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	<title>दिल्ली &#8211; NewsX 24</title>
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	<title>दिल्ली &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>दिल्ली में स्वाइन फ्लू को लेकर अस्पताल अलर्ट, आइसोलेशन और डिजास्टर वार्ड तैयार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 09:21:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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		<category><![CDATA[Swine flu]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली &#160;स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में डिजास्टर वॉर्ड से लेकर आइसोलेशन वॉर्ड तक जरूरत के मुताबिक बेड रिजर्व कर लिए गए हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की भीड़ नहीं बढ़ी है और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
&nbsp;स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में डिजास्टर वॉर्ड से लेकर आइसोलेशन वॉर्ड तक जरूरत के मुताबिक बेड रिजर्व कर लिए गए हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों की भीड़ नहीं बढ़ी है और घबराने की जरूरत नहीं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि H1N1 में आयुर्वेदिक दवाएं भी कारगर होती हैं। नजफगढ़ स्थित चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान में फीवर क्लिनिक भी शुरू कर दिया गया है।</p>
<p><strong>डॉ हेडगेवार अस्पताल में मरीजों के लिए तैयार किए गए चार वार्ड</strong><br />
पूर्वी दिल्ली स्थित डॉ हेडगेवार अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए चार बेड का आइसोलेशन वॉर्ड तैयार किया गया है। अस्पताल में डॉक्टर से लेकर कर्मचारियों की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। हालांकि, अभी अस्पताल में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। वहीं, संजय गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भी 56 बेड का डिजास्टर वॉर्ड तैयार किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दवा से लेकर टेमीफ्लू दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फीवर के संदिग्ध मरीजों की जांच कर उनपर नजर रखी जा रही है।</p>
<p><strong>जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर ने की अपील</strong><br />
जीटीबी अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण ने बताया कि अस्पताल में तैयारी पूरी हैं, लेकिन अभी कोई स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं आया है। हालांकि, संदिग्ध मरीजों की जांच जरूर कराई जा रही है। उन्होंने अपील की है कि अभी पैनिक होने की जरूरत नहीं। भीड़भाड़ वाली जगह पर बेवजह जाने से बचें और मास्क जरूर लगाएं।</p>
<p><strong>CBPACS में फीवर क्लिनिक शुरू</strong><br />
चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान (CBPACS) में H1N1 और वायरल बुखार के मरीजों के लिए विशेष फीवर क्लिनिक के जरिए आयुर्वेदिक इलाज और विशेषज्ञों की सलाह दी जा रही है। संस्थान के निदेशक डॉ एमबी गौर ने बताया कि HIN1 में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण होते है। कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर होने पर सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। आयुर्वेद में मरीज के लक्षण और उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज किया जाता है।</p>
<p><strong>वायरल फीवर में काढ़ा भी मददगार</strong><br />
ऑल इंडिया डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ आईएसएम के अध्यक्ष डॉ. आरपी. पाराशर के मुताबिक, H1N1 में अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है। आमतौर पर स्वस्थ लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हार्ट, लंग्स, डायबिटीज या किडनी की बीमारी वाले लोगों में जटिलता का खतरा अधिक रहता है।</p>
<p>विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर<br />
डॉ. पाराशर के मुताबिक, आयुर्वेद में तुलसी, अदरक, लौंग, हल्दी, पिप्पली, गिलोय, दालचीनी और काली मिर्च जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे तैयार काढ़ा या अन्य घरेलू तैयारियां लक्षणों के दौरान राहत देने में मदद कर सकती है। हालाकि किसी भी आयुर्वेदिक दवा या काढ़े का इस्तेमाल व्यक्ति की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर है।</p>
