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	<title>ED &#8211; NewsX 24</title>
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	<title>ED &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>होशियारपुर में कारोबारी के घर ED की रेड, दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी टीम</title>
		<link>https://newsx24.com/ed-raids-businessmans-home-in-hoshiarpur-team-engaged-in-thorough-scrutiny-of-documents/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 08:04:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[होशियारपुर&#160; होशियारपुर के न्यू सुखियाबाद मोहल्ले में आज सुबह से केंद्रीय एजेंसियों की टीम एक घर में छापेमारी कर रही है। टीम की ओर से घर की तलाशी ली जा रही है। जानकारी के अनुसार गोपाल नामक व्यक्ति, जो पहले लुधियाना में रहता था। पिछले चार महीनों से होशियारपुर के न्यू सुखियाबाद मोहल्ले में रह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>होशियारपुर&nbsp;</strong></p>
<p>होशियारपुर के न्यू सुखियाबाद मोहल्ले में आज सुबह से केंद्रीय एजेंसियों की टीम एक घर में छापेमारी कर रही है। टीम की ओर से घर की तलाशी ली जा रही है। जानकारी के अनुसार गोपाल नामक व्यक्ति, जो पहले लुधियाना में रहता था। पिछले चार महीनों से होशियारपुर के न्यू सुखियाबाद मोहल्ले में रह रहा है। फिलहाल किसी भी अधिकारी की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापेमारी किस मामले को लेकर की जा रही है।</p>
<p><strong>पंजाब में 96 घंटे में ₹200 करोड़ का खेल</strong></p>
<p>पंजाब में केंद्रीय एजेंसी इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की पठानकोट में रेड के बाद 96 घंटे में 92 एकड़ शामलात (सरकारी) जमीन हड़पने के खेल की पूरी कहानी सामने आई है। चार्ज संभालते ही अफसर ने ये 200 करोड़ की जमीन पंचायत के बजाय 6 महिलाओं के नाम पर करने के आदेश दे दिए। अगले दिन अफसर रिटायर हो गया। इस मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी केस दर्ज किया लेकिन अब ED की एंट्री से न केवल पूरी कहानी सामने आ रही है बल्कि &#039;96 घंटे के खेल की पूरी स्क्रिप्ट&#039;, अवैध माइनिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की परतें भी खुल रही हैं।</p>
<p><strong>सरकारी जमीन के लिए ऐसे तैयार हुई 96 घंटे की &#039;स्क्रिप्ट&#039;<br />
&nbsp; &nbsp; 28 अक्टूबर 2022:</strong> फाइल जमा, कार्रवाई नहीं: गोल पंचायत ने 92 एकड़ (734 कनाल 1 मरला) शामलात जमीन की निशानदेही के लिए फीस जमा करा दी, लेकिन तत्कालीन BDPO कुलदीप सिंह ने फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं की। कुलदीप सिंह पर कुछ मामले चल रहे थे, जिस वजह से 28 साल से उन्हें प्रमोशन नहीं मिली थी। वह रिटायरमेंट के नजदीक आ चुके थे।</p>
<p><strong>&nbsp; &nbsp; 24 फरवरी 2023: </strong>प्रमोशन, अतिरिक्त चार्ज भी: इसी दौरान तत्कालीन एडीसी (रूरल डेवलपमेंट) बलराज सिंह का तबादला हो गया। जिसके बाद अचानक कुलदीप सिंह को बीडीपीओ से प्रमोट कर जिला विकास एवं पंचायत अफसर (DDPO) बना दिया गया। यही नहीं, उसी दिन उन्हें एडीसी (ग्रामीण विकास) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया। ED ने विजिलेंस FIR के हवाले से ये भी दावा किया कि यह नियुक्ति एक मंत्री की सिफारिश पर हुई थी।</p>
<p><strong>&nbsp; &nbsp; 25-26 फरवरी 2023: </strong>छुट्टी के दो दिन: शनिवार और रविवार की सरकारी छुट्टी रही। इस वजह से सरकारी दफ्तर में इस जमीन से जुड़ा किसी तरह का कोई कामकाज नहीं हुआ।</p>
<p><strong>&nbsp; &nbsp; 27 फरवरी 2023:</strong> तीसरे दिन 92 एकड़ जमीन का आदेश: चार्ज संभालने के तीसरे ही दिन कुलदीप सिंह ने जमीन को लेकर सुनवाई की। गोल पंचायत ने ये शामलात जमीन उन्हें देने की मांग की थी ताकि इससे पंचायती कामकाज में मदद ली जा सके। इसी जमीन को लेकर कुछ महिलाओं ने भी हक जताया था। कुलदीप सिंह ने बिना पंचायत का पक्ष सुने और बिना सभी दस्तावेजों की जांच पूरी किए 92 एकड़ शामलात जमीन 6 महिलाओं के नाम करने का आदेश जारी कर दिया।</p>
<p><strong>&nbsp; &nbsp; 28 फरवरी 2023 :</strong> अगले दिन रिटायरमेंट: जमीन को महिलाओं के नाम करने के आदेश जारी करने के अगले ही दिन कुलदीप सिंह सरकारी सेवा से रिटायर हो गए।</p>
<p><strong>पूरे मामले का खुलासा कैसे हुआ&hellip;</strong></p>
<p><strong>&nbsp; &nbsp; 2 मार्च 2023</strong>: सरपंच ने खोला मोर्चा: इसका पता चलते ही गोल पंचायत ने मामला उठाने का फैसला किया। इसके बाद गोल के तत्कालीन सरपंच सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और मुख्य सचिव को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की।</p>
<p><strong>&nbsp; &nbsp; 10 अगस्त 2023: विजिलेंस की FIR: </strong>मुख्य सचिव के निर्देश पर विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर ने रिटायर्ड एडीसी कुलदीप सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ जालसाजी, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया। इनमें वीना परमार, इंदरदीप कौर, भारती बांटा, तरसेम रानी, बलविंदर कौर, मनजीत कौर और परवीन कुमारी शामिल हैं। आरोप है कि इन्हीं के नाम पर जमीन दर्ज करने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि इस दौरान ये पूरी कहानी सामने नहीं आई।</p>
