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	<title>Delhi EV Policy &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 लागू, 2030 तक 32 लाख इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर होंगे।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:06:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi EV Policy]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली &#160;ईवी पॉलिसी 2.0 के आने के बाद सरकार का अनुमान है कि 2030 तक सड़कों पर 31.83 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी। इसमें 77.17 फीसदी टूव्हीलर शामिल होंगी। इस अनुमानित संख्या के आधार पर सरकार ने अगले चार साल में 32 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने की भी योजना तैयार कर ली है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
&nbsp;ईवी पॉलिसी 2.0 के आने के बाद सरकार का अनुमान है कि 2030 तक सड़कों पर 31.83 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी। इसमें 77.17 फीसदी टूव्हीलर शामिल होंगी। इस अनुमानित संख्या के आधार पर सरकार ने अगले चार साल में 32 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने की भी योजना तैयार कर ली है।</p>
<p>नई ईवी पॉलिसी 2.0 के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान (15 जून 2026 तक) में कुल 9.89 लाख रजिस्टर्ड ई-गाड़ियां हैं। नई ईवी पॉलिसी में परिवहन विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले सालों में हर साल औसतन 7-8 लाख ई-गाड़ियां रजिस्टर्ड होंगी। इन चार सालों में 24.57 लाख ई-टूव्हीलर, 1.88 लाख फोरव्हीलर, 2.50 लाख ई-रिक्शा, 22,887 ई-ऑटो के अलावा अलग-अलग कैटेगरी के कामर्शियल या गुड्स व्हीकल रजिस्टर्ड होंगे।</p>
<p><strong>ईवी पॉलिसी 2.0 में हर साल 6-7 लाख गाड़ियां बढ़ेंगी</strong><br />
&nbsp; &nbsp; परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि चार्जिंग इंफ्रा की योजना भी पॉलिसी में तैयार की गई है।<br />
&nbsp; &nbsp; चार साल में 32 हजार चार्जिंग पॉइंट तैयार होंगे, जिसमें 8913 अभी मौजूद हैं।<br />
&nbsp; &nbsp; अगले चार साल में एक हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करके कुल 23 हजार से अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाए जाएंगे।<br />
&nbsp; &nbsp; बैटरी स्वैपिंग पॉइंट भी बनाए जाएंगे। ईवी पॉलिसी के अनुसार, कुल मौजूद इलेक्ट्रिक गाड़ियों में से 9.57 लाख गाड़ियों को पब्लिक चार्जिंग इंफ्रा की जरूरत पड़ेगी।<br />
&nbsp; &nbsp; कुल मौजूद ई-टूव्हीलर में से 25 फीसदी को पब्लिक चार्जिंग स्टेशन की जरूरत होगी।<br />
&nbsp; &nbsp; इसी तरह 25 फीसदी निजी ई-कार के लिए चार्जिंग पॉइंट की जरूरत होगी।<br />
&nbsp; &nbsp; 6-7 लाख गाड़ियां हर साल बढ़ेंगी ईवी पॉलिसी 2.0 में<br />
&nbsp; &nbsp; 32 हजार से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट बनाने की प्लानिंग कर रही सरकार अगले चार साल में<br />
&nbsp; &nbsp; सीएम ने कहा, पुरानी ईवी पॉलिसी की कमियों को दूर कर बनाया गया 2030 का रोडमैप<br />
&nbsp; &nbsp; 2030 तक दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ई-मोबिलिटी की दिशा में ले जाने की प्लानिंग</p>
<p><strong>कितनी खूबसूरत हैं रवीना टंडन की 21 साल की बेटी राशा, देखिए वीडिय</strong><br />
नई ईवी पॉलिसी जुलाई से होगी लागू<br />
नई ईवी पॉलिसी-2026 एक जुलाई से लागू हो जाएगी। सीएम आतिशी मार्लेना ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि 2030 तक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में ले जाना है। इसलिए नई नीति में ई-गाड़ी की खरीद के साथ बैटरी मैनेजमेंट, चार्जिंग पॉइंट इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का रोडमैप तैयार किया है।</p>
<p><strong>ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में अहम भूमिका निभाई</strong><br />
&nbsp; &nbsp; सीएम के मुताबिक, 2020 में लागू की गई पुरानी ईवी पॉलिसी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की शुरुआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि केवल प्रोत्साहन देकर ईवी की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं।<br />
&nbsp; &nbsp; इसी को ध्यान में रखते हुए नई ईवी पॉलिसी-2026 तैयार की गई है, जिसमें चार्जिंग इन्फ्रा के विस्तार, संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने का रोडमैप शामिल है।<br />