<p><strong>रखें ध्यान&#8230;</strong></p>
<ul>
<li>दिल्ली के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों से लेकर कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है</li>
<li>अभी अस्पताल में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज भर्ती नहीं।</li>
<li>21 अगस्त को 135 नए केस मिलने के बाद दिल्ली में HIN1 के कुल मरीजों का आंकड़ा 1912 पहुंचा।</li>
<li>अब तक दिल्ली से बाहर के 348 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।</li>
</ul>
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		<title>दिल्ली में पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लाठी-डंडों से की पिटाई</title>
		<link>https://newsx24.com/lethal-attack-on-police-personnel-in-delhi-chili-powder-thrown-in-eyes-before-being-beaten-with-sticks-and-batons/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 05:34:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[police]]></category>
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					<description><![CDATA[दिल्ली &#160;बाहरी दिल्ली में भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर स्थित जनता विहार में पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी के दौरान हमला करने का मामला सामने आया है। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से 17 वर्षीय किशोर को पकड़ लिया, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य लोग फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दिल्ली</strong><br />
&nbsp;बाहरी दिल्ली में भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर स्थित जनता विहार में पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी के दौरान हमला करने का मामला सामने आया है। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से 17 वर्षीय किशोर को पकड़ लिया, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य लोग फरार हो गए।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को करीब 3 बजे बीट स्टाफ के हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और हेड कॉन्स्टेबल राजेश जनता विहार में गश्त कर रहे थे। जांच के दौरान उन्हें एक मोटरसाइकिल मिली, जिसके वैध दस्तावेज नहीं थे। नियमानुसार बाइक को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 66 के तहत थाने में जमा कराया गया।</p>
<p><strong>पुलिस ने जब्त कर ली थी मोटरसाइकिल</strong><br />
दरअसल, इलाके के बीट स्टाफ हेड कॉन्स्टेबल दिनेश और हेड कॉन्स्टेबल राजेश पेट्रोलिंग और चेकिंग कर रहे थे। पुलिस ने बिना वैध दस्तावेज वाली एक मोटरसाइकिल को जब्त कर थाने में जमा कर लिया। दोपहर करीब 3:30 बजे बाइक मालिक और उसके परिवार के कुछ लोग पुलिसकर्मियों की कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे।&nbsp;</p>
<p><strong>आखों में मिर्च का पाउडर डालकर ईंट-डंडों से पीटा</strong><br />
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और ईंट-डंडों से हमला किया। मदद के लिए पहुंचे हेड कॉन्स्टेबल टीनू पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया। हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। सभी घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।&nbsp;</p>
<p><strong>पुलिस ने नाबालिग को पकड़ा, अन्य मौके से फरार</strong><br />
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से मौके से 17 वर्षीय एक नाबालिग को पुलिस ने पकड़ा है। घटना के बाद अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। मुख्य फरार आरोपी सुनील उर्फ पंकज इलाके का BC (Bad Character) है।</p>
<p><strong>आरोपियों में पहले से 5 अपराधिक मामले दर्ज</strong><br />
पुलिस के मुताबिक, सुनील के खिलाफ पहले से 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें NDPS के 2 मामले भी शामिल हैं। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।</p>
<p><strong>खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज</strong><br />
दिल्ली पुलिस की टीम अब आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई है। इसके लिए अलग से टीम बनाई गई है। पुलिस की टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है। साथ ही नाबालिग लड़के को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।&nbsp;</p>
<p><strong>आखिर किसकी है जब्त की गई बाइक?</strong><br />
