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	<title>Akhilesh Yadav &#8211; NewsX 24</title>
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	<title>Akhilesh Yadav &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>हम अहीरों के हरवाह नहीं, ठेकेदार बनना बंद कीजिए- अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का हमला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 16:28:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[OP Rajbhar attacks]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ &#160;सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पिछड़ों का नेता बनना है तो उन्हें &#8216;पीट देगा अहीर&#8217; की भावना से बाहर निकलना पड़ेगा। &#8216;CM पिता की बदौलत ऑस्ट्रेलिया घूमने की बधाई&#8217;- ओपी राजभर ओपी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>लखनऊ</strong></p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पिछड़ों का नेता बनना है तो उन्हें &lsquo;पीट देगा अहीर&rsquo; की भावना से बाहर निकलना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify">&lsquo;CM पिता की बदौलत ऑस्ट्रेलिया घूमने की बधाई&rsquo;- ओपी राजभर<br />
ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, &ldquo;अखिलेश यादव जी! आपका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें आप बता रहे हैं कि आपको खुद याद नहीं कि आप कितनी बार फेल हुए हैं।&quot;</p>
<p style="text-align:justify">राजभर ने कहा कि एक इंटरव्यू में आपने ही बताया था कि आप सिर्फ एक विषय में पास हुए, बाकी में फेल हो गए थे। उन्होंने कहा कि आपके पिता CM थे, इसके चलते आप ऑस्ट्रेलिया घूम आए, उसके लिए आपको बधाई, लेकिन आपके इतिहास में एक सच्चाई भी छुपी है। सच्चाई ये है कि आप सिर्फ एक बार पास होंगे, बाकी हर बार फेल हुए।&rdquo;</p>
<p style="text-align:justify"><strong>&lsquo;फेल होने पर भी बन गए CM&rsquo;- राजभर</strong></p>
<p style="text-align:justify">ओपी राजभर ने कहा, &ldquo;आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, इसलिए फेल होने पर भी आपको CM बना दिया गया। अगर आप सामान्य घर के अहीर होते तो गली-मोहल्ले में लठैत बनकर घूम रहे होते और किसी राजभर, मल्लाह, निषाद, बिंद, केवट, प्रजापति, मौर्य, कुर्मी, बंजारा, पाल, नाई, धोबी की पीठ पर लाठी मार रहे होते। उनकी जमीन कब्जा कर रहे होते।&rdquo;</p>
<p style="text-align:justify">राजभर ने गैर-यादव पिछड़ी जातियों के आरक्षण और उनके साथ कथित भेदभाव को लेकर भी सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज भी आपकी जाति के लोग हम लोगों को मार रहे हैं, धमका रहे हैं और जमीन कब्जा कर रहे हैं। सपा को तो चौधरी चरण सिंह जी की मेहरबानी से CM की कुर्सी मिल गई। ये कुर्सी लोगों की सेवा करने के लिए दिलाई गई थी, लेकिन आपने &lsquo;अहीर&rsquo; और &lsquo;अशफाक&rsquo; के चक्कर में सिर्फ गरीबों का आरक्षण खाने का काम किया।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>&lsquo;गैर-यादव पिछड़ा समाज सैफई परिवार की गुलामी नहीं करेगा&rsquo;</strong></p>
<p style="text-align:justify">ओपी राजभर ने कहा कि यूपी में सपा की चार बार सरकार बनी और इसमें सिर्फ और सिर्फ गैर-यादव पिछड़ों के आरक्षण पर डकैती डालने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि यकीन न हो तो अपने चाचा शिवपाल जी से पूछ लीजिएगा, वह खुद सच्चाई बता देंगे।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>&lsquo;हम आपके हरवाह नहीं हैं&rsquo;- राजभर</strong></p>
<p style="text-align:justify">राजभर ने कहा कि अखिलेश जी, आप और आपके स्वजातियों के आगे अब अगड़े भी पिछड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को उन पिछड़ी जातियों के बारे में सोचना पड़ेगा, जिन पर तीन दशक से उनके स्वजातियों ने अत्याचार किया है और उनके हक पर डकैती डाली है।<br />
राजभर ने कहा, &ldquo;अखिलेश जी, हम लोग अहीरों के हरवाह नहीं हैं। इसलिए हमारे ठेकेदार बनना बंद करिए। गैर-यादव पिछड़ा समाज सैफई परिवार की गुलामी नहीं करेगा।&rdquo;</p>
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		<title>अखिलेश यादव पर मंत्रियों का तीखा हमला, अनिल राजभर बोले- सपा के कहने से आरक्षण खत्म नहीं होगा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Aug 2026 16:50:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[पदोन्नति में आरक्षण बिल फाड़ने वालों को जनता नहीं भूली- मनोज पांडेय 2024 में संविधान और आरक्षण को लेकर विपक्ष ने फैलाया भ्रम, अब जनता नहीं होगी गुमराह लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है। श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग के मंत्री &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>पदोन्नति में आरक्षण बिल फाड़ने वालों को जनता नहीं भूली- मनोज पांडेय</strong></p>
<p style="text-align:justify"><strong>2024 में संविधान और आरक्षण को लेकर विपक्ष ने फैलाया भ्रम, अब जनता नहीं होगी गुमराह</strong></p>
<p style="text-align:justify"><strong>लखनऊ</strong><br />
