्यायालय के उस नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का बॉन्ड और एक जमानती नियुक्त &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p style="text-align:justify">दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेहा बोरा को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने नेहा की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने एसईएम न्यायालय के उस नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का बॉन्ड और एक जमानती नियुक्त करने को कहा गया था। हालांकि, न्यायालय ने मजिस्ट्रेट को कुछ निर्देश जारी किए हैं, जिनमें बोरा को सभी प्रासंगिक सामग्री उपलब्ध कराना शामिल है।<br />
&#039;इस रिट याचिका को खारिज कर रहा हूं&#039;</p>
<p style="text-align:justify">फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, &quot;मैं इस स्तर पर इस रिट याचिका को खारिज कर रहा हूं।&quot; हालांकि, न्यायाधीश ने यह भी कहा कि उन्होंने कार्यवाही के दौरान छात्र नेता को सभी सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में एसईएम को कुछ निर्देश दिए हैं। फैसले की विस्तृत प्रति अभी आनी बाकी है।<br />
व्यक्तिगत बॉन्ड क्यों नहीं भरना चाहिए?</p>
<p style="text-align:justify">भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 के तहत 17 अक्टूबर को जारी किए गए पुलिस नोटिस में छात्र नेता को 19 अक्टूबर को एसईएम के समक्ष पेश होने और यह कारण बताने के लिए कहा गया था कि उन्हें &#039;जांच की अवधि तक शांति बनाए रखने के लिए&#039; एक जमानतदार के साथ 10 हजार रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड क्यों नहीं भरना चाहिए।<br />
कब भरवाया जाता है पीस बाॅन्ड?</p>
<p style="text-align:justify">बीएनएसएस की धारा 126 एसईएम को इस तरह के बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराने का अधिकार देती है यदि ऐसी विश्वसनीय जानकारी हो कि कोई व्यक्ति शांति भंग करने, सार्वजनिक शांति में खलल डालने, या कोई ऐसा गलत कृत्य करने की संभावना रखता है, जिससे व्यवधान पैदा हो सकता है।<br />
16 अक्टूबर को ली गई थी हिरासत में</p>
<p style="text-align:justify">बोरा को 16 अक्टूबर को उस समय निवारक हिरासत (प्रिवेंटिव डिटेंशन) में लिया गया था, जब वे दिल्ली के कनॉट प्लेस में &#039;कॉकरोच जनता पार्टी&#039; के &#039;लहरा दो तिरंगा&#039; मार्च में शामिल होने जा रही थीं। उन्हें 17 अक्टूबर को रिहा कर दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>लोगों को उकसाने के आरोपों पर आधारित</strong></p>
<p style="text-align:justify">वकील अधिक चिम्नी द्वारा तैयार की गई अपनी याचिका में बोरा ने कहा था कि पुलिस नोटिस अस्पष्ट है, तथ्यात्मक रूप से गलत है और शांति भंग होने की &#039;संभावना&#039; को साबित करने के लिए इसमें कोई सामग्री या जानकारी नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify">एसईएम के समक्ष कार्यवाही 16 अक्टूबर को मंडी हाउस में नारेबाजी, धारा 163 बीएनएसएस के तहत निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर के आसपास बार-बार विरोध प्रदर्शन करने और 16 अक्टूबर के प्रदर्शन में भाग लेने के लिए लोगों को उकसाने के आरोपों पर आधारित है।</p>
<p style="text-align:justify">गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान, बोरा के वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया था कि नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है और लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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		<title>दिल्ली में दिवाली पर ग्रीन पटाखों की छूट मिलेगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Oct 2026 10:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[firecrackers]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली दिवाली करीब है और दिल्ली में पटाखों को लेकर असमंजस बना हुआ है। दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूरे साल रोक लगाई हुई है, लेकिन दशहरे पर जमकर आतिशबाजी हुई। इसके बाद से प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया। ऐसे में सवाल है कि क्या इस बार भी ग्रीन पटाखे जलाने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