<p><strong>&nbsp; &nbsp; 16-19 जुलाई 2026: </strong>ED की एंट्री, मामला फिर खुला: इसके बाद ED ने पठानकोट में 16 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में ₹1.75 करोड़ नकद जब्त किया, ₹91.34 लाख बैंक बैलेंस फ्रीज किया और अब पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगालनी शुरू की। इसके बाद जांच में ये पूरा खेल सामने आया। सूत्रों के अनुसार, ED ने तारागढ़ के पूर्व सरपंच के घर भी छापेमारी की, जिनकी पत्नी और भाभी इस मामले में नामजद हैं। इसी कड़ी में कटारूचक्क गांव में भी जांच की गई।</p>
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		<title>जालंधर के ठेकेदार अमित बजाज के घर ED की रेड, इनकम टैक्स और GST मामलों की जांच तेज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 09:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[जालंधर &#160;पंजाब के जालंधर में ठेकेदार अमित बजाज के न्यू जवाहर नगर स्थित आवास पर आज सुबह करीब 8:30 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। अमित बजाज इनकम टैक्स, जीएसटी (GST) और वैट (VAT) के जाने-माने वकील हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बजाज शहर के कई बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के टैक्स संबंधी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जालंधर</strong><br />
&nbsp;पंजाब के जालंधर में ठेकेदार अमित बजाज के न्यू जवाहर नगर स्थित आवास पर आज सुबह करीब 8:30 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। अमित बजाज इनकम टैक्स, जीएसटी (GST) और वैट (VAT) के जाने-माने वकील हैं।</p>
<p>शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बजाज शहर के कई बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के टैक्स संबंधी मामले देखते हैं। सूत्रों के अनुसार, इन पूंजीपतियों द्वारा किए गए निवेश (Investment) और टैक्स में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका है, जिसे लेकर ईडी यह जांच कर रही है।</p>
<p>फिलहाल, ईडी की टीमें एडवोकेट के घर पर मौजूद हैं और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इस छापेमारी के बाद से ही शहर के कारोबारी और कानूनी जगत में हड़कंप मच गया है।</p>
<p><strong>टैक्स में गड़बड़ी की जांच जारी</strong><br />
अमित बजाज नगर निगम के ठेकेदार भी है। वह शहर के कई मशहूर उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के टैक्स संबंधी मामले देखते हैं और उन पर पूंजीपतियों की इन्वेस्टमेंट और टैक्स में गड़बड़ी की जांच चल रही है। ईडी ने उनके घर न्यू जवाहर नगर और पास ही स्थित ऑफिस पर आज सुबह 8:30 बजे रेडी शुरू की है।</p>
<p><strong>मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन जारी</strong><br />
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (Hampton Sky Realty Ltd.) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में 6 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है।</p>
<p>ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी जांच के क्रम में लुधियाना और जालंधर (पंजाब), बरेली (उत्तर प्रदेश) तथा दिल्ली-नोएडा क्षेत्र में एक साथ छापामारी की।</p>
<p>जांच एजेंसी के अनुसार, जिन परिसरों पर तलाशी ली जा रही है उनमें मामले से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के आवासीय एवं व्यावसायिक कार्यालय शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की जांच के तहत की जा रही है।</p>
<p>तलाशी के दौरान दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और एजेंसी द्वारा बरामद सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>शराब-डीएमएफ घोटाले में बड़ी कार्रवाई: ढेबर-टुटेजा की 1,400 करोड़ की संपत्ति कुर्क</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[रायपुर &#160;शराब व डीएमएफ घोटाले और अन्य बड़े भ्रष्टाचार मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सामूहिक कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने घोटाले के मुख्य सूत्रधार अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के संगठित सिंडिकेट के खिलाफ शिकंजा कसते हुए अब तक 1,400 करोड़ से अधिक की चल-अचल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायपुर</strong><br />
&nbsp;शराब व डीएमएफ घोटाले और अन्य बड़े भ्रष्टाचार मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सामूहिक कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने घोटाले के मुख्य सूत्रधार अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के संगठित सिंडिकेट के खिलाफ शिकंजा कसते हुए अब तक 1,400 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।</p>
<p>जांच एजेंसी ने अकेले शराब घोटाले में कुल 85 आरोपितों को नामजद किया है। इस सिंडिकेट ने सरकारी व्यवस्था को ढाल बनाकर शराब से ही 3,200 करोड़ से ज्यादा का अवैध कालाधन बटोरा था। जबकि कुल चार बड़े घोटाले में करीब 4,000 करोड़ रुपये की कमाई की है।</p>
<p>जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक दोनों आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की 1400 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इसी के साथ जांच का भी दायिरा बढ़ा दिया गया है।</p>