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है। श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव के कहने से आरक्षण खत्म नहीं हो सकता है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने आरक्षण की व्यवस्था दी है। इस बात को देश और उत्तर प्रदेश की जनता जानती है। जनता समाजवादी पार्टी के असली चेहरे को पहचान चुकी है। वहीं मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बिल फाड़ने वालों को जनता भूली नहीं है। सत्ता हासिल करने के लिए विपक्ष को देश की जनता के सामने झूठ और असत्य परोसने से बाज आना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify">मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण का विषय जब संसद में आया था, तब बिल फाड़ने का काम किसने किया, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पिछड़े, अति-पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों ने समाजवादी पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया। 10 साल से सत्ता से बाहर होने की वजह से छटपटा रहे हैं। इसीलिए आज आरक्षण की बात कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>पिछड़ों के आरक्षण की सारी मलाई खा गए</strong><br />
अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी चार बार सत्ता में रही, लेकिन आप (अखिलेश यादव) पिछड़े वर्ग के आरक्षण की सारी मलाई खा गए। साथ ही अखिलेश यादव पर राजभर, निषाद, केवट, मल्लाह, साहनी, बिंद, ब्यार, प्रजापति, विश्वकर्मा, कुशवाहा, सैनी, मौर्य, पटेल और जाट समेत तमाम पिछड़ी जातियों के भी आरक्षण की मलाई खाने का आरोप लगाया।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>कान खोलकर सुन लें, आरक्षण खत्म नहीं होगा</strong><br />
मंत्री ने कहा कि चार बार की सरकार में पिछड़ी जातियों के आरक्षण को लूटकर सिर्फ अपने समाज को लाभ देने का काम किया है। जिसे पूरा उत्तर प्रदेश देखा और समझ चुका है। इसलिए कान खोलकर सुन लें, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के कहने से आरक्षण खत्म होने वाला नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>मंत्री मनोज पांडेय ने सपा अध्यक्ष पर साधा निशाना</strong><br />
मंत्री मनोज पांडेय ने आरक्षण, संविधान और परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता की याददाश्त इतनी कमजोर नहीं है कि वह यह भूल जाए कि पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े बिल को किन राजनीतिक दलों के सांसदों ने फाड़ने का काम किया था।&nbsp; 2024 के लोकसभा चुनाव में भी विपक्ष ने संविधान और आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया था, लेकिन अब देश की जनता इन बातों को समझ चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify">मंत्री ने कहा कि अगर किसी ने संविधान और आरक्षण का सम्मान किया है तो वह भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। देश और उत्तर प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है कि प्रदेश में आरक्षण का सबसे अधिक नुकसान किसने किया। उन्होंने वर्ष 1995 में पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके इतिहास को देखने से स्पष्ट हो जाएगा कि किसने पिछड़ों और दलितों के अधिकारों को छीनने का काम किया।</p>
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		<title>यूपी चुनाव से पहले अखिलेश का बड़ा दांव, सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवार उतार सकती है सपा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Jul 2026 04:42:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य की राजनीति में अब तक यह परिपाटी रही है कि दलितों की चुनावी हिस्सेदारी आमतौर पर केवल आरक्षित सीटों तक ही सीमित रखी जाती है. लेकिन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में यह अघोषित परिपाटी दम तोड़ सकती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong><br />
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य की राजनीति में अब तक यह परिपाटी रही है कि दलितों की चुनावी हिस्सेदारी आमतौर पर केवल आरक्षित सीटों तक ही सीमित रखी जाती है. लेकिन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में यह अघोषित परिपाटी दम तोड़ सकती है. अपने सामाजिक आधार को व्यापक बनाने और अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे को और अधिक मजबूत करने के लिए, समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी जातिगत रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की बड़ी योजना पर काम कर रही है।&nbsp;</p>
<p><strong>MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण से आगे का विस्तार</strong><br />
