<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>iran &#8211; NewsX 24</title>
	<atom:link href="https://newsx24.com/tag/iran/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://newsx24.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Thu, 20 Aug 2026 13:12:00 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.7</generator>

<image>
	<url>https://newsx24.com/wp-content/uploads/2026/02/cropped-ChatGPT-Image-Feb-18-2026-11_44_21-PM-32x32.png</url>
	<title>iran &#8211; NewsX 24</title>
	<link>https://newsx24.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>शहबाज सरकार को तगड़ा झटका! सुप्रीम कोर्ट ने लौटाई याचिका, अस्पताल में ही होगा इमरान खान का इलाज</title>
		<link>https://newsx24.com/major-setback-for-the-shehbaz-government-supreme-court-returns-petition-imran-khan-to-undergo-treatment-in-the-hospital/</link>
					<comments>https://newsx24.com/major-setback-for-the-shehbaz-government-supreme-court-returns-petition-imran-khan-to-undergo-treatment-in-the-hospital/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Aug 2026 13:12:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/major-setback-for-the-shehbaz-government-supreme-court-returns-petition-imran-khan-to-undergo-treatment-in-the-hospital/</guid>

					<description><![CDATA[करांची&#160; पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के इलाज को लेकर कानूनी लड़ाई में नया झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस्लामाबाद के चीफ कमिश्नर की तरफ से दायर रिव्यू याचिका वापस कर दी गई है. आपको बता दें कि 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>करांची&nbsp;</strong></p>
<p>पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के इलाज को लेकर कानूनी लड़ाई में नया झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस्लामाबाद के चीफ कमिश्नर की तरफ से दायर रिव्यू याचिका वापस कर दी गई है. आपको बता दें कि 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने आदेश दिया था कि इमरान खान को अड्याला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए, ताकि वहां उनका मेडिकल चेकअप और इलाज हो. इसके खिलाफ सरकार की ओर से रिव्यू याचिका दाखिल की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया है।&nbsp;</p>
<p>फैसले के तुरंत बाद इस फैसले के खिलाफ सरकार की ओर से रिव्यू याचिका दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया गया है. कोर्ट ने कहा है कि एक मेडिकल बोर्ड भी बनाया जाए, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ इमरान खान के निजी चिकित्सक भी शामिल हों. कोर्ट ने उन्हें 16 सितंबर तक अस्पताल में रहने की अनुमति दी थी, जिसे लेकर सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी. चीफ कमिश्नर की ओर से एडवोकेट जनरल नवीद हयात मलिक के जरिए रिव्यू याचिका दायर की गई गई थी, जिसे कोर्ट ने उल्टे पांव लौटा दिया है।&nbsp;</p>
<p><strong>क्यों खारिज हो गई सरकार की याचिका?&nbsp;</strong><br />
सरकार का तर्क था कि कोर्ट का अंतरिम आदेश असल में अंतरिम राहत जैसा है और जेल नियमों की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति देने से कैदियों के बीच भेदभाव हो सकता है और यह गलत मिसाल बनेगी. हालांकि कोर्ट ने ऐसा नहीं माना और रजिस्ट्री ने याचिका वापस कर दी. इसमें कागजात पूरे नहीं थे और पेपर बुक्स अधूरी पाई गईं. अब चीफ कमिश्नर को आपत्तियां दूर करके दोबारा याचिका दाखिल करनी होगी. इससे सरकार की चुनौती अभी सुनवाई के चरण तक नहीं पहुंच पाई है. यह विकास शहबाज सरकार के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय में हुआ है।&nbsp;</p>
<p><strong>2023 से जेल में हैं इमरान खान&nbsp;</strong><br />
पूर्व पीएम इमरान खान साल 2023 से जेल में हैं और पाकिस्तान के सबसे प्रमुख विपक्षी नेता बने हुए हैं. उनकी सेहत, खासकर आंखों की समस्या को लेकर परिवार और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी लगातार चिंता जता रही है. इमरान खान के घर के लोगों ने भी आरोप लगाया था कि जेल में उनका पूरा ख्याल नहीं रखा जा रहा है. सरकार का कहना है कि वह इमरान खान को जरूरी इलाज देने के खिलाफ नहीं है, उन्हें आपत्ति सिर्फ निजी अस्पताल में शिफ्ट करने के कोर्ट के आदेश पर है. शहबाज कैबिनेट में कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने कहा था कि सरकार चाहती है कि अस्पताल में भर्ती जेल और मेडिकल नियमों के मुताबिक हो।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/major-setback-for-the-shehbaz-government-supreme-court-returns-petition-imran-khan-to-undergo-treatment-in-the-hospital/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ट्रंप के पीछे हटने के बीच ईरान की खुली धमकी, जमीनी हमले की कोशिश पर दी कड़ी चेतावनी</title>