<p>ईडी की जांच में दावा किया गया है कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान सक्रिय रहे इस कथित सिंडिकेट ने चार बड़े घोटालों के जरिए करीब 4,000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इनमें सबसे बड़ा शराब घोटाला बताया गया है।</p>
<p>जांच एजेंसी के अनुसार सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से अवैध रूप से कच्ची शराब बेचकर 3,200 करोड़ रुपए से अधिक का काला धन अर्जित किया गया। इस मामले में ईडी अब तक 85 लोगों को आरोपी बना चुकी है।</p>
<p><strong>ढेबर&ndash;टुटेजा घोटालों के मास्टरमाइंड</strong><br />
जांच एजेंसियों के मुताबिक अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर इस पूरे नेटवर्क के नीति-निर्धारक और प्रमुख संचालक थे। डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड घोटाले में पद का दुरुपयोग कर चाहेते ठेकेदारों को काम दिलाने और 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं।</p>
<p>ईडी के मुताबिक, गोवा का यह होटल शराब घोटाले की 110 करोड़ रुपये की काली कमाई से खरीदा गया था। सिंडिकेट से जुड़ी तीन सप्लायर कंपनियों,ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक के 51 करोड़ रुपये के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए हैं। इन कंपनियों से जबरन 50-60 प्रतिशत मुनाफा वसूला जाता था। केवल शराब घोटाले से ही 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। यह खेल नकली होलोग्राम वाली अवैध देसी शराब बेचने, डिस्टिलर्स से प्रति पेटी फिक्स कमीशन वसूलने और मनमाने लाइसेंस बांटकर खेला गया।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में मामले की छठी पूरक चार्जशीट 1 जून 2026 को दाखिल की है। इस छठी पूरक चार्जशीट में ईडी ने चार नए लोगों को आरोपित किया है, जिनमें व्यवसायी विजय भाटिया , टी. भुवनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर शामिल हैं। चार नए नामों के जुड़ने के बाद इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है।</p>
<p><strong>जांच में कई अनियमितताएं उजागर</strong><br />
इसके अलावा नकली होलोग्राम घोटाले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर अवैध टेंडर दिए गए, जबकि प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए 183 करोड़ रुपए के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी सामने आई। जांच एजेंसियों ने कस्टम मिलिंग मामले में भी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया है।</p>
<p><strong>इतने करोड़ की ये संपत्ति जब्त<br />
&nbsp; &nbsp; बेनाम संपत्ति: 1110 करोड़<br />
&nbsp; &nbsp; अन्य संपत्ति(प्लॉट, बेनामी जमीनें, शेल कंपनियां,होटल): 116 करोड़<br />
&nbsp; &nbsp; बैंक खातों, शेयरों, म्यूचुअल फंड निवेश, नकदी, फिक्स्ड डिपॉजिट: 28 करोड़<br />
&nbsp; &nbsp; अचल संपत्ति: 15.82 करोड़ रुपए</strong></p>
<p><strong>मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच तेज</strong></p>
<p>ईडी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है।</p>
<p>अब विशेष अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की सुनवाई तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।</p>
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		<title>करोड़ों की धोखाधड़ी में ED का बड़ा एक्शन, मोहाली रॉयल एस्टेट के प्रमोटर दिल्ली से गिरफ्तार</title>
		<link>https://newsx24.com/ed-takes-major-action-in-multi-crore-fraud-case-mohali-royal-estate-promoter-arrested-in-delhi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 May 2026 06:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[चंडीगढ़ मोहाली के रॉयल एस्टेट के प्रमोटर् प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को ईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पिछले हफ्ते ही ईडी ने रॉयल एस्टेट के चंडीगढ़, मोहाली स्थित कई ठिकानों पर रेड की थी। प्रवीण कंसल और नीरज कंसल पर गलत तरीके से मोहाली में प्रोजेक्ट के सीएलयू लेने का आरोप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़</strong><br />
मोहाली के रॉयल एस्टेट के प्रमोटर् प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को ईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पिछले हफ्ते ही ईडी ने रॉयल एस्टेट के चंडीगढ़, मोहाली स्थित कई ठिकानों पर रेड की थी। प्रवीण कंसल और नीरज कंसल पर गलत तरीके से मोहाली में प्रोजेक्ट के सीएलयू लेने का आरोप है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त जमीन की खरड़ फरोख्त में भी गड़बड़ी की शिकायत है। मोहाली विजिलेंस ने भी प्रवीण कंसल और नीरज कंसल के साथ साथ इंदु कंसल और नायब तहसीलदार तरसेम मित्तल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया हुआ है।</p>
<p>इस केस में सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। हाई कोर्ट ने भी कंपनी के प्रमोटर को कस्टडी में लेकर पूछताछ जय आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ कंपनी के प्रमोटर्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद रॉयल एस्टेट के प्रमोटर्स गायब हो गए थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।</p>