&nbsp;पार्टी के सूत्रों के अनुसार, यह कदम सपा के पारंपरिक मुस्लिम-यादव समर्थन आधार से आगे बढ़कर खुद को एक व्यापक सामाजिक गठबंधन के रूप में पेश करने का एक सोचा-समझा प्रयास है. यदि आंकड़ों पर नजर डालें, तो 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने सामान्य (अनारक्षित) सीटों पर एक भी दलित उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा था. उस दौरान सपा ने दलित वर्ग के उम्मीदवारों को केवल उत्तर प्रदेश की निर्धारित 84 सुरक्षित (SC) सीटों पर ही टिकट दिए थे (जिनमें से 2022 के चुनाव में सपा गठबंधन ने केवल 20 सीटें जीती थीं, जबकि एनडीए ने अधिकांश सीटें जीती थीं). इसके विपरीत, सपा ने 2017 और 2022 के चुनावों में सामान्य सीटों पर 100 से अधिक (लगभग 115 से 125) बड़ी संख्या में ओबीसी उम्मीदवारों (यादव, कुर्मी, शाक्य, मौर्य, सैनी, राजभर, निषाद आदि) को टिकट दिए थे. इसलिए, सामान्य सीटों पर दलित प्रत्याशी उतारना 2017 और 2022 के मुकाबले एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक रणनीतिक बदलाव होगा।&nbsp;</p>
<p><strong>लोकसभा चुनावों की सफलता से प्रेरणा</strong><br />
2022 के विधानसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने दलित उम्मीदवारों को मुख्य रूप से आरक्षित सीटों तक ही सीमित रखा था, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में फैजाबाद (अयोध्या) और मेरठ जैसी हाई-प्रोफाइल सामान्य सीटों पर दलित उम्मीदवारों (जैसे फैजाबाद से अवधेश प्रसाद) को उतारकर एक नई शुरुआत की गई थी. इस सफल प्रयोग से उत्साहित होकर सपा अब विधानसभा चुनाव में भी इसे दोहराना चाहती है. इस नई राजनीतिक रणनीति का मुख्य केंद्र पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश (अवध) बनेगा, जहाँ दलित बिरादरी की आबादी क्रमशः 23% और 25% है (जबकि पूरे राज्य में दलितों की कुल आबादी करीब 21% है) .</p>
<p>पार्टी का मानना है कि कठिन निर्वाचन क्षेत्रों और सामान्य सीटों पर भी दलित और ओबीसी उम्मीदवारों को नामांकित करने से, भाजपा विरोधी वोट एकजुट होंगे और पड़ोसी क्षेत्रों में एक लहर प्रभाव (Ripple Effect) पैदा होगा. सपा सूत्रों ने भाजपा के गढ़ सरोजिनीनगर का हवाला देते हुए बताया कि भले ही वहाँ पासी उम्मीदवार तुरंत न जीते, लेकिन उसकी उम्मीदवारी मलिहाबाद और बख्शी का तालब जैसे आसपास के निर्वाचन क्षेत्रों के समीकरणों को पूरी तरह प्रभावित कर सकती है. पार्टी ऐसी ही सीटों की पहचान कर रही है जहाँ यह रणनीति गेम-चेंजर साबित हो सकती है।&nbsp;</p>
<p><strong>बसपा के जनाधार में बिखराव&nbsp;</strong><br />
पिछले डेढ़ दशकों में बसपा के लगातार छिटकते जनाधार के कारण राज्य के दलित वोट बैंक में तेजी से बिखराव हुआ है. भाजपा ने पहले गैर-जाटव दलितों को साधकर इसका लाभ उठाया था, और अब 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा ने भी इस वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी की है. वर्तमान में भाजपा और सपा दोनों ही जाटव व गैर-जाटव वोटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की होड़ में हैं. सपा ऐसी सीटें तलाश रही है जहाँ उसके मूल वोट बैंक (यादव व मुस्लिम) के साथ दलितों की संख्या अधिक हो, जिससे जीत सुनिश्चित की जा सके. वहीं, दूसरी ओर भाजपा भी ऐसी सीटें चिह्नित कर रही है जहाँ अगड़े, अति पिछड़ों और दलितों का गठजोड़ एक अजेय समीकरण बना सके.सामान्य सीटों पर दलित जीत के ऐतिहासिक अपवादसामान्य सीटों पर दलितों का लड़ना और जीतना पूरी तरह नया नहीं है, हालांकि यह अब तक बहुत सीमित और प्रतीकात्मक रहा है. कांशीराम ने वर्ष 1991 में कांशीराम ने इटावा की सामान्य सीट से चुनाव जीता था।&nbsp;</p>
<p>वर्तमान लोकसभा में अयोध्या (फैजाबाद) से जीतने वाले अवधेश प्रसाद एक बड़ा उदाहरण हैं. इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों में किरेन रिजिजू (एसटी &#8211; अरुणाचल प्रदेश पश्चिम), चरणजीत सिंह चन्नी (एससी &#8211; जालंधर) और झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी जैसे नेता सामान्य सीटों से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।&nbsp;</p>
<p>सपा सूत्रों के अनुसार, उनका मुख्य ध्यान PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) संयोजन को और अधिक धार देना है, जिसने 2024 में शानदार परिणाम दिए थे. भाजपा ने सपा के इस कदम को खारिज करते हुए तीखा हमला बोला है. पार्टी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जब भी सपा सत्ता में थी, उसने दलितों के खिलाफ सबसे ज्यादा अत्याचार किए, उनकी जमीनों पर अतिक्रमण किया, बसपा प्रमुख मायावती का अपमान किया और दलित दिग्गजों के नाम पर रखे गए संस्थानों के नाम बदल दिए. भाजपा का दावा है कि दलित और ओबीसी आज भी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में शीर्ष पदों पर मजबूती से काबिज हैं।&nbsp;</p>
<p>वरिष्ठ पत्रकार और अन्य राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 1990 के दशक के सपा-बसपा गठबंधन के पतन के बाद दलितों और यादवों के बीच ऐतिहासिक तनाव रहे हैं. अखिलेश यादव इस अंतर को पाटने की कोशिश जरूर कर रहे हैं, लेकिन यह देखना बाकी है कि दलित इसे वास्तविक राजनीतिक पहुंच मानते हैं या सिर्फ चुनावी गणना. इस प्रकार, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सपा का यह नया प्रयोग उत्तर प्रदेश के पारंपरिक जातिगत समीकरणों को पूरी तरह नया आकार देने की क्षमता रखता है।&nbsp;</p>
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		<title>INDIA गठबंधन में तकरार! अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल आमने-सामने, बढ़ी सियासी गर्मी</title>