		<link>https://newsx24.com/iran-issues-an-open-threat-amidst-trumps-retreat-warning-sternly-against-any-attempt-at-a-ground-attack/</link>
					<comments>https://newsx24.com/iran-issues-an-open-threat-amidst-trumps-retreat-warning-sternly-against-any-attempt-at-a-ground-attack/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 15:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/iran-issues-an-open-threat-amidst-trumps-retreat-warning-sternly-against-any-attempt-at-a-ground-attack/</guid>

					<description><![CDATA[तेहरान&#160; ईरान ने अमेरिका को सीधे शब्दों में धमकी दे दी है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने उसकी जमीन पर पैर भी रखा, तो हम उनकी गर्दनें काट देंगे. यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस टकराव से निकलने का रास्ता तलाशते नजर आ रहे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान&nbsp;</strong><br />
ईरान ने अमेरिका को सीधे शब्दों में धमकी दे दी है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने उसकी जमीन पर पैर भी रखा, तो हम उनकी गर्दनें काट देंगे. यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस टकराव से निकलने का रास्ता तलाशते नजर आ रहे हैं. ईरानी सेना की ग्राउंड फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहांशाही ने साफ कहा, &lsquo;अगर कोई अमेरिकी सैन्यकर्मी ईरान की जमीन पर कदम रखता है, तो हम उन्हें काट देंगे&rsquo;. उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान हर खतरे का &lsquo;कड़ा और रोकने वाला जवाब&rsquo; देने के लिए पूरी तरह तैयार है. उनके मुताबिक, ईरानी सेना सीमाओं पर पूरी कॉम्बैट रेडीनेस में है और हर गतिविधि पर नजर रख रही है. वहीं ट्रंप चुनाव से पहले इस समस्या का हल निकालना चाहते हैं. इसके लिए वह अपनी सबसे बड़ी डिमांड परमाणु हथियारों पर भी कदम <strong>पीछे करने को तैयार हैं।&nbsp;</strong></p>
<p><strong>बातचीत भी, धमकी भी</strong><br />
ईरान की तरफ से एक तरफ यह सख्त चेतावनी है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक चैनल भी पूरी तरह बंद नहीं हैं. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, &lsquo;हम फिलहाल अमेरिका से सीधे बातचीत नहीं कर रहे हैं. संदेशों का आदान-प्रदान बिचौलियों के जरिए हो रहा है.&rsquo; उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका अपने पुराने समझौते के उल्लंघन की भरपाई नहीं करता, तब तक सीधी बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है. अराघची ने यह भी बताया कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन इसे खोलना अमेरिका की &lsquo;भरपाई&rsquo; पर निर्भर करेगा।&nbsp;</p>
<p><strong>युद्ध ने ट्रंप की मुश्किल बढ़ाई</strong><br />
उधर अमेरिका में हालात ट्रंप के लिए आसान नहीं दिख रहे. मिडटर्म चुनाव करीब हैं और ट्रंप प्रशासन जनता को यह दिखाना चाहता है कि उसने ईरान के खिलाफ जंग जीत ली. वाल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक ट्रंप बिना न्यूक्लियर डील के ही बातचीत को फाइनल करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं. यह सीधे पीछे हटने वाला कदम माना जा रहा है, क्योंकि इस युद्ध की असली जड़ न्यूक्लियर ही है. लेकिन ईरान ने शर्तों की ऐसी लिस्ट रख दी है, जिससे मामला और फंस गया है. तेहरान ने अरबों डॉलर की पेमेंट, अमेरिकी सैनिकों की वापसी और नेवल ब्लॉकेड खत्म करने की मांग रखी है. यही वजह है कि डील की राह और मुश्किल हो गई है।&nbsp;</p>
<p><strong>होर्मुज पर अटका खेल</strong><br />
होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे टकराव का सबसे अहम मोर्चा बना हुआ है. ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के चलते यहां शिपिंग प्रभावित हुई है और वैश्विक तेल बाजार भी हिल गया है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ओमान और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और जल्द कोई समझौता हो सकता है, जिससे शिपिंग बहाल हो सके. लेकिन इसके साथ ही अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटानी होंगी।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/iran-issues-an-open-threat-amidst-trumps-retreat-warning-sternly-against-any-attempt-at-a-ground-attack/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होर्मुज में अमेरिका की &#8216;महाघेराबंदी&#8217;! 20 युद्धपोत तैनात, 55 जहाजों ने बदला रास्ता; ईरान पर बढ़ा दबाव</title>