<p>कंपनी के प्रमोटर्स के खिलाफ मोहाली में 11 जून को फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा जालसाजी का केस दर्ज हुआ था । यह केस आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं नरेश कुमार गर्ग और प्यारे लाल गर्ग ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 में संपत्ति उनके नाम पर खरीदी गई थी।</p>
<p>वर्ष 2013 में बिना उनकी जानकारी और सहमति के उसी संपत्ति को मोतियाज रॉयल सिटी कंपनी)ल के नाम ट्रांसफर कर दिया गया यह ट्रांसफर तथाकथित सप्लीमेंट्री सेल डीड के माध्यम से की गई। नरेश गर्ग ने शिकायत में कहा था कि यह ट्रांसफर फर्जी बोर्ड प्रस्ताव के आधार पर किया गया। आरोपियों (कंपनी के डायरेक्टर्स) ने मिलकर साजिश रची और सरकारी अधिकारी की मिलीभगत से रजिस्ट्री करवाई गई।</p>
<p><strong>मोतियाज के प्रमोटर्स पर मुख्य आरोप</strong></p>
<p><strong>धोखाधड़ी करके संपत्ति हड़पना और फर्जी दस्तावेज बनाने का है।<br />
कंपनी की दलील</strong></p>
<p>कंपनी के प्रमोटर्स ने कोर्ट में दलील दी थी कि यह कोई धोखाधड़ी नहीं, बल्कि तकनीकी गलती थी। मूल सेल डीड में गलती से खरीदार के रूप में शिकायतकर्ताओं का नाम आ गया।</p>
<p>बाद में बोर्ड ने प्रस्ताव पास कर सुधार किया गया। शिकायतकर्ता इस प्रक्रिया से पूरी तरह अवगत थे। यह सिविल विवाद है, क्रिमिनल केस नहीं कोई पैसा या संपत्ति हड़पने की मंशा नहीं थी। वे जांच में शामिल हो चुके हैं, इसलिए कस्टडी में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। वहीं सरकार और शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा कि आरोप गंभीर और स्पष्ट साजिश दर्शाते हैं। इससे दस्तावेज़ फर्जी होने का संदेह मजबूत होता है।</p>
<p><strong>सरकारी वकील की दलील</strong><br />
कानून के अनुसार सप्लीमेंट्री सेल डीड से मालिकाना हक नहीं बदला जा सकता। संपत्ति ट्रांसफर के लिए सभी मालिकों का उपस्थित होना जरूरी है।यहां तक कि सरकारी अधिकारी ने भी नियमों का उल्लंघन किया और अवैध ट्रांजैक्शन को मंजूरी दी। इसलिए गहन जांच के लिए आरोपियों की कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है।</p>
<p>हाई कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया गंभीर मामला है। दस्तावेज़ों से धोखाधड़ी और साजिश का मामला बनता है। संपत्ति बिना मालिक की सहमति के ट्रांसफर की गई। मूल दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए गए। आरोपी बोर्ड प्रस्ताव का असल नहीं दिखा पाए।</p>
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		<item>
		<title>ED को मिला बड़ा पावर बूस्ट, सरकार ने बढ़ाई मैनपावर; घोटालेबाजों पर कसेगा शिकंजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 05:12:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली व&#8205;िपक्ष बार-बार शोर मचाता है क&#8205;ि ईडी को सरकार ने व&#8205;िपक्षी नेताओं के पीछे छोड़ रखा है. इसके बावजूद सरकार ने ऐलान कर द&#8205;िया है क&#8205;ि जो घालमेल करेगा, वो नपेगा. सरकार ने ईडी की ताकत अचानक बढ़ा दी है. दरअसल सरकार ने ईडी में बड़े स्तर पर कैडर र&#8205;िस्&#8205;ट्रक्&#8205;चर&#8205;िंग को मंजूरी दे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>व&zwj;िपक्ष बार-बार शोर मचाता है क&zwj;ि ईडी को सरकार ने व&zwj;िपक्षी नेताओं के पीछे छोड़ रखा है. इसके बावजूद सरकार ने ऐलान कर द&zwj;िया है क&zwj;ि जो घालमेल करेगा, वो नपेगा. सरकार ने ईडी की ताकत अचानक बढ़ा दी है. दरअसल सरकार ने ईडी में बड़े स्तर पर कैडर र&zwj;िस्&zwj;ट्रक्&zwj;चर&zwj;िंग को मंजूरी दे दी है.इसका सीधा मतलब है कि बड़ी संख्&zwj;या में ईडी में अफसरों की तैनाती की जाएगी. यह बढ़ोतरी कोई छोटी मोटी नहीं है, बल्&zwj;क&zwj;ि दोगुनी तीन गुनी हो गई. अब ईडी में बड़े अफसरों से लेकर जमीन पर जाकर रेड मारने वाले अधिकारियों तक, सबकी फौज बड़ी होने जा रही है।</p>
<p>नई व्यवस्था के तहत सबसे ज्यादा बढ़ोतरी डिप्टी डायरेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर, एनफोर्समेंट ऑफिसर और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पदों में की गई है. सरकार का कहना है कि बढ़ते मामलों और जांच के दायरे को देखते हुए ED की क्षमता मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है. यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है और इसका खर्च ED के मौजूदा बजट से ही उठाया जाएगा।</p>
<p><strong>क्&zwj;या होने जा रहा?</strong></p>
<p><strong>&nbsp;&nbsp;&nbsp; एडिशनल डायरेक्टर के पद 10 से बढ़ाकर 24 किए गए हैं।<br />
&nbsp;&nbsp;&nbsp; जॉइंट डायरेक्टर के पद 28 से बढ़ाकर 49 किए गए हैं.<br />
&nbsp;&nbsp;&nbsp; डिप्टी डायरेक्टर के पद 148 से बढ़ाकर 267 कर दिए गए हैं.<br />
&nbsp;&nbsp;&nbsp; असिस्टेंट डायरेक्टर के पद 255 से बढ़ाकर 531 किए गए हैं.<br />
&nbsp;&nbsp;&nbsp; एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 355 से बढ़ाकर 606 किए गए हैं.<br />
&nbsp;&nbsp;&nbsp; असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 425 से बढ़ाकर 803 कर दिए गए हैं.<br />
&nbsp;&nbsp;&nbsp; इसके अलावा ED की लीगल टीम में भी भारी मैनपावर द&zwj;िया गया है. एडजुडिकेशन, सिस्टम, सिक्योरिटी और सपोर्ट स्टाफ कैडर में भी कई नए पद मंजूर किए गए हैं.</strong></p>