		<link>https://newsx24.com/friction-within-the-india-alliance-akhilesh-yadav-and-kc-venugopal-lock-horns-political-heat-rises/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jul 2026 13:33:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली नीट पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन और मांगों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता चाहे सड़क पर एक साथ दिख रहे हों लेकिन सदन के भीतर एक राय नहीं दिख रही है. आज दोपहर बारह बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तब हंगामा हो रहा था. अखिलेश यादव &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>नीट पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन और मांगों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता चाहे सड़क पर एक साथ दिख रहे हों लेकिन सदन के भीतर एक राय नहीं दिख रही है. आज दोपहर बारह बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तब हंगामा हो रहा था. अखिलेश यादव समेत सपा के सांसद भी अपनी आवाज उठा रहे थे और अपनी बात रखना चाहते थे. अखिलेश यादव अपनी बात कहना चाह रहे थे लेकिन स्पीकर ने कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल को बोलने के लिए कहा. उनके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू बोलने लगे. इससे पहले अखिलेश ने सदन में BJP और कांग्रेस के बीच किसी डील का दावा किया था।&nbsp;</p>
<p><strong>सपा और कांग्रेस में मतभेद</strong><br />
बता दें कि लोकसभा में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर बोलने का मौका सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस को दिए जाने पर भी अखिलेश नाराज हो गए थे. स्पीकर ओम बिरला के सामने आपत्ति जताते हुए अखिलेश ने कहा कि आपने बीजेपी-कांग्रेस को बोलने का मौका दिया, क्या आपने इनसे समझौता कर लिया. अध्यक्ष जी, यह पक्ष बिल्कुल ठीक नहीं है. ये युवा-छात्र हम सभी के हैं. हम सभी उनके लिए लड़ रहे हैं. ये मामला बीजेपी, कांग्रेस या सपा का नहीं बल्कि छात्रों का है. अब केसी वेणुगोपाल के साथ उनकी तीखी बहस का मामला सामने आया है।&nbsp;</p>
<p><strong>अखिलेश और वेणुगोपाल के बीच तीखी बहस</strong><br />
सूत्रों के मुताबिक, इस दावे को लेकर केसी वेणुगोपाल ने अखिलेश से सवाल-जवाब किए. वहीं सपा मुखिया ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि इस्तीफे बाद में भी दिए जा सकते हैं. सबसे पहले, हमें छात्रों पर की गई बर्बरता के लिए जवाब चाहिए. इसी मुद्दे पर दोनों के बीच बहस हो गई।&nbsp;</p>
<p><strong>सदन में भी अखिलेश को आया गुस्सा</strong><br />
नीट मामले पर अखिलेश ने सदन में कहा था कि यह मामला कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या भाजपा का नहीं है, बल्कि यह नौजवानों और छात्रों का है. अगर छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो हम सड़कों पर आएंगे. उन्होंने विरोध प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया. सरकार ने छात्रों के साथ जैसा बर्ताव किया, उनके हाथ-सिर तोड़े गए, उनके कपड़े फाड़े गए</p>
<p><strong>&#039;पीएम आवास के बाहर भीड़ लेकर तो हम पहुंचे थे&#039;&nbsp;<br />
सूत्रों के अनुसार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी वेणुगो</strong>पाल और अखिलेश यादव के बीच बातचीत होती रही. वेणुगोपाल ने अखिलेश से पूछा कि इस्तीफे की मांग पर जोर क्यों नहीं दिया? उन्होंने आगे कहा कि यह तो छात्रों की मांग है जो हम यहां उठा रहे हैं. अखिलेश ने यह भी शिकायत की कि कांग्रेस के शीर्ष नेता अन्य विपक्षी दलों को बिना बताए और बिना उन्हें भरोसे में लिए कल पीएम आवास के बाहर धरने पर क्यों चले गए? जबकि पीएम आवास के बाहर भीड़ लेकर वही पहुंचे थे. इसके बाद अखिलेश यादव ने स्पीकर से मुलाकात भी की।&nbsp;</p>
<p><strong>कांग्रेस को मौका मिलने पर अखिलेश नाराज</strong><br />
इससे पहले, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सदन में नीट का विषय उठाया और व्यापक चर्चा की मांग की. इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सभी पक्षों की राय आ चुकी है. आप (समाजवादी पार्टी) भी चर्चा चाहते हैं, वे (कांग्रेस) भी चर्चा चाहते हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है. लेकिन इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।&nbsp;</p>
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		<title>समाजवादी परिवार में शोक की लहर: अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का निधन, लखनऊ में ली अंतिम सांस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 05:36:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव (38) का लखनऊ में निधन हो गया है. प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के छोटे बेटे थे. वे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव (38) का लखनऊ में निधन हो गया है. प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के छोटे बेटे थे. वे अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे।&nbsp;</p>
<p>प्रतीक यादव को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. वे बीजेपी लीडर अपर्णा यादव के पति थे. हालांकि, पिछले दिनों पति-पत्नी के बीच विवाद की भी खबरें आई थीं. हालांकि, मौजूदा वक्त में वे परिवार के साथ ही रह रहे थे लेकिन कहा जा रहा है कि पारिवारिक कलह जारी थी।&nbsp;</p>