पुलिस की टीम ये भी पता लगा रही है कि आरोपियों के पास से जब्त की गई बाइक किसकी है। आखिर इस बाइक लेकर ये आरोपी इतने उग्र क्यों हो गए।</p>
<p><strong>पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला</strong><br />
बताया कि करीब साढ़े तीन बजे दोनों पुलिसकर्मी बीट पर लौटे तो बाइक मालिक और उसके परिवार के कुछ सदस्य वहां पहुंच गए। पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और ईंट व डंडों से हमला कर दिया।</p>
<p><strong>हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए</strong><br />
वहीं, सहायता के लिए पहुंचे हेड कॉन्स्टेबल टीनू पर भी हमला किया गया। तीनों पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि दिनेश के सिर में चोट लगी है।</p>
<p>इस मामले में एफआईआर संख्या 537/26 दर्ज की गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। मुख्य आरोपी सुनील उर्फ पंकज इलाके का बीसी है और उसके खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दो एनडीपीएस और गंभीर अपराधों से जुड़े हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>दिल्ली में स्वाइन फ्लू का कहर, 24 घंटे में 114 नए मामले; संक्रमितों का आंकड़ा 1777 पहुंचा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 09:21:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Swine flu]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 114 नए मामले की पुष्टि हुई है। अब तक कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1777 तक पहुंच चुकी है, जो पिछले साल आए 229 मामलों की तुलना में सात से आठ गुना ज्यादा है। डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन फ्लू का स्ट्रेन हर कुछ सालों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 114 नए मामले की पुष्टि हुई है। अब तक कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1777 तक पहुंच चुकी है, जो पिछले साल आए 229 मामलों की तुलना में सात से आठ गुना ज्यादा है। डॉक्टरों का कहना है कि स्वाइन फ्लू का स्ट्रेन हर कुछ सालों में बदलता रहता है, जिससे इम्यूनिटी कम हो जाती है। जिस तेजी से एसी का इस्तेमाल बढ़ा है, उससे संक्रमण को फैलने में भी मदद मिल रही है। पहले यह संक्रमण सर्दी में ज्यादा फैलता था।</p>
<p>अब इसलिए, कोविड की तरह यह भी वायरल इन्फेक्शन है और इसमें भी हैंड हाइजीन और मास्क बचाव के बेहतर उपाय हैं। एम्स के इंटरनल मेडिसिन विभाग के डॉ. नीरज निश्चल ने बताया कि मॉनसून के दौरान मौसम में लगातार बदलाव, घरों और बंद जगहों पर लोगों की अधिक भीड़, एसी का ज्यादा इस्तेमाल और हवा का ठीक से बाहर न निकलना इन्फ्लुएन्जा के संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है।</p>
<p><strong>हर उम्र के लोग हो रहे संक्रमित</strong><br />
इस साल स्वाइन फ्लू का संक्रमण छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी को संक्रमित कर रहा है। आम लोगों के साथ सफदरजंग और एम्स के अलावा दूसरे हॉस्पिटल के डॉक्टर और स्टाफ भी संक्रमित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>ज्यादातर मामले स्वाइन फ्लू के</strong><br />
मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. रोमेल टिक्कू ने ने कहा कि अभी फीवर के ज्यादा मरीजों में स्वाइन फ्लू ही मिल रहा है। जिन लोगों में तीन से चार दिनों तक फीवर रह जाता है, उन्हें जांच करानी चाहिए। अभी मामले में तेजी तो बहुत है, लेकिन रिकवरी बेहतर हो रही है।</p>
<p><strong>पहले से बीमार लोगों में ऑक्सिजन की कमीः बीएलके सुपर</strong><br />
स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी विभाग के एक्सपर्ट डॉक्टर संदीप नय्यर ने कहा कि लगातार ओपीडी में मरीज आ रहे हैं, वॉर्ड में हैं, आईसीयू में हैं, वेंटिलेटर पर कुछ मरीज है। जिनकी इम्यूनिटी कम है, उनमें बीमारी सीवियर हो रही है।</p>
<p><strong>किनके लिए खतरनाकः आरएमएल के सीनियर एक्सपर्ट डॉ.</strong><br />