&nbsp; &nbsp; नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी जारी रहेगी।<br />
&nbsp; &nbsp; पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराने पर 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। साथ ही एक अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए दोपहिया गाड़ी सिर्फ इलेक्ट्रिक रजिस्टर्ड होंगे।<br />
&nbsp; &nbsp; थ्री व्हीलर के लिए भी प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।<br />
&nbsp; &nbsp; पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर 25 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक प्रोत्साहन मिलेगा</strong><br />
जनवरी 2027 से ई-ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों के रूप में किया जाएगा। पहली बार माल ढोने वाली गाड़ियों को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। एन-1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रकों पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी और पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने पर 50 हजार तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। शुरुआती एक हजार एन-2 इलेक्ट्रिक ट्रकों को नो-एंट्री समय में विशेष छूट मिलेगी। सरकार ने स्कूल ट्रांसपोर्ट को भी नीति का हिस्सा बनाया है। 2030 तक स्कूल बसों के बेड़े को 30 फीसदी इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>Delhi EV Policy 2.0: कार पर 1 लाख तक की छूट, 2030 तक रोड टैक्स मुक्त! जानिए नई पॉलिसी के फायदे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 14:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi EV Policy]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;नई दिल्ली Delhi EV Policy 2.0 Explained: दिल्ली की हवा में अब सिर्फ ठंडक नहीं, एक बेचैनी भी घुली है. सुबह का आसमान कई बार धुंध नहीं, धुएं की चादर ओढ़े मिलता है. सड़क पर भागती पुरानी गाड़ियां सिर्फ एक रास्ता नहीं तय कर रहीं, शहर की सांसें भी भारी कर रही हैं. ऐसे में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;नई दिल्ली</strong></p>
<p>Delhi EV Policy 2.0 Explained: दिल्ली की हवा में अब सिर्फ ठंडक नहीं, एक बेचैनी भी घुली है. सुबह का आसमान कई बार धुंध नहीं, धुएं की चादर ओढ़े मिलता है. सड़क पर भागती पुरानी गाड़ियां सिर्फ एक रास्ता नहीं तय कर रहीं, शहर की सांसें भी भारी कर रही हैं. ऐसे में सरकार ने नया दांव चला है. नाम है EV Policy 2.0. सीधी सब्सिडी की जगह अब फोकस है पुरानी, धुआं छोड़ती गाड़ियों को हटाने पर. मतलब साफ है. जो गाड़ी जितनी पुरानी, उस पर उतनी सख्ती. और जो इलेक्ट्रिक अपनाएगा, उसके लिए रास्ता उतना आसान होगा।&nbsp;</p>
<p>पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2020 की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी की दोबारा समीक्षा कर उसे अपडेट करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि पिछले पांच सालों में टेक्नोलॉजी और नीतियों में बड़े बदलाव हुए हैं, इसलिए अब एक नई और फ्रेश पॉलिसी की जरूरत है. सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार PM E-DRIVE स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (स्कूटर-बाइक) और थ्री-व्हीलर (ऑटो-ई-रिक्शा) पर मिलने वाली सब्सिडी को 31 मार्च 2026 के बाद भी बढ़ाने पर विचार कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार इस हफ्ते की शुरुआत में इस मामले की समीक्षा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में की गई है।&nbsp;</p>
<p>बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक हैवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री (MHI) की ओर से शुरू किया गया यह प्रस्ताव अब फाइनेंस मिनिस्ट्री के पास भेजा गया है. सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई समीक्षा बैठक के बाद इस पर आगे कार्रवाई की गई, जहां फंड के इस्तेमाल और इलेक्ट्रिक वाहनों के अलग-अलग सेगमेंट में अपनाने की रफ्तार पर चर्चा हुई।&nbsp;</p>
<p>इसी बीच दिल्ली बजट 2026 में रेखा गुप्ता सरकार ने राज्य के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (EV Policy 2.0) का खाका पेश किया है. जिसमें इन्सेंटिव से लेकर टैक्स छूट तक कुछ नए नियम प्रस्तावित हैं. तो आइये जानें क्या है दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी &#8211;</p>
<p><strong>क्या है दिल्ली की नई EV Policy</strong></p>