<p>बीते कुछ दिनों से उनकी तबियत खराब थी और इलाज चल रहा था. आज यानी बुधवार को सुबह उन्हें हॉस्पिटल लाया गया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही यादव परिवार और समाजवादी पार्टी के समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।&nbsp;</p>
<p><strong>अपर्णा यादव के पति थे प्रतीक</strong><br />
प्रतीक यादव, बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे और राजनीतिक तौर पर लो-प्रोफाइल रहते हुए बिजनेस और फिटनेस सेक्टर से जुड़े थे. फिलहाल इस खबर को लेकर परिवार की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. मौत के कारणों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है और विस्तृत जानकारी का इंतज़ार किया जा रहा है।&nbsp;</p>
<p><strong>शरीर पर चोट के कोई निशान हीं</strong><br />
फिलहाल पुलिस मामले को गंभीरता से देख रही है. शव का पंचनामा किया जा रहा है और कुछ ही देर में डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा. सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मामला और रहस्यमय हो गया <strong>है।&nbsp;</strong></p>
<p><strong>फेफड़ों की समस्या से परेशान थे प्रतीक</strong><br />
अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी. जानकारी के मुताबिक प्रतीक लंबे वक्त से फेफड़ों की समस्या से परेशान थे. उनके लंग्स में क्लॉट था, जिसका इलाज मेदांता में चल रहा था. सुबह जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो वो रिएक्ट नहीं कर रहे थे. तभी तुरंत परिजन सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।&nbsp;</p>
<p><strong>KGMU में होगा पोस्टमार्टम<br />
प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम किं</strong>ग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों का पैनल करेगा, ताकि मौत की वजह साफ हो सके. बता दें कि 38 वर्षीय प्रतीक, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे थे।&nbsp;</p>
<p>&#8211; समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पोस्टमार्टम हाउस से निकलने के बाद प्रतीक यादव को लेकर एक भावुक बयान दिया. अखिलेश यादव ने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरूक था और हमेशा अपने बिजनेस में व्यस्त रहता था. उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक यादव से मुलाकात हुई थी, जिस दौरान उन्होंने प्रतीक को अपने काम पर ध्यान देने की सलाह दी थी।&nbsp;</p>
<p>&#8211; अखिलेश यादव ने प्रतीक यादव को एक &#039;बहुत अच्छा लड़का&#039; बताते हुए कहा कि वह परिवार के लिए हमेशा समर्पित रहा. बिजनेस के उतार-चढ़ाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार व्यापार में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से प्रभावित हो जाता है।&nbsp;</p>
<p>&#8211; अखिलेश ने यादव परिवार की एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस वक्त दुख में एक साथ खड़ा है. भविष्य की कार्रवाई के बारे में बात करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि परिवार जो भी फैसला करेगा, उसी के मुताबिक कानूनी रास्ते पर आगे बढ़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि जो भी परिवार कहेगा, उस पर ही आगे की प्रक्रिया और जांच की जाएगी।&nbsp;</p>
<p>&#8211; प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम लखनऊ में KGMU के डॉक्टरों का पैनल कर रहा है. जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम के लिए KGMU की डॉ. मौसमी और डॉ. शिवली के नाम तय किए गए हैं, जबकि एक सीनियर डॉक्टर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. पोस्टमार्टम से पहले वीडियोग्राफी की औपचारिक कार्रवाई पूरी कर ली गई है. अब कुछ ही देर में पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू की जाएगी. पूरे मामले को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।&nbsp;</p>
<p><strong>क्यों हुई मौत?</strong><br />
किस बीमारी की वजह से उनकी मौत हुई है यह पता नहीं चला है. कुछ वक्त पहले वे मेदांता में भर्ती किए गए थे. इस दौरान अपर्णा यादव और अखिलेश यादव मिलने भी पहुंचे थे. हालत स्थिर होने के बाद उन्हें वापस घर लाया गया था।&nbsp;</p>
<p>जिम करना, कई तरह की दवाइयां लेने जैसी बातें उन्हें लेकर कही जा रही थी. वे कुछ दिनों से पूरी तरह से स्वस्थ नहीं दिखाई दे रहे थे. लेकिन बीमारी जानलेवा हो सकती है, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।&nbsp;</p>
<p>प्रतीक यादव का शव अस्पताल में रखा हुआ है. मौके पर परिवार को लोग पहुंचे हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>जिम का बिजनेस</strong><br />
अपने परिवार की राजनीतिक बैकग्राउंड से दूर, प्रतीक यादव रियल एस्टेट और फिटनेस एंटरप्रेन्योरशिप के सेक्टर में काम करते थे. उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के लंदन स्थित लीड्स यूनिवर्सिटी से MBA किया था।&nbsp;</p>
<p>प्रतीक यादव फिटनेस फ्रीक थे. लखनऊ में उनके जिम का बिजनेस भी है. उन्हें जिम करने और फिट रहने का बहुत ज्यादा शौक था।&nbsp;</p>