<p><strong>ग्राउंड फोर्स हुई डबल से भी ज्यादा!</strong><br />
इस आंकड़े को ध्यान से देखिए. सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कहां हुई है? डिप्टी डायरेक्टर, असिस्टेंट डायरेक्टर, एनफोर्समेंट ऑफिसर और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पदों पर. ये वो लोग होते हैं जो सिर्फ फाइलों में साइन नहीं करते, बल्कि कोर्ट-कचहरी की दौड़ भाग संभालते हैं, मनी लॉन्ड्रिंग के सुराग ढूंढते हैं, रेड मारने जाते हैं और आरोपियों से पूछताछ की कमान संभालते हैं।</p>
<p>इसके अलावा, बात सिर्फ अधिकारियों तक सीमित नहीं है। सरकार ने ईडी के लीगल, एडजुडिकेशन, सिस्टम, सिक्योरिटी और सपोर्ट स्टाफ कैडर कैडर में भी कई नए पद मंजूर किए हैं. यानी कि अब अगर ईडी किसी पर हाथ डालेगी, तो उसके पास कोर्ट में केस लड़ने के लिए वकीलों की फौज भी बड़ी होगी और डेटा खंगालने के लिए डिजिटल सिस्टम के उस्ताद भी ज्यादा होंगे।</p>
<p><strong>लेकिन अचानक इतनी ताकत क्यों?</strong><br />
सरकार का इसके पीछे सिंपल तर्क है। देश में आर्थिक अपराधों का ग्राफ और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जरिए होने वाले हेर-फेर के मामले तेजी से बढ़े हैं. पीएमएलए और फेमा के तहत दर्ज होने वाले मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सरकार का कहना है कि बढ़ते मामलों और जांच के दायरे को देखते हुए ईडी की कार्यक्षमता को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया था. अब जब मैनपावर बढ़ गई है, तो मनी लॉन्ड्रिंग और फेमा से जुड़े मामलों की जांच में और तेजी आएगी।</p>
<p><strong>टाइमिंग बेहद खास</strong><br />
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईडी को लेकर देश में एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है. विपक्ष के तमाम नेता चाहे वो कांग्रेस के हों, आप के हों, टीएमसी के हों या आरजेडी के हमेशा यह आरोप लगाते रहे हैं कि सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना से कर रही है। चुन-चुनकर विपक्षी नेताओं के घरों पर रेड मारी जाती है, उन्हें परेशान किया जाता है, ताकि विपक्ष को कमजोर किया जा सके. इन आरोपों की तपिश के बीच सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि एजेंसियां कमजोर नहीं होंगी, बल्कि उन्हें और धारदार बनाया जाएगा. राजनीति अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई अब और तेज और आक्रामक होगी।</p>
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		<title>शरिया के नाम पर 3 हजार करोड़ की ठगी? ED के दावे से मचा हड़कंप, नौहेरा शेख पर गंभीर आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 04:42:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;नई दिल्ली शरिया कानून के मुताबिक ब्याज (रिबा) कमाना हराम होता है और कई मुसलमान इस वजह से अपना पैसा बैंकों में भी जमा नहीं कराते हैं। ऐसे ही मुसलमानों को टारगेट करके एक महिला ने 6 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए और 3000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। लालच दिया जाता था कि शरिया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;नई दिल्ली</strong></p>
<p>शरिया कानून के मुताबिक ब्याज (रिबा) कमाना हराम होता है और कई मुसलमान इस वजह से अपना पैसा बैंकों में भी जमा नहीं कराते हैं। ऐसे ही मुसलमानों को टारगेट करके एक महिला ने 6 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए और 3000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। लालच दिया जाता था कि शरिया के नियमों का पालन करते हुए निवेश पर सालाना 36 फीसदी का मुनाफा मिलेगा। शुरुआत में कुछ लोगों को इसी तरह मोटा मुनाफा देकर विश्वास जीता गया और फिर हजारों करोड़ रुपये डकार लिए गए।</p>
<p>पीटीआई के मुताबिक, ईडी ने कहा कि शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य पर 36 प्रतिशत से अधिक वार्षिक मुनाफे का वादा करके लोगों से 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने का आरोप है। हालांकि, वे मूल राशि भी वापस करने में विफल रहे जिससे 1.72 लाख से अधिक निवेशकों से 3,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में ईडी की अब तक की जांच और अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि पिछले सप्ताह गुरुग्राम से गिरफ्तार की गई नौहेरा शेख ने शरिया कानून के मुताबिक मुसलमानों को निवेश और भारी मुनाफे का लालच दिया था और हजारों करोड़ रुपये जुटा लिए।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट की ओर से बेल खारिज किए जाने और सरेंडर के आदेश के बाद नौहेरा एक महीने से अधिक समय से फरार चल रही थी। महाठगी की आरोपी शेख ने अदालतों और जांच एजेंसियों को कई बार गच्चा दिया था। उसने सुप्रीम कोर्ट को यह कहकर भी भ्रमिक करने की कोशिश की कि उसने हैदराबाद पुलिस के साम<strong>ने सरेंडर किया था, लेकिन उसे हिरासत में लेने से इनकार कर दिया गया।</strong></p>
<p><strong>नौहेरा शेख की 400 करोड़ की संपत्ति जब्त</strong><br />