		<link>https://newsx24.com/uss-massive-encirclement-in-hormuz-20-warships-deployed-55-vessels-rerouted-pressure-mounts-on-iran/</link>
					<comments>https://newsx24.com/uss-massive-encirclement-in-hormuz-20-warships-deployed-55-vessels-rerouted-pressure-mounts-on-iran/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 14:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/uss-massive-encirclement-in-hormuz-20-warships-deployed-55-vessels-rerouted-pressure-mounts-on-iran/</guid>

					<description><![CDATA[वाशिंगटन ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) होर्मुज स्ट्रेट के आसपास 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनी नाकाबंदी को और सख्त बनाने के बीच उठाया गया है। यह तैनाती होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के मद्देनजर की गई है। तेहरान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन</strong></p>
<p>ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) होर्मुज स्ट्रेट के आसपास 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनी नाकाबंदी को और सख्त बनाने के बीच उठाया गया है। यह तैनाती होर्मुज के आसपास बढ़ते तनाव के मद्देनजर की गई है। तेहरान ने साफ कहा है कि वाणिज्यिक शिपिंग के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने से पहले उसकी मांगें पूरी की जानी चाहिए।</p>
<p>सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक यूएसएस रॉस पर सवार नाविक भी इस क्षेत्र में तैनात बलों का हिस्सा हैं। कमांड ने कहा कि ये युद्धपोत सैन्य मिशनों का समर्थन कर रहे हैं, जिनमें &#039;ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना&#039; शामिल है। अमेरिकी सैन्य कमांड ने आगे बताया कि 9 अगस्त तक सेंटकॉम ने 55 वाणिज्यिक जहाजों को दूसरी दिशा में मोड़ दिया है, दो को रोका है और दो पर चढ़कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया है।</p>
<p><strong>ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई तेज</strong><br />
यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब खबर है कि ईरान और ओमान एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जिससे होर्मुज से होकर नई शिपिंग लेन बन सकती हैं। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज पर ओमान के साथ समझौता अपने &#039;अंतिम चरण&#039; में है। हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जलमार्ग को फिर से खोलना अमेरिका की कुछ शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।</p>
<p>ईरान ने अमेरिकी हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा, प्रतिबंधों और सैन्य धमकियों को समाप्त करने तथा खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने की मांग की है। वहीं, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि बिना रुकावट वाणिज्यिक शिपिंग फिर से शुरू करने के समझौते की घोषणा के बाद वाशिंगटन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा देगा। अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान द्वारा अपने वादे पूरे करने से जुड़ी होगी।</p>
<p><strong>अंतिम चरण में होर्मुज जलसंधि समझौता</strong><br />
ईरान-ओमान के संभावित समझौते से ऐसी शिपिंग लेन बनने की उम्मीद है, जिनका उपयोग होर्मुज को फिर से खोलने की शर्तें पूरी होने के बाद किया जा सकेगा। रॉयटर्स के अनुसार, इस व्यवस्था से बड़े तेल और गैस शिपिंग मार्गों से सुरक्षित रास्ता फिर से शुरू हो सकता है। फिर भी, अराघची ने दोहराया कि जब तक वाशिंगटन तेहरान की मांगें पूरी नहीं करता, ईरान जलमार्ग को फिर से नहीं खोलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है, बल्कि मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान चल रहा है।</p>
<p><strong>ईरान ने जलमार्ग खोलने की शर्तें रखीं</strong><br />
ईरानी अधिकारियों ने जलमार्ग फिर से खोलने के लिए शर्तों की एक लंबी सूची पेश की है। ईरान की शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा संस्था के सचिव मोहम्मद बाकर जोलकादर ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी धमकियों को समाप्त करने, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ हमले रोकने, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने, प्रतिबंध हटाने और ईरान की फ्रीज संपत्ति जारी करने की मांग की।</p>