<p>प्रतीक ने अब तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ा और न ही पार्टी में कोई बड़ा पद संभाला था. वे आम तौर पर सक्रिय राजनीति से दूर ही रहे. साल 2017 में दिए गए एक इंटरव्यू में यादव ने कहा था कि वह जब तक संभव हो सकेगा, राजनीति से दूर रहेंगे और अपने कारोबार पर ध्यान देंगे. हालांकि, पार्टी के अंदरूनी हलकों से कभी-कभार उनके चुनाव लड़ने की मांग उठती रही, लेकिन उन्होंने कभी भी सियासत में अपना करियर बनाने के बारे में नहीं सोचा।&nbsp;</p>
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		<title>लखनऊ में सपा मुखिया का चुनावी मोड, पीड़ित परिवार को 5 लाख की मदद का ऐलान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ &#160;उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। गाजीपुर दौरे से पहले इस कांड को लेकर उन्होंने यूपी का सियासी पारा चढ़ा दिया है। सोमवार को लखनऊ में बुलाई एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने गाजीपुर कांड के पीड़ित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ</strong></p>
<p>&nbsp;उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पूरी तरह चुनावी मोड में नजर आ रहे हैं। गाजीपुर दौरे से पहले इस कांड को लेकर उन्होंने यूपी का सियासी पारा चढ़ा दिया है। सोमवार को लखनऊ में बुलाई एक प्रेस कांफ्रेंस में सपा मुखिया ने गाजीपुर कांड के पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। इसी प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल टॉपर कशिश और इंटरमीडिएट टॉपर अंशिका वर्मा को आईपैड देकर सम्मानित भी किया।</p>
<p>अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सीमा राजभर और रामआश्रय विश्वकर्मा के नेतृत्व में गाजीपुर जाएगा। अखिलेश ने सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा पर गाजीपुर में माहौल खराब करने का आरोप लगाए जाने पर कहा कि उनका जवाब सीमा राजभर देंगी। अखिलेश ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को कहीं भी मौका मिल जाए तो सपाइयों पर गंभीर धाराएं लगाती है। असली पत्थरबाजों को तो छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की इमेज खराब करने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि हिन्दुस्तानियत के खिलाफ पैदा हुए खतरे से एकजुट होकर लड़ेंगे। पीडीए को सम्मान दिलाने में पीढ़ियां लग जाएं तब भी दिलाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वह एकतंत्री लोगों और संविधान न मानने वालों से लड़ेंगे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि पीडीए को उसका हक मिले। विजन इंडिया के तहत गाजियाबाद में किसानों को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने सपा की सरकार बनी तो यूपी में किसानों को 24 घंटे के अंदर भुगतान होगा। 15 हजार करोड़ का कार्पस फंड बनेगा। बुनकरों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।</p>
<p><strong>गाजीपुर कांड पर भाजपा को घेरा</strong><br />
अखिलेश यादव ने गाजीपुर कांड पर भाजपा की घेराबंदी करते हुए कहा कि इस कांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदली गई। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यूपी में महिलाओं-बेटियों के खिलाफ घटनाएं बढ़ी हैं। महिला सुरक्षा के सारे दावे फेल हुए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा से निवेदन है कि आग लगाना बंद करे। भाजपा की महिलाएं कह रही हैं कि जो आरक्षण देना है वो क्यों नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण देने के मामले पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने का बिल तो संसद में कबका पास हो चुका है। सरकार को तत्काल इसे लागू कर देना चाहिए लेकिन मोदी सरकार खुद महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है।</p>
<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं और डीजल-पेट्रोल-खाद का मुद्दा उठाया</strong><br />
अखिलेश यादव ने यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक भाजपा सरकार नहीं हटेगी सुधार नहीं होगा। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव खत्म होते ही सरकार डीजल-पेट्रोल और खाद के दाम बढ़ाएगी।</p>
<p><strong>एएमयू की तारीफ की</strong><br />
इस मौके पर अखिलेश यादव ने एमपी यादव की पुस्तक अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि एएमयू से बेहतरीन छात्र निकले हैं और वे आज पूरी दुनिया में हैं।</p>
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		<item>
		<title>अखिलेश यादव का बड़ा दांव: सपा सरकार बनी तो 300 यूनिट बिजली फ्री, महिलाओं को 40 हजार पेंशन</title>
		<link>https://newsx24.com/akhilesh-yadavs-big-bet-if-the-sp-government-is-formed-300-units-of-free-electricity-and-a-40000-pension-for-women-will-be-announced/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Apr 2026 09:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;लखनऊ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में बुंदेलखंड और अन्य जिलों से आए कार्यकर्ताओं के बीच भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की दिशा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;लखनऊ</strong></p>