दिवाली करीब है और दिल्ली में पटाखों को लेकर असमंजस बना हुआ है। दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूरे साल रोक लगाई हुई है, लेकिन दशहरे पर जमकर आतिशबाजी हुई। इसके बाद से प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया। ऐसे में सवाल है कि क्या इस बार भी ग्रीन पटाखे जलाने की छूट मिलेगी या रोक जारी रहेगी? सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है। पिछले साल कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखे जलाने की सीमित छूट दी थी। इस बार भी लोग राहत की उम्मीद कर रहे हैं।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में क्या कहा</strong><br />
सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान कहा था कि पटाखों के इस्तेमाल को लेकर ऐसा रास्ता निकालना होगा, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखने के साथ प्रदूषण से होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सके। लोगों का कहना है कि जब देश के दूसरे हिस्सों में पटाखे जलाए जा रहे हैं, तो दिल्ली-एनसीआर में ही पूरी तरह रोक क्यों है? ऑल द्वारका रेजिडेंट फेडरेशन के अजीत स्वामी के मुताबिक, आतिशबाजी के लिए समय तय हो। सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति मिले।</p>
<p><strong>दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण, ग्रैप-1 लागू</strong><br />
वहीं दशहरे के बाद से दिल्ली- NCR में प्रदूषण बढ़ने लगा है। राजधानी में लगातार दूसरे दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली में ग्रुप की पाबंदियां लगाई जाती हैं, लेकिन इनसे हवा की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। एक विश्लेषण के मुताबिक, जब ग्रैप का तीसरा या चौथा चरण लागू किया गया, तो 12 में से 10 बार अगले 7 दिनों में औसत AQI और बढ़ गया। इससे साफ है कि प्रदूषण बढ़ने के बाद पाबंदियां लगाने साथ उन कारणों पर भी रोक लगानी होगी, जिनसे हवा खराब होती है।</p>
<p><strong>क्या ग्रैप पाबंदियों का दिखता है असर?</strong><br />
यह विश्लेषण अक्टूबर 2022 से फरवरी 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है। इंडिया क्वॉलिटी एंड एनर्जी इंसाइट्स में प्रकाशित यह विश्लेषण एनालिस्ट मनोज कुमार ने किया है। विश्लेषण के मुताबिक, 2022-23 की सर्दियों में दिल्ली का औसत AQI 280 था। 2023-24 में 304 हो गया। 2024-25 में 285 रहा। 2025-26 में बढ़कर 295 पर पहुंच गया।</p>
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		<title>दिल्ली में वोटर लिस्ट पर बड़ा अपडेट, फॉर्म-6 के निपटान का आंकड़ा 1.15 लाख पहुंचा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Oct 2026 09:21:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
		<category><![CDATA[Voter list]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली &#160;दिल्ली में SIR के तहत नए वोटर जोड़ने के लिए आए फॉर्म-6 के निपटान के आंकड़ों में बड़ा बदलाव सामने आया है। पहले CEO दिल्ली की वेबसाइट पर 11 अक्टूबर तक 1,238 आवेदनों के निपटान का आंकड़ा दिखाया गया था, जिसे अब 20 अक्टूबर तक बढ़ाकर करीब 1.15 लाख कर दिया गया है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
&nbsp;दिल्ली में SIR के तहत नए वोटर जोड़ने के लिए आए फॉर्म-6 के निपटान के आंकड़ों में बड़ा बदलाव सामने आया है। पहले CEO दिल्ली की वेबसाइट पर 11 अक्टूबर तक 1,238 आवेदनों के निपटान का आंकड़ा दिखाया गया था, जिसे अब 20 अक्टूबर तक बढ़ाकर करीब 1.15 लाख कर दिया गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, वेबसाइट पर गलत डेटा अपलोड हो रहा था, जिसे अब अपडेट किया गया है। 20 अक्टूबर तक फॉर्म-6 के कुल 4,56,913 आवेदन मिले हैं।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, इनमें 2,12,400 आवेदन 30 अगस्त तक और 2,44,513 आवेदन 31 अगस्त से 20 अक्टूबर के बीच आए। फॉर्म-6 का इस्तेमाल पहली बार वोटर बनने या वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि निपटान के आंकड़ों में आगे भी बदलाव हो सकता है। दिल्ली में SIR से पहले करीब 1.45 करोड़ वोटर थे।</p>
<ul>
<li>31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में यह संख्या घटकर 97.53 लाख रह गई। करीब 47.5 लाख नाम हटाए गए, जिन्हें अनुपस्थित, दूसरी जगह शिफ्ट, मृत या डुप्लीकेट वोटर श्रेणी में रखा गया।</li>
<li>इनमें करीब 43.3 लाख वोटर अनुपस्थित या स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट बताए गए। वहीं, 2.82 लाख मृत और 1.41 लाख डुप्लीकेट वोटर की श्रेणी में रखे गए।</li>