<p>दूसरी ओर वाशिंगटन का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और क्षेत्र के लिए खतरा पैदा करने की उसकी क्षमता को कम करना था।जून में वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसके बाद जुलाई में खाड़ी में ईरानी शिपिंग पर अमेरिका ने फिर से रोक लगा दी। तेहरान ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया, जो तब तक टूट चुका था।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/uss-massive-encirclement-in-hormuz-20-warships-deployed-55-vessels-rerouted-pressure-mounts-on-iran/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख! संप्रभुता हमारी पहली प्राथमिकता, अमेरिका से बातचीत के लिए रखीं 3 शर्तें</title>
		<link>https://newsx24.com/irans-firm-stance-on-hormuz-sovereignty-is-our-top-priority-3-conditions-set-for-talks-with-the-us/</link>
					<comments>https://newsx24.com/irans-firm-stance-on-hormuz-sovereignty-is-our-top-priority-3-conditions-set-for-talks-with-the-us/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Jul 2026 03:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/irans-firm-stance-on-hormuz-sovereignty-is-our-top-priority-3-conditions-set-for-talks-with-the-us/</guid>

					<description><![CDATA[तेहरान ईरान ने&#160; कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान की तत्काल प्राथमिकता बातचीत के बजाय अपनी संप्रभुता की रक्षा करना है, उन्होंने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान</strong><br />
ईरान ने&nbsp; कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और इस समुद्री मार्ग के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ सकारात्मक बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान की तत्काल प्राथमिकता बातचीत के बजाय अपनी संप्रभुता की रक्षा करना है, उन्होंने हालांकि यह भी स्वीकार किया कि ईरान मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत के लिए फिलहाल स्थितियां मौजूद नहीं हैं।</p>
<p><strong>अमेरिका से बातचीत के लिए रखीं 3 शर्तें</strong></p>
<p>ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी नए रास्ते या वैकल्पिक रूट के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज पर वह किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा और अब ये समुद्री रास्ता युद्ध पूर्व की स्थिति में वापस नहीं जाएगा। ईरान की ओर से ऐसे समय ये कहा गया है, जब अमेरिका ने दो हफ्ते से जारी हमले रोक दिए हैं और चीजों को बातचीत की तरफ ले जाने की कोशिश हो रही है। ईरान ने अमेरिका से समझौते पर बातचीत के लिए तीन शर्तें रखी हैं।</p>
<p>अल-अरबिया के अनुसार, तेहरान चाहता है कि बातचीत शुरू होने से पहले होर्मुज पर यह पक्का किया जाए कि इस समुद्री गलियारे पर ईरान का नियंत्रण रहेगा। यह उसकी पहली शर्त है। दूसरी शर्त ईरान के फ्रीज किए गए फंड जारी करने की है। तीसरे पड़ाव में ईरान ने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा की बात कही है। ईरान ने मध्यस्थ पाकिस्तान से कहा है कि वह शर्तों पर जिनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में बातचीत के लिए तैयार है।</p>
<p><strong>होर्मुज खोलने पर बातचीत जारी</strong><br />
रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के जलमार्गों को फिर से खोलने पर ओमान और ईरान के बीच दो दिन की बातचीत में काफी प्रगति हुई है। एक ईरानी अधिकारी ने कहा है कि ओमान के अधिकारी चर्चा के बाद शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर के आसपास तेहरान से रवाना हुए हैं।</p>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर ओमान और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। क्षेत्रीय अधिकारियों ने कहा है कि किसी नतीजे के लिए अभी और बातचीत की जरूरत है। हालांकि होर्मुज पर डोनाल्ड ट्रंप का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजर है।</p>
<p><strong>होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण</strong><br />
ईरानी संसद के डिप्टी स्पीकर ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध-पूर्व की स्थिति में वापस नहीं आएगा। अब इस समुद्री रूट से यातायात ईरान तत करेगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण बना होने का दावा किया है।</p>