सुभाष गिरी ने बताया कि यह वायरस कई बार निमोनिया कर देता है। जो लंग्स के मरीज हैं, हार्ट की बीमारी है, लिवर खराब है, किडनी या अन्य अंग का ट्रांसप्लांट हुआ है, इम्यूनिटी कमजोर है, स्टेरॉयड पर है, डायबिटीज, कैंसर है, उनमें संक्रमण खतरनाक हो जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>रेखा सरकार का बड़ा फैसला! 9वीं में तीसरी भाषा का R3 नियम वापस, 10वीं बोर्ड में लागू होंगे CBSE नियम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[CBSE]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली &#160;दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने अपने उस नियम को वापस ले लिया है, जिसमें कहा गया था कि यदि कोई छात्र कक्षा 9वीं में तीसरी भाषा (R3) के विषय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>&nbsp;दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने अपने उस नियम को वापस ले लिया है, जिसमें कहा गया था कि यदि कोई छात्र कक्षा 9वीं में तीसरी भाषा (R3) के विषय में पास नहीं होता है, तो उसे 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</p>
<p><strong>शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक नया नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि अब इस मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा जारी किए गए नियम और गाइडलाइंस को ही फॉलो किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>क्या था पूरा मामला और क्यों परेशान हुए छात्र?</strong><br />
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE 2023) के तहत सीबीएसई ने तीन-भाषा नीति लागू की है। इसके तहत 9वीं कक्षा से छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी अनिवार्य हैं, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।</p>
<p>17 अगस्त को दिल्ली शिक्षा विभाग ने कक्षा 9वीं की परीक्षा और प्रमोशन नीति का एक सर्कुलर जारी किया था। जिसमें लिखा था कि जो छात्र 9वीं में तीसरी भाषा (R3) में फेल होंगे, उन्हें 10वीं कक्षा में प्रमोट तो कर दिया जाएगा, लेकिन जब तक वे R3 विषय को पास नहीं कर लेते, तब तक उन्हें 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।</p>
<p>दूसरी ओर, सीबीएसई के 10 जुलाई वाले सर्कुलर में यह कहा गया था कि R3 का मूल्यांकन पूरी तरह से स्कूल के इंटरनल असेस्मेंट के जरिए होगा। छात्र को पासिंग सर्टिफिकेट पाने के लिए R3 पास करना होगा, लेकिन R3 में अंक कम होने या पास न होने पर छात्र को 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने से रोका नहीं जाएगा। दोनों सर्कुलर के बीच इस विरोधाभास के कारण छात्रों और उनके माता-पिता के बीच काफी परेशान थे।</p>
<p><strong>सीबीएसई के नियम ही होंगे लागू</strong><br />
अब दिल्ली सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि तीसरी भाषा (R-3) को लेकर पूरी तरह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नियम ही लागू होंगे। कक्षा 9 और 10 के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। तीसरी भाषा (R-3) का मूल्यांकन केवल स्कूल स्तर पर इंटरनल असेसमेंट के माध्यम से होगा। कक्षा 10 में तीसरी भाषा के लिए अलग से बोर्ड परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। R-3 में मिले अंक छात्र के फाइनल सीबीएसई सर्टिफिकेट पर जरूर दिखेंगे, लेकिन ये अंक 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी नहीं हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>दिल्ली में SIR की समयसीमा फिर बढ़ी, अब 31 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची</title>
		<link>https://newsx24.com/sir-timeline-extended-again-in-delhi-draft-voter-list-to-be-released-on-august-31/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 05:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;नई दिल्ली दिल्ली में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम के शेड्यूल में एक बार फिर बदलाव किया है. दिल्ली में SIR की समय सीमा तीसरी बार एक सप्ताह के लिए बढ़ाई गई है. दूसरी बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद से डिजिटलाइजेशन के काम की रफ्तार धीमी हुई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;नई दिल्ली</strong><br />
दिल्ली में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम के शेड्यूल में एक बार फिर बदलाव किया है. दिल्ली में SIR की समय सीमा तीसरी बार एक सप्ताह के लिए बढ़ाई गई है. दूसरी बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद से डिजिटलाइजेशन के काम की रफ्तार धीमी हुई है. शुरुआती हफ्तों में काम तेजी से चल रहा था, लेकिन बाद में इसकी गति प्रभावित हुई.</p>
<p>दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, अब ड्राफ्ट मतदाता सूची 24 अगस्त के बजाय 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी. संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय मिलेगा.</p>