नौहेरा शेख के पास मौजूद 400 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है और पीड़ितों को इसे लौटाने की प्रक्रिया चल रही है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, नौहेरा शेख, उसके परिजनों और अन्य ने लाखों लोगों को अपनी पोंजी स्कीम में निवेश के लिए लालच दिया और उनकी कमाई हड़प ली। शुरुआत में निवेश करने वालों को भारी-भरकम मुनाफा भी दिया गया, लेकिन बाद में करीब 1.7 लाख जमाकर्ताओं ने अपनी गाढ़ी कमाई शरिया वाले निवेश के नाम पर गंवा दी।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जांच का आदेश दिया था और ईडी से कहा था कि जब्त संपत्तियों की नीलामी करके पीड़ितों को रकम लौटाई जाए। आरोपी और उसके सहयोगियों ने कई शपथ पत्र दायर करके संपत्तियों की बिक्री में देरी की भरसक कोशिश की। उसके एक सहयोगी ने अपना नाम &#039;कल्याण बनर्जी&#039; बताते हुए खुद को पीएमओ का अधिकारी बताने की कोशिश की। उसे जनवरी में गिरफ्तार कर लिया गया था।</p>
<p><strong>हीरा ग्रुप के जरिए की गई ठगी</strong><br />
2024 में जब एजेंसी ने नौहेरा के घर पर छापेमारी की तो 12 लग्जरी गाड़ियां बरामद की गईं, जिनमें बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज जैसी महंगी कारें शामिल थीं। 92 लाख रुपये कैश भी बरामद किया गया था। नौहेरा शेख ने &#039;हीरा ग्रुप&#039; नाम से कंपनी बनाई थी, जिसके जरिए इतनी बड़ी रकम की ठगी की गई। शेख ने हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के जरिए लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया। उसने खासतौर पर मुसलमानों को टारगेट बनाया जो शरिया के कानून के मुताबिक निवेश करना चाहते थे। ईडी के मुताबिक उसने 36 फीसदी सालाना मुनाफे का लालच दिया। लेकिन बाद में लोगों को मूलधन भी वापस नहीं कर पाई।</p>
<p><strong>गुरुग्राम में पहचान बदल रह रही थी नौहेरा</strong><br />
गुरुग्राम में पकड़ी गई नौहेरा शेख यहां अपनी पहचान बदलकर रह रही थी। ईडी और हरियाणा पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन के दौरान पकड़ी गई नौहेरा शेख सेक्टर 45 में रह रही थी। फर्जी आधार के जरिए उसने अपना नाम शेख खामर जहां बताया था।</p>
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		<title>बंगाल में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व DCP के बंद घर का ताला तोड़कर पहुंची टीम</title>
		<link>https://newsx24.com/major-ed-operation-in-bengal-team-gains-entry-by-breaking-the-lock-of-former-dcps-sealed-residence/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 06:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;कोलकाता पश्चिम बंगाल में कथित रंगदारी रैकेट की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. मुर्शिदाबाद ज़िले के कांडी शहर में कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DC) और कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) शांतनु सिन्हा विश्वास के आलीशान पैतृक आवास पर ईडी की टीम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;कोलकाता</strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल में कथित रंगदारी रैकेट की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. मुर्शिदाबाद ज़िले के कांडी शहर में कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DC) और कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) शांतनु सिन्हा विश्वास के आलीशान पैतृक आवास पर ईडी की टीम ने ताला तोड़कर धावा बोला. यह घर कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित है और पिछले एक हफ्ते से पूरी तरह बंद पड़ा था।&nbsp;</p>
<p>शांतनु सिन्हा विश्वास कोलकाता के कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) और डिप्टी कमिश्नर (DC) रह चुके हैं और फिलहाल ज़मीन से जुड़े एक वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में ED की हिरासत में हैं।&nbsp;</p>
<p>शांतनु सिन्हा विश्वास का कांडी में एक आलीशान घर है जो कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित है. यह घर पिछले सात दिनों से बंद पड़ा है. शांतनु सिन्हा विश्वास की बहन, गौरी सिन्हा विश्वास, फिलहाल कांडी नगर पालिका की उपाध्यक्ष हैं. छापेमारी के दौरान वह भी घर पर मौजूद नहीं थी. चूंकि घर बंद था, इसलिए ED के अधिकारियों ने घर के बाहर से ही अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी और स्थानीय लोगों से बातचीत की और इसके बाद ताला तोड़कर घर में घुसे।&nbsp;</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित तौर पर &lsquo;सोना पप्पू&rsquo; नाम से जुड़े उगाही नेटवर्क और शांतनु सिन्हा बिस्वास से संबंधित जांच के तहत की जा रही है. जानकारी के अनुसार, ED की टीमों ने सुबह करीब 6 बजे एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी।&nbsp;</p>
<p>कोलकाता के रॉय स्ट्रीट स्थित एक होटल और एक कारोबारी के घर पर छापेमारी की गई. इसके अलावा कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी जांच एजेंसी पहुंची. एजेंसी कथित उगाही, अवैध लेनदेन और पुलिस अधिकारियों से जुड़े संभावित आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है।&nbsp;</p>
<p>हालांकि ED की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्रवाई का फोकस कथित जबरन वसूली गिरोह और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन पर है. जांच एजेंसी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई है।&nbsp;</p>
<p>बंगाल में एक साथ कई जगहों पर हुई इस कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।&nbsp;</p>