<p>IRGC ने कहा हैकि ईरान की अनुमति के बिना एक पक्षी भी होर्मुज से से नहीं गुजर सकता है। IRGC ने यह भी कहा कि उसकी चेतावनी जारी करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में छह जहाजों को रोका गया। इससे यह साबित होता है कि उस इलाके में नेविगेशन पर ईरान का पूरा नियंत्रण है।</p>
<p><strong>ईरान-अमेरिका में हमले रुके</strong><br />
अमेरिका ने 13 दिनों के हमलों के बाद ईरान पर हमले रोक दिए हैं। इसके बाद ईरानी सेना ने भी जवाबी हमले रोकने का ऐलान किया है। दोनों पक्षों के हमले रोकने से बातचीत फिर शुरू होने की उम्मीद बंधी है। माइक वाल्ट्ज ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को समय देने के लिए हमले रोके हैं।</p>
<p><strong>पाकिस्तान में भी हो सकती है बातचीत</strong></p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तान को भी संदेश भेजा है कि वह जिनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में आगे की वार्ता के लिए तैयार है. इस बीच ओमान और ईरान के बीच हॉर्मुज के आसपास समुद्री रास्तों को फिर से सामान्य करने को लेकर दो दिनों तक बातचीत हुई।&nbsp;</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बातचीत में कुछ प्रगति हुई है. इसी दौरान अमेरिका ने भी ईरान पर अपने हवाई हमले फिलहाल रोक दिए. इससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ी है. हालांकि, क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि अंतिम समझौते के लिए अभी और दौर की बातचीत जरूरी होगी।&nbsp;</p>
<p><strong>&lsquo;हॉर्मुज पर हमारा पूरा नियंत्रण&rsquo;</strong><br />
ईरान ने दावा किया कि हाल ही में एक तेल टैंकर निर्धारित समुद्री मार्ग छोड़कर दूसरे रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था. इसी दौरान वह समुद्री सुरंग से टकरा गया. उसमें विस्फोट हो गया. ईरान की संसद के उपाध्यक्ष ने कहा कि अब हॉर्मुज कभी भी युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा।&nbsp;</p>
<p>वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान की सहमति के बिना हॉर्मुज से एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता. आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसने चेतावनी देने के बाद हॉर्मुज में छह जहाजों को रोक दिया गया. इसे उसने इस क्षेत्र पर अपने कंट्रोल का सबूत बताया।&nbsp;</p>
<p><strong>अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप</strong><br />
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर हॉर्मुज से जुड़े समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि समझौते का अनुच्छेद-5 पूरी तरह स्पष्ट था, लेकिन अमेरिका ने जानबूझकर उसकी शर्तों का पालन नहीं किया।&nbsp;</p>
<p><strong>दुनिया की टिकीं नजरें</strong><br />
हालांकि बातचीत आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. लेकिन हॉर्मुज को लेकर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. जानकारों का मानना है कि यह समुद्री मार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे अहम रास्ता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/irans-firm-stance-on-hormuz-sovereignty-is-our-top-priority-3-conditions-set-for-talks-with-the-us/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान की 9/11 जैसी हमले की धमकी से बढ़ा तनाव, होर्मुज संकट पर ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया</title>
		<link>https://newsx24.com/tensions-rise-following-irans-threat-of-a-911-style-attack-trump-reacts-sternly-to-the-hormuz-crisis/</link>
					<comments>https://newsx24.com/tensions-rise-following-irans-threat-of-a-911-style-attack-trump-reacts-sternly-to-the-hormuz-crisis/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 13:34:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/tensions-rise-following-irans-threat-of-a-911-style-attack-trump-reacts-sternly-to-the-hormuz-crisis/</guid>

					<description><![CDATA[वाशिंगटन/ तेहरान&#160; अमेरिका और ईरान के बीच धमकियों का दौर रुक नहीं रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद किए जाने से आगबबूला हो गए हैं, वहीं अमेरिका के लगातार हमलों के बाद ईरान भी बौखला गया है। इस बीच अब ईरान ने अमेरिका को बड़ी धमकी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन/ तेहरान&nbsp;</strong></p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच धमकियों का दौर रुक नहीं रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद किए जाने से आगबबूला हो गए हैं, वहीं अमेरिका के लगातार हमलों के बाद ईरान भी बौखला गया है। इस बीच अब ईरान ने अमेरिका को बड़ी धमकी दे दी है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने अगर जल्द ही अपने हमले नहीं रोके तो उस पर 9/11 जैसा होगा। इस धमकी के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तबाही की आशंका गहरा गई है।</p>