<p>सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में बुंदेलखंड और अन्य जिलों से आए कार्यकर्ताओं के बीच भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए उन्होंने सालाना 40 हजार रुपये पेंशन देने का वादा भी किया. अखिलेश यादव ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए स्मार्ट मीटर और बढ़ती महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया, जिससे आम जनता त्रस्त है।&nbsp;</p>
<p><strong>स्मार्ट मीटर और बिजली बिल पर साधा निशाना</strong><br />
अखिलेश यादव ने बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है और बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है।&nbsp;</p>
<p><strong>सपा मुखिया ने दावा किया कि बिजली कंपनियों से एडवांस कमीशन लेने के कारण आम लोगों से अधिक वसूली की जा रही है, जिससे जनता में भारी गुस्सा है।&nbsp;</strong></p>
<p><strong>खाद की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रहार</strong><br />
पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने खाद की कमी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी उठाया. अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की ताकि 2027 में बदलाव लाया जा सके और समाजवादी नीतियों के जरिए महंगाई व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।&nbsp;</p>
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		<title>जिस दुकान पर अखिलेश यादव ने पी थी चाय, वहीं खाद्य विभाग का छापा—दुकानदार ने बंद की दुकान</title>
		<link>https://newsx24.com/food-department-raids-the-very-shop-where-akhilesh-yadav-had-tea-shopkeeper-shuts-down-business/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 14:21:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[फतेपुर यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासत अभी से तेज हो गई है। दो महीने पहले जिस दुकान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चाय पी थी, अब वहां खाद्य विभाग ने छापा मारा है। दुकानदार का आरोप है कि जब से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उसके यहां चाय पी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>फतेपुर</strong><br />
यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासत अभी से तेज हो गई है। दो महीने पहले जिस दुकान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चाय पी थी, अब वहां खाद्य विभाग ने छापा मारा है। दुकानदार का आरोप है कि जब से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उसके यहां चाय पी है तभी से उन्हें परेशान किया जा रहा है। कभी दबंग गाली-गलौज करके मारपीट करते हैं तो भी अधिकारी आए दिन आकर परेशान करते हैं और कई तरह के सवाल-जवाब करते हैं। दुकानदार ने अब चाय की दुकान को बंद कर दिया है। वजह कुछ भी हो लेकिन चाय की दुकान पर खाद्य विभाग की छापेमारी से सियासत गर्माने लगी है।</p>
<p style="text-align:justify">सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे स्थित एक चाय दुकान पर खाद्य विभाग ने छापेमारी की है। यह वही दुकान है जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीती 20 फरवरी को चाय पी थी। दुकानदार का आरोप है कि जब से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी दुकान में चाय पी है। उसके बाद से उनके साथ चीजें ठीक नहीं हो रही है। 15 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चौकी चौराहा स्थित शेषमणी यादव की चाय दुकान पर पहुंचकर निरीक्षण किया और चाय पत्ती का नमूना जांच के लिए भेज दिया। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि सपा प्रमुख को चाय पिलाने के चलते दुकानदार को निशाना बनाया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>अफसरों ने दुकानदार के आरोपों को किया खारिज</strong><br />
मामला सुर्खियों में आने के बाद सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि यह कार्रवाई एक अप्रैल को आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध है और विभाग के पास सीधे दुकान सीज करने का प्रावधान भी नहीं है। साथ ही उसी दिन अन्य स्थानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया था। बतादें कि 20 फरवरी को अखिलेश यादव जिले में आए थे। यहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के यहां आयोजित शादी कार्यक्रमो में हिस्सा लिया था। चौकी चौराहे से निकलते हुए चाय दुकान में चाय पी थी। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साक्षा की थी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>दुकानदार ने बंद क चाय की दुकान, बेटे ने फेसबुक पर लिखी पोस्ट</strong><br />