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			</item>
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		<title>155 करोड़ बैंक घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-गोवा के 7 ठिकानों पर छापेमारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 06:42:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली ईडी ने 155 करोड़ रुपये के एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में आज बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले को लेकर दिल्ली और गोवा में 7 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है. इस मामले में ईडी ने AAP नेता दीपक सिंगला के ठिकानों पर भी रेड की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
ईडी ने 155 करोड़ रुपये के एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में आज बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले को लेकर दिल्ली और गोवा में 7 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है. इस मामले में ईडी ने AAP नेता दीपक सिंगला के ठिकानों पर भी रेड की है।&nbsp;</p>
<p>ये पूरा मामला &#039;महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड&#039; के खिलाफ दर्ज वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ये छापेमारी मुख्य रूप से दीपक सिंगला, महेश सिंगला, अमरीक गिल और कुछ अन्य संदिग्धों से जुड़े परिसरों और ठिकानों पर की जा रही है।&nbsp;</p>
<p>ईडी की टीमें सुबह-सुबह ही सभी संदिग्धों के घरों और व्यावसायिक ठिकानों पर पहुंच गईं. जांच के दौरान कई अहम दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है, ताकि 155 करोड़ रुपये के इस कथित बैंक घोटाले की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।&nbsp;</p>
<p><strong>संजीव अरोड़ा से जुड़े मामले के तार</strong><br />
दीपक सिंगला का नाम आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में शुमार किया जाता है. बताया जा रहा है कि इन संदिग्धों के तार पंजाब सरकार के गिरफ्तार मंत्री संजीव अरोड़ा से भी जुड़े हुए हैं. संजीव अरोड़ा को पहले ही भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों के एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।&nbsp;</p>
<p>अब इस नए बैंक फ्रॉड केस में भी संजीव अरोड़ा, उनके करीबियों और पार्टी सहयोगियों का नाम आने से आम आदमी पार्टी की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।&nbsp;</p>
<p>बता दें कि महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक बैंक फ्रॉड केस दर्ज है. कंपनी पर कई बैंकों से लगभग 155 करोड़ रुपये का लोन लेकर उसमें हेराफेरी करने और बैंकों को बड़ा नुकसान पहुंचाने का आरोप है।&nbsp;</p>
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		<title>चुनाव से पहले बंगाल में ED का ताबड़तोड़ एक्शन, कोलकाता के DCP के ठिकानों पर छापेमारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
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					<description><![CDATA[कलकत्ता बंगाल में चुनाव से पहले ईडी का ताबड़तोड़ ऐक्शन जारी है। कोयला घोटाला मामले में ईडी की टीम कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वा के ठिकानों पर छापा मारने पहुंची है। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम शांतनु विश्वास के अलावा बलयुगुंगे ऐंड सन एटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर जय कामदार के घर पर भी छापेमारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कलकत्ता</strong></p>
<p>बंगाल में चुनाव से पहले ईडी का ताबड़तोड़ ऐक्शन जारी है। कोयला घोटाला मामले में ईडी की टीम कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वा के ठिकानों पर छापा मारने पहुंची है। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम शांतनु विश्वास के अलावा बलयुगुंगे ऐंड सन एटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर जय कामदार के घर पर भी छापेमारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक शांतनु विश्वास के दो ठिकानों और जय कामदार के एक ठिकाने पर छापेमारी जारी है।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक शांतनु विश्वास के बेहाला स्थित आवास पर ताला लगा हुआ है और गेट के अंदर के कुत्ता मौजूद है। ऐसे में ईडी की टीम बाहर ही खड़ी है। कोयला तस्करी की जांच में शांतनु सिन्हा विश्वास का भी नाम आया था। इसके बाद ईडी ने उन्हें तलब भी किया था। ईडी कोयला तस्करी मामले में कम से कम 8 आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है।</p>
<p>बीते दिनों ईडी की टीम इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमेटी (IPAC) के ठिकानों पर छापपेमारी की थी। आईपैक के को फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद दिल्ली की अदालत ने विनेश चंदेल को 20 दिनों की ईडी की हिरासत में भेजा था। ईडी दिल्ली पुलिसद्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच कर रही है। ईडी ने इस मामले में पुलकित जैन और प्रतीक जैन की पत्नी बार्बी जैन को भी दिल्ली स्थित मुख्यालय में तलब किया था।</p>
<p><strong>टीएमसी नेताओं के घर पर भी छापेमारी</strong><br />