<p>इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की चेतावनी दी थी। इसके कुछ घंटों बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने डरावनी धमकी दे डाली। IRGC ने अमेरिका को 9/11 जैसे हमले की धमकी देते हुए कहा कि अगर यह युद्ध जारी रहा तो अमेरिका में राष्ट्रीय शोक की स्थिति पैद कर जाएगी। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक IRGC ने अपने बयान में कहा, &ldquo;अगर युद्ध जारी रहा तो हम ऐसे ऑपरेशन चलाएंगे, अमेरिका पछताएगा&hellip; अमेरिका में राष्ट्रीय शोक की नौबत आ जाएगी।&rdquo;</p>
<p><strong>9/11 को मची थी तबाही</strong><br />
बता दें कि अमेरिका में आखिरी बार 9/11 के हमलों के बाद ही राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई थी। 11 सितंबर 2001 को हुआ यह हमला अमेरिकी इतिहास का सबसे भयानक आतंकवादी हमला था। आतंकवादियों ने अमेरिकी यात्रियों से भरे 4 विमानों को हाइजैक कर लिया था। इनमें से 2 विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स से टकरा दिया गया। इससे 110-मंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। वहीं तीसरा विमान वर्जीनिया स्थित अमेरिकी रक्षा मंत्रालय से और चौथा विमान पेन्सिल्वेनिया के एक खेत में क्रैश हो गया। इस हमले में करीब 3000 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए।</p>
<p><strong>ट्रंप की चेतावनी</strong><br />
इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बौखलाए हुए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान होर्मुज में किसी भी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका ईरान के किसी भी पुल और पावर प्लांट पर बमबारी करेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, &ldquo;अब इसके बाद अगर ईरान ने होर्मुज में किसी भी जहाज पर हमला किया, चाहे वह मिसाइल से हो, रॉकेट से, ड्रोन से या दूसरे किसी हथियार से, तो अमेरिका ब्रिज या पावर प्लांट को बम से तबाह कर देगा। तेहरान के पास स्थित इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जाएगा।&rdquo;</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक किसी भी संभावित युद्धविराम के लिए अमेरिका की पहली शर्त यह है कि ईरान वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद करे और होर्मुज पर सामान्य रूप से आवाजाही होने दे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरान ने पिछले 3 महीनों में 30 से अधिक जहाजों पर हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने जून में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है और जहाजों पर लगातार हमले किए हैं।</p>
<p><strong>लगातार हमले कर रहा अमेरिका</strong><br />
अब अमेरिका ने ईरान पर बीते 2 सप्ताह से लगातार बमबारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका लगातार 12 दिनों से दक्षिणी ईरान में कई पुलों को निशाना बना चुका है। अमेरिका ने ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर ठिकानों को निशाना बनाने की भी धमकी दी है। ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान के बेहद सुरक्षित &#039;पिकैक्स माउंटेन&#039; परमाणु ठिकाने को निशाना बनाएगा। इसके जवाब में ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर अमेरिकी सेना ऐसा कोई कदम उठाती है, तो ईरान इसे क्षेत्र में युद्ध का विस्तार मानेगा। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों को और बड़े हमले करेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/tensions-rise-following-irans-threat-of-a-911-style-attack-trump-reacts-sternly-to-the-hormuz-crisis/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान में दिग्गज सुन्नी मौलवी मोहम्मद अनवर की हत्या, जुमे की नमाज की अगुवाई करने वाले धर्मगुरु पर हमला</title>
		<link>https://newsx24.com/prominent-sunni-cleric-mohammad-anwar-killed-in-iran-attack-on-religious-leader-who-led-friday-prayers/</link>