<p>मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. वहीं, इन दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 31 अगस्त से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगी.</p>
<p>इससे पहले घर-घर जाकर फॉर्म जमा करने और उनका सत्यापन करने का गणना चरण (Enumeration Phase) 17 अगस्त 2026 को समाप्त हो चुका है.</p>
<p>अगर किसी मतदाता का नाम 31 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आता है या उसके विवरण में कोई गलती है, तो वह निर्धारित अवधि के दौरान दावा या सुधार के लिए आवेदन कर सकेगा. मतदाता अधिक जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए चुनाव आयोग के आधिकारिक Voters&#039; Service Portal पर जा सकते हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>रक्षाबंधन पर तीन दिन की छुट्टी, दिल्ली-NCR से जयपुर, आगरा और पहाड़ों की ओर बढ़ी बुकिंग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 15:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Three-day holiday]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली &#160;रक्षाबंधन इस बार शुक्रवार को पड़ रहा है। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से लोगों को लगातार तीन दिन का ब्रेक मिल रहा है। ऐसे में लोग इस ब्रेक का पूरा फायदा उठाने की सोच रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर के आसपास के फार्म हाउस, हिल स्टेशन व &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
&nbsp;रक्षाबंधन इस बार शुक्रवार को पड़ रहा है। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से लोगों को लगातार तीन दिन का ब्रेक मिल रहा है। ऐसे में लोग इस ब्रेक का पूरा फायदा उठाने की सोच रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर के आसपास के फार्म हाउस, हिल स्टेशन व अन्य घूमने फिरने की ऐतिहासिक जगहों में काफी अधिक बुकिंग हो रही है। रक्षाबंधन पर रिस्ट्रिक्टेड हॉलीडे (आरएच) रहता है।</p>
<ul>
<li>इसका मतलब यह होता है कि साल में पड़ने वाले 33 आरएच में से कर्मचारी अपनी सहूलियत के हिसाब से कोई भी दो छुट्टियां ले सकते हैं।</li>
<li>महिलाएं ज्यादातर यह दो आरएच रक्षाबंधन और करवाचौथ पर लेती हैं।</li>
<li>इस बार तीन दिन की छुट्टी को देखते हुए कई परिवारों ने दिल्ली के आसपास घूमने का कार्यक्रम बनाया है।</li>
<li>कुछ लोगों की पहली पसंद जयपुर और आगरा जैसे डेस्टिनेशन हैं, जहां कम समय में जाकर लौटा जा सकता है।</li>
<li>वहीं, पहाड़ पसंद करने वाले लोग ऋषिकेश, देहरादून और मसूरी का रुख करने की तैयारी में हैं।</li>
<li>जिन लोगों ने लंबी यात्रा का प्लान नहीं बनाया है, वे दिल्ली-एनसीआर में ही एक दिन की आउटिंग की तैयारी कर रहे हैं।</li>
</ul>
<p><strong>तीन दिन की छुट्टी में राखी पर भाई-बहनों के साथ घूमने का प्लान</strong><br />
कई परिवारों के लिए यह छुट्टी भाई-बहन के साथ समय बिताने का मौका भी है। नौकरी और पढ़ाई के चलते अलग-अलग शहरों में रहने वाले भाई-बहन राखी के मौके पर घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ परिवारों ने घर पर राखी समारोह के बाद साथ में लंच या डिनर का कार्यक्रम बनाया है। डीएम ऑफिस में कार्यरत सुनीता यादव ने बताया कि तीन दिन छुट्टी मिलने से इस बार त्योहार खास बन गया है। वह अपने और भाई के परिवार के साथ ऋषिकेश जा रही हैं। प्रेमलता ने बताया कि उन्होंने अपने भाई-भाभी के साथ वीकेंड ट्रिप की प्लानिंग की है। वह हरियाणा के एक फार्म हाउस जा रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>दिल्ली में SIR का डोर-टू-डोर चरण पूरा, 1.45 करोड़ वोटर्स में 67% फॉर्म जमा</title>
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		<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 13:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली &#160;राजधानी में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चरण-तीन के तहत घर-घर जाकर फॉर्म बांटने का काम सोमवार को पूरा हो गया। इस दौरान दिल्ली के 1.45 करोड़ वोटर्स को 100 प्रतिशत फॉर्म बंटे गए, लेकिन 67 प्रतिशत फॉर्म वापस जमा हो सके। 30 जून से प्रक्रिया शुरू हुई थी। दिल्ली के सभी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