<li>विधानसभा क्षेत्रों में वेरिफिकेशन की स्थिति भी अलग-अलग रही। ओखला में 54.6%, आरके पुरम में 44.5% और कस्तूरबा नगर में 44% वोटरों का वेरिफिकेशन हुआ।</li>
</ul>
<p><strong>30 नवंबर तक होगा आवेदनों का निपटारा</strong><br />
फॉर्म-6 के निपटान में ओखला, कस्तूरबा नगर और जगपुरा में करीब 2-2 हजार आवेदनों पर कार्रवाई हुई। तुगलकाबाद, मटिया महल और आरके पुरम में करीब 1,500-1,500 आवेदन निपटाए गए। कालकाजी में करीब 1,000 और बाबरपुर में 260 आवेदनों पर कार्रवाई हुई। चुनाव अधिकारियों के सामने अब 33.12 लाख नोटिस मामलों का निपटान प्राथमिकता है। ये नोटिस उन वोटरों को जारी किए गए, जिनके रिकॉर्ड 2002 की वोटर लिस्ट से मेल नहीं खाते थे या व्यक्तिगत जानकारी में गड़बड़ी मिली थी। अधिकारियों के अनुसार 80% से ज्यादा मामलो का समाधान हो चुका है। आवेदन प्रक्रिया के निपटान पर 30 नवंबर तक काम होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को झटका, 30 अक्टूबर के शो को नहीं मिली मंजूरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Oct 2026 04:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Diljit Dosanjh]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;नई दिल्ली दिलजीत दोसांझ के दिल्ली वाले फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. अगर आपने भी 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले उनके कॉन्सर्ट के टिकट बुक किए हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है. दिलजीत के &#8216;Aura India Tour&#8217; के दिल्ली शो को सुरक्षा संबंधी मंजूरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;नई दिल्ली</strong></p>
<p>दिलजीत दोसांझ के दिल्ली वाले फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. अगर आपने भी 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले उनके कॉन्सर्ट के टिकट बुक किए हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है. दिलजीत के &lsquo;Aura India Tour&rsquo; के दिल्ली शो को सुरक्षा संबंधी मंजूरी नहीं मिली है. ऐसे में उन फैंस को झटका लगा है, जो अपने पसंदीदा सिंगर को लाइव परफॉर्म करते देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।&nbsp;</p>
<p><strong>पुलिस ने सुरक्षा कारणों से नहीं दी मंजूरी</strong><br />
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के ऑफिस ने &#039;बुक माय शो&#039; को एक पत्र भेजा है. इसमें 14 अक्टूबर 2026 को मिले आवेदन का जिक्र करते हुए बताया गया कि 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती।&nbsp;</p>
<p>पत्र में इसकी वजह बताते हुए कहा गया कि सुरक्षा से जुड़े कुछ खास इनपुट मिले हैं. इसके अलावा, त्योहारों के मौसम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी दूसरी अहम जिम्मेदारियों के चलते भी सुरक्षा व्यवस्था पर काफी दबाव है. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शो आयोजित करने की मांग को मंजूरी नहीं दी गई।&nbsp;</p>
<p>हालांकि, इस अपडेट से टिकट बुक कर चुके फैंस के मन में कई सवाल उठना लाजिमी है. फिलहाल टिकटों के रिफंड, शो की नई तारीख या किसी दूसरी जगह आयोजन को लेकर स्थिति साफ होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।&nbsp;</p>
<p>दिल्ली दिलजीत का ये टूर इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरू, लखनऊ और चंडीगढ़ में भी होने वाला है. इस टूर की शुरुआत दिल्ली से होनी थी लेकिन अब देखना होगा कि प्लान में क्या बदलाव आते हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता</strong></p>
<p>हाल ही में मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हमला हुआ था. उनसे जुड़े ठिकाने को निशाना बनाकर गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई थी. जांच के दौरान आरोपियों पर फिल्मी सितारों के घरों और ठिकानों की रेकी करने के आरोप भी सामने आए थे. इस घटना ने मनोरंजन जगत की हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।&nbsp;</p>
<p>हालांकि, दिलजीत के दिल्ली कॉन्सर्ट को मंजूरी न मिलने की वजह के तौर पर पुलिस के पत्र में सुरक्षा से जुड़े इनपुट और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों का जिक्र है।&nbsp;</p>
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