					<comments>https://newsx24.com/prominent-sunni-cleric-mohammad-anwar-killed-in-iran-attack-on-religious-leader-who-led-friday-prayers/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 12:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/prominent-sunni-cleric-mohammad-anwar-killed-in-iran-attack-on-religious-leader-who-led-friday-prayers/</guid>

					<description><![CDATA[तेहरान&#160; ईरान में एक बड़े सुन्नी मौलवी की हत्या कर दी गई है. मिर्जावेह प्रांत के गवर्नर ने बताया कि अज्ञात हथियारबंद लोगों ने शहर की अली इब्न अबी तालिब मस्जिद में सुन्नी मौलवी मोहम्मद अनवर रीगी की हत्या कर दी है. उन्होंने इसे आतंकी हमला करार दिया है. मिर्जावेह ईरान के दक्षिण पश्चिमी प्रांत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान&nbsp;</strong><br />
ईरान में एक बड़े सुन्नी मौलवी की हत्या कर दी गई है. मिर्जावेह प्रांत के गवर्नर ने बताया कि अज्ञात हथियारबंद लोगों ने शहर की अली इब्न अबी तालिब मस्जिद में सुन्नी मौलवी मोहम्मद अनवर रीगी की हत्या कर दी है. उन्होंने इसे आतंकी हमला करार दिया है. मिर्जावेह ईरान के दक्षिण पश्चिमी प्रांत का इलाका है. उन्होंने कहा कि कुछ हथियारबंद आतंकियों ने उसकी हत्या की है।&nbsp;</p>
<p>वे बलूच समुदाय के एक मौलवी थे. ईरान में सुन्नी आबादी वाले क्षेत्रों (खासकर बलूचिस्तान) में वे स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे।&nbsp;उनकी नियुक्तिमिर्जावेह&nbsp; की मस्जिद में इमाम-ए-जुम्मा के रूप में हुई थी. यह नियुक्ति विवादास्पद रही, क्योंकि इससे पहले मौलवी अब्दुल क़हार मीरबलोचज़ही को गिरफ्तार किया गया था और कई स्थानीय लोगों ने इस पर विरोध जताया था।&nbsp;&nbsp;</p>
<p>सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत ईरान के सबसे गरीब प्रांतों में से एक है. जहां ईरान एक शिया बहुल देश है वहीं सिस्तान-बलूचिस्तान में सुन्नी बलूच आबादी बड़ी संख्या में रहती है. यह प्रांत लंबे समय से इस्लामी या जातीय उग्रवादियों और सुरक्षा बलों या तेहरान के समर्थक गुटों के बीच संघर्ष का गवाह रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि जांच चल रही है. उन्होंने यहां के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. ​​उन्होंने कहा कि इस हमले का मकसद सुरक्षा को कमजोर करना और प्रांत में सांप्रदायिक मतभेद भड़काना है।&nbsp;</p>
<p><strong>अमेरिका के साथ जंग में उलझा है ईरान</strong><br />
अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की है, वहीं ईरान भी खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है. बढ़ती तल्खी के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ युद्ध तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हमें लड़ाई में मजबूत बढ़त नहीं मिल जाती. ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, &quot;बातचीत भी तभी होनी चाहिए, जब ईरान ऐसी स्थिति में हो जहां उसे लगे कि हालात उसके पक्ष में हैं।&nbsp;</p>
<p>अराघची ने कहा कि किसी भी युद्ध का अंत दो तरह से होता है. पहला, जब किसी एक पक्ष को सैन्य जीत मिल जाए. दूसरा, जब दोनों पक्ष बातचीत करके समझौते पर पहुंचें. लेकिन बातचीत तभी करनी चाहिए, जब संघर्ष में अपनी स्थिति मजबूत हो. जल्दबाजी में बातचीत करना सही नहीं होगा. इसके साथ ही उन्होंने ईरान की सुरक्षा को भी अहम बताया. उन्होंने कहा कि लोगों की जान और देश के भविष्य को खतरे में नहीं डाला जा सकता. हर फैसला पूरी जानकारी और सही आकलन के बाद ही लिया जाना चाहिए।&nbsp;</p>
<p>&nbsp;मिर्जावेह&nbsp; में मस्जिद के पास अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलीबारी की. गोली लगने से वे मौके पर ही शहीद हो गए. यह उन पर दूसरा हमला था. दिसंबर 2024 में भी उन पर गोलीबारी हुई थी, लेकिन उस समय वे बच गए थे।&nbsp;</p>
<p><strong>विदेश मंत्री ने बयान देकर जले पर नमक छिड़का</strong></p>
<p>अमेरिका और ईरान की जंग एक बार फिर चरम पर पहुंच चुकी है. ईरानी हमलों में तीसरे अमेरिकी सैनिक की मौत की पुष्टि हो गई है और अब डोनाल्ड ट्रंप बदला लेने के मूड में हैं. अमेरिकी सेना ने लगातार नौवीं रात ईरान पर हमला बोला है. एक तरफ ट्रंप कह रहे हैं कि ईरानी हमलों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की याद में, उन्हें सम्मान देने के लिए हमले किए जा रहे हैं. वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कह दिया है कि सेना का कोई भी काम सुरक्षित नहीं होता. यह सब अपने आप में खतरनाक होता है. इस नाजुक मोड़ पर मार्को रुबियो का यह बयान शहीदों के परिवारों को शायद रास नहीं आए।&nbsp;</p>
<p>ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा है कि अमेरिका के नए हमलों के बाद तबरीज, चाबहार, कोणार्क, बंदर महशहर और बंदर इमाम खुमैनी में विस्फोट की सूचना मिली है।&nbsp;</p>