&nbsp;राजधानी में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चरण-तीन के तहत घर-घर जाकर फॉर्म बांटने का काम सोमवार को पूरा हो गया। इस दौरान दिल्ली के 1.45 करोड़ वोटर्स को 100 प्रतिशत फॉर्म बंटे गए, लेकिन 67 प्रतिशत फॉर्म वापस जमा हो सके। 30 जून से प्रक्रिया शुरू हुई थी। दिल्ली के सभी 13 जिलों में आखिरी दिन तक कुल 97.47 लाख से अधिक फॉर्म ही डिजिटाइज हो पाए हैं, जो कुल डेटा का लगभग 67.18 प्रतिशत ही है।</p>
<p><strong>SIR के तहत डोर टु डोर वेरिफिकेशन हुआ पूरा</strong></p>
<ul>
<li>आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग जिलों के प्रदर्शन में काफी बड़ा अंतर देखने को मिलता है।</li>
<li>सबसे बेहतर प्रदर्शन के साथ बाहरी उत्तर जिला टॉप पर है, जहां 75.68 प्रतिशत फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है।</li>
<li>वहीं, सबसे खराब स्थिति साउथ-ईस्ट जिले की है, जो महज 56.32 फीसदी डिजिटाइजेशन के साथ सबसे निचले पायदान पर है।</li>
<li>डिजिटाइजेशन की इस रफ्तार में सबसे आगे और सबसे पीछे रहने वाले जिलों के बीच 19 प्रतिशत से भी अधिक का फासला दर्ज किया गया है।</li>
<li>राजधानी के कई बड़े और अहम इलाकों में भी डेटा एंट्री की रफ्तार औसत से काफी कम रही।</li>
<li>नई दिल्ली जिले में केवल 60.76 प्रतिशत और साउथ दिल्ली में 61.32 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटल हो सके हैं।</li>
<li>सेंट्रल और नॉर्थ जिलों का हाल भी कुछ ऐसा ही है, जहां काम की रफ्तार 62 से 64 फीसदी के आसपास फॉर्म जमा हुए।</li>
<li>दूसरी ओर, वेस्ट, साउथ-वेस्ट, नॉर्थ-वेस्ट और नॉर्थ-ईस्ट जिलों ने बेहतर काम करते हुए 70 प्रतिशत से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया है।</li>
<li>नॉर्थ-ईस्ट जिला 18.70 लाख से ज्यादा मतदाताओं के साथ दिल्ली का सबसे बड़ा जिला है, जहां 13.27 लाख से अधिक फॉर्म का डेटा सिस्टम में दर्ज किया जा चुका है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
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		<title>दिल्ली में बदलेगा सरकारी कर्मचारियों का अटेंडेंस सिस्टम, फेस रिकग्निशन और रियल टाइम लोकेशन से होगी हाजिरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 09:21:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Attendance system]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली दिल्ली सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों के अटेंडेंस सिस्टम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर फील्ड ड्यूटी करने वाले अधिकारियों की हाजिरी के लिए आधार-इनेबल्ड फेस रिकग्निशन सिस्टम लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत मोबाइल आधारित बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को फेस रिकग्निशन एप्लीकेशन और रियल टाइम जियो-लोकेशन से जोड़ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
दिल्ली सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों के अटेंडेंस सिस्टम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर फील्ड ड्यूटी करने वाले अधिकारियों की हाजिरी के लिए आधार-इनेबल्ड फेस रिकग्निशन सिस्टम लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत मोबाइल आधारित बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को फेस रिकग्निशन एप्लीकेशन और रियल टाइम जियो-लोकेशन से जोड़ने का प्रस्ताव है। फिलहाल आईटी ब्रांच को इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।</p>
<ul>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; दरअसल, विभिन्न विभागों के जिला कार्यालयों और विभागीय संस्थानों से मौजूदा बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को लेकर एक बैठक हुई है।</li>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; बैठक में सामने आया है कि बार-बार रिमाइंडर के बाद भी कई जिले के कई कार्यालयों, संस्थानों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस रिपोर्ट नहीं आ रही है।</li>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; इसके दो कारण सामने आए। पहला अधिकारियों ने बताया कि कई जगह बायोमीट्रिक मशीनें बार-बार खराब हो रही हैं।</li>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; दूसरा फील्ड ड्यूटी करने वाले अधिकारियों के लिए केवल ऑफिस में लगी बायोमीट्रिक मशीन के आधार पर अटेंडेंस दर्ज करना प्रैक्टिकल नहीं है।</li>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; इसके चलते कई अधिकारियों और कर्मचारियों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस रिपोर्ट भी नहीं आ रही है।</li>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; प्रस्तावित अटेंडेंस सिस्टम को फेस रिकग्निशन एप्लीकेशन के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा।</li>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; इसमें चेहरे की पहचान के जरिए कर्मचारी की पहचान सत्यापित करने के साथ ही उसकी रियल टाइम जियो-लोकेशन भी दर्ज की जा सकेगी।</li>