खाद्य विभाग की छापेमारी से परेशान होकर दुकानदार ने चाय क दुकान को बंद कर दिया। इसके बाद उसके बेटे आर्यन ने फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखी। जिसमें उसने कहा, मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद कर रहा हूं। मैं एक गरीब फैमिली से हूं। मैं आप सभी से यह कहना चाहता हूं कि जब से हमारी दुकान में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव जी ने चाय पी है तब से आए दिन दबंगों द्वरा हमारे साथ मारपीट, गाली-गलौज या फिर फूड सैंपल विभाग और अन्य विभाग के अधिकारी परेशान कर रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया के माध्यम से मैं सारे पत्रकार भाइयों एवं हमारे जिले के कप्तान अंकल को यह बताना चाहता हूं कि मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद रहा हूं क्यों मैं एक गरीब फैमिली से हूं जो कि हम लोग लड़ाई झगड़ा करने वाले लोगों में से नहीं है और न ही हम किसी से लड़ाई कर पाएंगे। हमें इतना ज्यादा परेशान कर दिया गया है कि हम अपना गांव घर दुकान सब छोड़कर जा रहे हैं। आप सभी को धन्यवाद।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>लोकसभा में अखिलेश बोले- भाजपा ‘नारी को नारा’ बनाने की कोशिश कर रही है</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 13:58:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने &#039;नारी को नारा बनाने&#039; की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने &#039;नारी को नारा बनाने&#039; की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन &#039;भाजपाई चालबाजी&#039; के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया, &#039;भाजपा इस (महिला) आरक्षण को लेकर नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही। लेकिन जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा, उनका मान-सम्मान कैसे रखेंगे। जिस मूल संगठन से आप निकले हैं, उसमें मान-सम्मान के लिए कितनी नारी हैं?&#039;</p>
<p>सपा सांसद ने कहा, हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है? सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालनी चाहती है, वह जाति जनगणना को टालना चाहती है और ऐसा कर वह आरक्षण को टालना चाहती है। उन्होंने सरकार पर आधी आबादी में मुस्लिम महिलाओं को नहीं गिनने का आरोप लगाते हुए कहा, &#039;हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़े और मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए।&#039; उन्होंने दावा किया कि भाजपा का असली लक्ष्य वोट हासिल करना और सत्ता में बने रहना है, इसलिए ये विधेयक लाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यही राजनीतिक चाल है कि जब पुराने लोग समझ जाते हैं तो वे नये लोगों को लक्षित करते हैं, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी।</p>
<p><strong>भाजपा की चंदा वसूली के कारण बढ़ी है महंगाई</strong><br />
कन्नौज से सपा सांसद ने सत्तारूढ़ दल पर यह भी आरोप लगाया, &#039;भाजपा की कमीशन खोरी और चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है उससे उनकी (महिलाओं की) रसोई सूनी हो गई है। रही-सही कसर सिलेंडर की कमी और बेतहाशा बढ़ती कीमतों ने पूरी कर दी है।&#039; उन्होंने एनसीआर और अन्य स्थानों पर वेतन वृद्धि को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं सहित कामगारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि यह विधेयक इतना ही सही है तो इसे मेरठ और नोएडा के कामगारों के बीच बैठकर घोषित किया जाए कि उनके लिए इसमें क्या-क्या किया जा रहा है।</p>
<p><strong>महिलाओं के बीच प्रतिस्पर्धा करा देगी भाजपा</strong><br />
सपा प्रमुख ने कहा कि परिसीमन के बाद उत्तर प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ कर यदि 600 हो रही है, तो कहीं उसमें कोई षडयंत्र तो नहीं है और यदि ऐसा है तो जैसे (भाजपा) अयोध्या में हारी, एक बार फिर उत्तर में हारेगी। उन्होंने महिलाओं के लिए लोकसभा या विधानसभा सीट सुरक्षित नहीं रखने का आग्रह करते हुए कहा कि ऐसा कर वह (भाजपा) महिलाओं के बीच ही प्रतिस्पर्धा करा देगी। उन्होंने पार्टी आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की मांग की और भाजपा की एक पूर्व सांसद पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए कहा, &#039;सास-बहू वाली तो हार गई हैं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।&#039; सपा सांसद ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी चक्रीय आधार पर महिला आरक्षण के खिलाफ है क्योंकि ऐसा होने पर कोई भी अपने क्षेत्र में जनता से ज्यादा भावनात्मक लगाव नहीं रखेगा।</p>
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		<title>अविमुक्तेश्वरानंद से मिले अखिलेश यादव, शंकराचार्य विवाद पर BJP के खिलाफ विपक्ष की घेराबंदी तेज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Mar 2026 14:11:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Akhilesh Yadav]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>लखनऊ</strong><br />
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद</strong><br />
उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली</strong><br />
कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद</strong><br />
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>अखाड़ों को लिखेंगे पत्र</strong><br />
शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए।</p>
<p style="text-align:justify">संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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