<p>दिल्ली सरकार द्वारा पेश की गई नई EV Policy 2.0 में अब सीधे सब्सिडी देने के बजाय पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने पर ज्यादा जोर दिया गया है. ताकि राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिल सके. दिल्ली सरकार ने नई पॉलिसी में पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को हटाने पर फोकस किया गया है. 2026 के बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस नई पॉलिसी का मकसद दिल्ली की सड़कों से पुरानी गाड़ियों को हटाकर प्रदूषण कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।&nbsp;</p>
<p>नई पॉलिसी में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सबसे ज्यादा फायदा उन्हीं लोगों को मिलेगा जो अपनी पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराएंगे. इसके लिए खरीदार को यह प्रमाण देना होगा कि उसने दिल्ली में रजिस्टर BS-IV या उससे पुरानी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को स्क्रैप कराया है. इसके बाद ही उसे ज्यादा इंसेंटिव मिलेगा<strong>।&nbsp;</strong></p>
<p><strong>नई पॉलिसी में कितनी मिलेगी सब्सिडी</strong><br />
सरकार ने वाहनों के हर सेगमेंट के लिहाज से नई सब्सिडी तय की है. पहले साल के लिए सरकार ने इंसेंटिव को आसान बना दिया है. 15 लाख रुपये तक की कीमत वाली प्राइवेट इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी, जो पहले 1 लाख ग्राहकों तक सीमित होगी. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर अब बैटरी के आधार पर नहीं बल्कि सीधे 10,000 रुपये की छूट मिलेगी. पहले अलग-अलग बैटरी कैपेसिटी के बेस पर सब्सिडी तय की गई है. हालांकि उसमें भी अधिकतम रकम तय थी. वहीं इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (L5M) पर 25,000 रुपये का फायदा मिलेगा।&nbsp;</p>
<p>सरकार ने इस पॉलिसी में एक नया विकल्प भी शामिल किया है, जिसमें अगर कोई अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक में बदलता है, तो उसे 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।&nbsp;</p>
<p><strong>रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन</strong><br />
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस की 100 प्रतिशत छूट मार्च 2030 तक दी जाएगी. लेकिन अब इसमें एक सीमा तय कर दी गई है. 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियां पूरी तरह टैक्स फ्री रहेंगी, जबकि इससे महंगी गाड़ियों पर रेगुलर टैक्स लागू होगा।&nbsp;</p>
<p><strong>पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर फोकस</strong><br />
सरकार ने प्राइवेट व्हीकल्स के अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी इलेक्ट्रिफाइड करने पर जोर दिया है. नई पॉलिसी के अनुसार साल 2026-27 में 6,130 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी. मार्च 2027 तक कुल 7,500 बसों का टार्गेट रखा गया है, जिसमें 5,800 इलेक्ट्रिक बसें होंगी. वहीं 2029 तक 12,000 इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा टार्गेट तय किया गया है।&nbsp;</p>
<p>सरकार का कहना है कि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से बढ़ाया जाएगा. दिल्ली में हर व्हीकल डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग पॉइंट लगाना अनिवार्य होगा. सरकार का लक्ष्य 2026 के अंत तक 18,000 चार्जिंग स्टेशन तैयार करना है।&nbsp;</p>
<p>इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैटरी के रिसाइकल (दोबारा इस्तेमाल करने के लिए) भी सिस्टम तैयार किया जा रहा है. इसके लिए दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी निगरानी करेगी. बस डिपो को इलेक्ट्रिक बनाने और अन्य सुविधाओं के लिए 320 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी की गई है. साथ ही DTC डिपो में 50 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।&nbsp;</p>
<p>यह नई EV नीति एक बड़े ट्रांसपोर्ट प्लान का हिस्सा है. नई नीति में DBT और आधार बेस्ड e-KYC को जोड़ा गया है, जिससे सब्सिडी मिलने में लगने वाला समय 40 दिन से घटकर एक हफ्ते से भी कम हो जाएगा. इससे लोगों को जल्दी फायदा मिलेगा और प्रोसेस भी आसान होगा. इस तरह दिल्ली की EV Policy 2.0 न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और शहर को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।&nbsp;</p>
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