<li>&nbsp;&nbsp;&nbsp; इससे फील्ड में ड्यूटी कर रहे अधिकारी की मौजूदगी और अटेंडेंस को ज्यादा बेहतर तरीके से सत्यापित किया जा सकेगा।</li>
</ul>
<p><strong>CCTV की निगरानी में रहेंगी बायोमीट्रिक मशीनें</strong><br />
केयरटेकिंग ब्रांच के मुताबिक अलग-अलग कार्यालयों से मशीनों में खराबी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सर्विस इंजीनियर की जांच में कुछ मशीनों के अंदर पानी पहुंचने की बात भी सामने आई है, जबकि जांच में पता चला कि आसपास पानी का कोई सोर्स नहीं है। इससे मशीनों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की भी आशंका जताई गई है। इस वजह से अब सभी जिला कार्यालयों, संस्थानों और मुख्यालय में लगी मशीनों को सीसीटीवी निगरानी में रखने का फैसला किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>Delhi SIR: तुगलकाबाद और ओखला में सबसे ज्यादा वोट कटने का खतरा, सिर्फ 52% और 54.66% फॉर्म जमा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Aug 2026 07:12:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का प्रोसेस पूरा हो चुका है. प्रदेश में करीब 47 लाख मतदाता गैर-हाजिर या मृत कैटेगरी में शामिल किए गए हैं. इसका मतलब ये हुआ कि वे दिल्ली के मतदाता नहीं है. दिल्ली में अब तक 1 करोड़ 45 लाख 10 हजार 299 मतदाता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का प्रोसेस पूरा हो चुका है. प्रदेश में करीब 47 लाख मतदाता गैर-हाजिर या मृत कैटेगरी में शामिल किए गए हैं. इसका मतलब ये हुआ कि वे दिल्ली के मतदाता नहीं है. दिल्ली में अब तक 1 करोड़ 45 लाख 10 हजार 299 मतदाता थे. अब तक SIR के तहत 97 लाख 47 हजार 879 का फॉर्म जमा हुआ है. यानी दिल्ली में 67.18 फीसदी <strong>मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा कराए हैं।&nbsp;</strong></p>
<p>अब अगर SIR के तीसरे चरण यानी 30 जून से 17 अगस्त की प्रक्रिया पर नजर डाली जाए, तो पता चलता है कि दिल्ली में सबसे कम तुगलकाबाद विधानसभा में मतदाताओं ने फॉर्म जमा कराए. यानी इस विधानसभा में महज 52 फीसदी मतदाताओं ने ही फॉर्म जमा किया. बाकी करीब 48 फीसदी गायब पाए गए।&nbsp;</p>
<p>वहीं, दूसरे नंबर पर मुस्लिम बहुल विधानसभा ओखला है, जहां 54.66 फीसदी मतदाता ही अपना फॉर्म जमा करा पाए. तीसरे नंबर पर कस्तूरबा नगर और कालकाजी विधानसभा सीटें हैं, जहां 56 फीसदी और 57 फीसदी लोगों ने फॉर्म जमा कराए. यानी दक्षिणी-पूर्व जिले में 15 लाख 57 हजार 289 मतदाता थे जबकि सिर्फ 8 लाख 77 हजार 64 मतदाता ही फॉर्म जमा करा पाए. इसका मतलब, विधानसभा क्षेत्र के सिर्फ 56.32 फीसदी मतदाता ही फॉर्म जमा करा पाए।&nbsp;</p>
<p><strong>इन इलाकों में सबसे ज्यादा नाम कटने का खतरा!&nbsp;</strong><br />
दिल्ली के ओखला और तुगलकाबाद जैसे इलाकों में बड़ी तादाद में छात्र, कामकाजी लोग और प्रवासी मजदूर रहते हैं. ओखला में बड़ी तादात में जामिया के छात्र किराए पर रहते हैं जबकि तुगलकाबाद में फरीदाबाद बॉर्डर पर काम करने वाले प्रवासी मजदूर है।&nbsp;</p>
<p>जानकारों का कहना है कि इसी के चलते सबसे ज्यादा तुगलकाबाद और ओखला विधानसभा में वोटर्स अपने फॉर्म नहीं जमा पाए. ओखला विधानसभा से अमानतउल्लाह खान विधायक हैं और तुगलकाबाद विधानसभा से सहीराम पहलवान विधायक हैं. गौर करने वाली बात है कि दोनों नेता आम आदमी पार्टी के हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>दिल्ली में सबसे ज्यादा फॉर्म कहां भरे गए?</strong><br />
एसआईआर की प्रक्रिया के तहत सबसे ज्यादा मतदाता फॉर्म आउटर नॉर्थ यानी बाहरी उत्तरी क्षेत्र में भरे गए. इस इलाके में 75.68 फीसदी मतदाताओं के फॉर्म जमा हुए. इलाके में कुल 8 लाख 32 हजार 510 रजिस्टर्ड वोटर्स में से 6 लाख 30 हजार 30 मतदाताओं के फॉर्म जमा हुए. बाहरी उत्तरी जिले में नरेला, बवाना और बादली जैसे विधानसभा क्षेत्र हैं. लेकिन दिल्ली में रोहिणी और शरीर बस्ती ऐसी विधानसभाएं हैं, जहां सबसे ज्यादा मतदाओं ने अपने फॉर्म जमा कराए. रोहिणी विधानसभा में 1 लाख 50 हजार 398 मतदाताओं में से 1 लाख 25 हजार 470 लोगों ने फॉर्म जमा कराए. वहीं, दूसरे नंबर पर शरीर बस्ती विधानसभा रही, जहां पर 80 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने फॉर्म जमा कराया।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>कैग की रिपोर्ट में डीडीए पर सवाल, 39 हजार से ज्यादा फ्लैट खाली और करोड़ों रुपये फंसे</title>