दो दिन पहले आयकर विभाग ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक देबाशीष कुमार के आवास के साथ-साथ पार्टी के दो अन्य नेताओं के घरों और कार्यालयों सहित कई परिसरों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई से विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है।</p>
<p>कुमार रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने दक्षिण कोलकाता के मनोहरपुकुर रोड स्थित कुमार के आवास पर सुबह-सवेरे तलाशी शुरू की। छापेमारी शुरू होने के समय तृणमूल उम्मीदवार वहीं मौजूद थे। इसके साथ ही पास में स्थित उनके चुनावी कार्यालय और मोतीलाल नेहरू रोड स्थित एक पार्टी कार्यालय में भी तलाशी ली जा रही है। इसी बीच आयकर विभाग के अधिकारियों की एक अन्य टीम ने कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस नेता कुमार साहा के आवास की तलाशी ली।</p>
<p>आयकर अधिकारी स्थानीय तृणमूल नेता मिराज शाह के एल्गिन रोड स्थित आवास पर भी पहुंचे। मिराज शाह भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की उम्मीदवारी के चार प्रस्तावकों में से एक हैं।इस बीच, दिन के दौरान साल्ट लेक और मिडलटन स्ट्रीट सहित शहर के कई अन्य स्थानों पर भी आयकर विभाग की छापेमारी देखी गयी।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>झारखंड–बंगाल कोयला तस्करी नेटवर्क से 650 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग</title>
		<link>https://newsx24.com/money-laundering-worth-%e2%82%b9650-crore-linked-to-jharkhand-bengal-coal-smuggling-network/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 10:21:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिहार/झारखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[रांची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमाओं के बीच चल रही कोयला तस्करी और मनी लाउंड्रिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है, जिसमें 650 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लाउंड्रिंग का जिक्र किया है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रांची</strong></p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमाओं के बीच चल रही कोयला तस्करी और मनी लाउंड्रिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है, जिसमें 650 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लाउंड्रिंग का जिक्र किया है। यह काली कमाई पिछले पांच वर्षों में जबरन वसूली और गुंडा टैक्स से की गई है।</p>
<p>ईडी की जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि इस सिंडिकेट का जाल झारखंड तक फैला हुआ था। ईडी के अनुसार, सिंडिकेट न केवल बंगाल के दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र में सक्रिय था, बल्कि झारखंड से पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से लाए गए कोयले के कारोबार में भी संलिप्त था। झारखंड से होने वाली इस अवैध तस्करी को संरक्षण देने के लिए सिंडिकेट ने कई सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक रसूखदारों को घूस के रूप में मोटी रकम पहुंचाई थी। सिंडिकेट वैध डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) धारकों, ट्रांसपोर्टरों और खरीदारों से जबरन वसूली करता था। इसे जीटी (गुंडा टैक्स) या रंगदारी टैक्स कहा जाता था।<br />
जीटी नहीं देने पर उठाव व परिवहन रोक दिया जाता था</p>
<p>ईडी ने पाया है कि यह वसूली ₹275 प्रति टन से लेकर ₹1,500 प्रति टन तक की जाती थी। यह कोयले के वास्तविक मूल्य का लगभग 20-25 प्रतिशत हिस्सा था। जो व्यापारी यह टैक्स नहीं देते थे, उन्हें कोयला उठाने और परिवहन करने से रोक दिया जाता था। इस दबाव के कारण भारी मात्रा में कोयला खदानों में ही पड़ा रहा, जिससे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) को भी भारी वित्तीय नुकसान हुआ। उगाही की गई रकम को कई प्रोप्राइटरशिप फर्मों और मुखौटा कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था, ताकि कमाई को वैध दिखाया जा सके।</p>
<p><strong>लाला पैड के जरिए होती थी वसूली</strong><br />
ईडी ने जांच में पाया था कि गुंडा टैक्स व अवैध कोयला संचालन के लिए लाला पैड का इस्तेमाल किया जाता था।</p>
<p><strong>आप सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी के छापे</strong><br />
जालंधर/चंडीगढ़। ईडी ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर छापेमारी की। ईडी ने यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत इन शैक्षणिक संस्थानों के कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की। अधिकारियों ने बताया कि जालंधर, उसके आसपास के इलाकों और गुरुग्राम में लगभग 10 स्थानों पर तलाशी ली गई। इसमें फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर और गुरुग्राम में स्थित टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस तथा मास्टर्स यूनियन कॉलेज ऑफ बिजनेस नामक दो शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। आप ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त किया था। वह फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति भी हैं। उनके बेटे प्रथम मित्तल ने गुरुग्राम स्थित शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।</p>
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