		<link>https://newsx24.com/cag-report-questions-dda-over-39000-flats-vacant-and-crores-of-rupees-tied-up/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Aug 2026 13:00:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[CAG report]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली दिल्ली विकास प्राधिकरण ( DDA ) के कामकाज पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने सवाल उठाए हैं। खासकर आवास योजनाओं और फ्लैटों की बिक्री में कमियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली सरकार को भुगतान करने के बाद भी कुछ अधिग्रहित जमीन का भौतिक कब्जा डीडीए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
दिल्ली विकास प्राधिकरण ( DDA ) के कामकाज पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने सवाल उठाए हैं। खासकर आवास योजनाओं और फ्लैटों की बिक्री में कमियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली सरकार को भुगतान करने के बाद भी कुछ अधिग्रहित जमीन का भौतिक कब्जा डीडीए ने नहीं लिया।</p>
<p><strong>2017 के बाद 10 आवास योजनाएं शुरू कीं</strong><br />
पिछले सप्ताह संसद में पेश रिपोर्ट के मुताबिक, 2017-18 से 2021-22 की लेखा परीक्षा अवधि में डीडीए ने अलग-अलग इलाकों में कई तरह के मकान और फ्लैट बेचने के लिए 10 आवास योजनाएं शुरू कीं। रिपोर्ट में कहा गया कि पुरानी सूची को अलग-अलग आवास योजनाओं में बिक्री के लिए रखा गया। वहीं, पिछली योजनाओं में फ्लैट लौटाने और रद्द होने के कारणों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।</p>
<p><strong>बुनियादी सुविधाओं के बिना योजनाएं शुरू करने का आरोप</strong><br />
कैग ने कहा कि आवास योजनाओं में पेश किए गए फ्लैटों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध है या नहीं, यह सुनिश्चित किए बिना ही योजनाएं शुरू कर दी गईं। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 के बाद शुरू की गई 10 आवास योजनाओं में डीडीए ज्यादातर फ्लैट बेच नहीं पाया।</p>
<p>&nbsp;&nbsp;&nbsp; 31 मार्च 2024 तक डीडीए के पास कुल 39,904 फ्लैट खाली थे। इनमें 38,576 फ्लैट यानी 96.7 प्रतिशत निम्न आय वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के थे। इन फ्लैटों की बिक्री से मिलने वाली करीब 4,983 करोड़ रुपये की रकम भी फंसी हुई है।<br />
&nbsp;&nbsp;&nbsp; कैग की रिपोर्ट में डीडीए के पास मौजूद बिना बिके पार्किंग गैरेज का भी जिक्र है। इनके कारण कम से कम 78.4 करोड़ रुपये का राजस्व नहीं मिल पाया।</p>
<p><strong>नरेला में जमीन का कब्जा नहीं लिया</strong><br />
लेखा परीक्षा के दौरान कैग ने नरेला में जमीन अधिग्रहण को लेकर भी कमी बताई। 2017-18 तक कुल 2,689 हेक्टेयर अधिग्रहित जमीन में से 419.6 हेक्टेयर का भौतिक कब्जा डीडीए ने नहीं लिया था। अधिग्रहित जमीन के कुछ हिस्से 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों के तहत समाप्त हो गए थे। इसके बावजूद डीडीए ने दिल्ली सरकार को भुगतान किया था।</p>
<p><strong>भुगतान के बाद जमीन का क्या हुआ?</strong><br />
कैग ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसे मामलों की मौजूदा स्थिति की जानकारी नहीं मिली। यह भी पता नहीं चल सका कि भुगतान की गई रकम डीडीए को वापस की गई या जमीन का भौतिक कब्जा बाद में डीडीए को सौंपा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जानकारी के अभाव में लागत संबंधी रिकॉर्ड में दर्ज जमीन के भंडार की वास्तविकता की पुष्टि नहीं की जा सकी।</p>
<p><strong>मंत्रालय ने बताया कानूनी रास्ता अपना रहा डीडीए</strong><br />
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि डीडीए अदालतों में जमीन के अधिकार खत्म होने को चुनौती देकर कानूनी रास्ता अपना रहा है। कैग ने इस जवाब पर कहा कि इसे इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए देखा जाना चाहिए कि नरेला में अधिग्रहित पूरी जमीन का कब्जा डीडीए ने वास्तव में नहीं लिया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
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