<p><strong>एक और अमेरिकी सैनिक की मौत</strong><br />
अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन नेकहा कि ईरान के हमलों में अमेरिकी सेना के एक तीसरे सैनिक की मौत हो गई है. युद्ध का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में और लड़ाकू विमान भेजने शुरू कर दिए हैं. पेंटागन ने बताया कि शनिवार को उत्तरी इराक में ईरान के एक गिराए गए अटैक ड्रोन को नष्ट करने के दौरान सैनिक की मौत हो गई।&nbsp;</p>
<p><strong>मार्को रुबियो का बयान</strong><br />
जब अमेरिका के विदेश मंत्री से शहीद हुए सैनिकों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, &quot;लेकिन देखिए, हमारी सेना दुनिया भर में, खासकर उस इलाके में लेकिन हर जगह, हर दिन बहुत खतरनाक काम करती है. हमारे यहां ऐसे लोग भी रहे हैं जिनकी ट्रेनिंग के दौरान जान चली गई. सेना जो भी काम करती है, उसमें से कुछ भी सुरक्षित नहीं होता. यह सब अपने आप में खतरनाक होता है&#8230;&quot;&nbsp;</p>
<p><strong>अभी भी बातचीत के लिए राजी अमेरिका- रुबियो</strong></p>
<p>विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका अभी भी ईरान के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत असल होनी चाहिए. रुबियो ने कहा, &quot;हम जवाब देते रहेंगे. अगर बातचीत का रास्ता खुलता है, यानी अगर ईरान के लिए कुछ अच्छा करने वाले लोग जीतते हैं और सिस्टम या बातचीत की कमान संभालते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी&#8230; लेकिन अफसोस की बात है कि अभी हालात ऐसे नहीं हैं।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/prominent-sunni-cleric-mohammad-anwar-killed-in-iran-attack-on-religious-leader-who-led-friday-prayers/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान-अमेरिका सीजफायर खत्म, ट्रंप का बड़ा ऐलान; बढ़ा पश्चिम एशिया में नए टकराव का खतरा</title>
		<link>https://newsx24.com/iran-us-ceasefire-ends-trump-makes-major-announcement-risk-of-new-west-asia-conflict-escalates/</link>
					<comments>https://newsx24.com/iran-us-ceasefire-ends-trump-makes-major-announcement-risk-of-new-west-asia-conflict-escalates/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 12:12:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/iran-us-ceasefire-ends-trump-makes-major-announcement-risk-of-new-west-asia-conflict-escalates/</guid>

					<description><![CDATA[नईदिल्ली&#160; अमेरिका और ईरान के बीच हुआ संघर्ष-विराम (सीजफायर) टूटने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को पूरी तरह खत्म घोषित कर दिया है&#160;इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने चाबहार और बुशहर सहित ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों और बंदरगाहों पर भारी बमबारी की है अमेरिका द्वारा किए गए इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नईदिल्ली&nbsp;</strong></p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच हुआ संघर्ष-विराम (सीजफायर) टूटने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को पूरी तरह खत्म घोषित कर दिया है&nbsp;इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने चाबहार और बुशहर सहित ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों और बंदरगाहों पर भारी बमबारी की है अमेरिका द्वारा किए गए इस बड़े एक्शन और जवाबी कार्रवाई के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:<br />
<strong>सीजफायर का अंत:&nbsp;</strong><br />
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले करने और समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए सीजफायर समाप्त होने का ऐलान किया है&nbsp;<br />
<strong>अमेरिकी एयरस्ट्राइक:&nbsp;</strong><br />
अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने ईरान के चाबहार और बुशहर सहित कई तटीय ठिकानों पर विनाशकारी बमबारी की है<br />
<strong>ईरान का पलटवार:&nbsp;</strong><br />
जवाबी कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं。भारत पर प्रभाव: होरमुज की खाड़ी से गुजरने वाले तेल व्यापार और चाबहार पोर्ट पर जारी इस तनाव से भारत की ऊर्जा आपूर्ति और रणनीतिक हितों के प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/iran-us-ceasefire-ends-trump-makes-major-announcement-risk-of-new-west-asia-conflict-escalates/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान को लेकर आमने-सामने अमेरिका और चीन, क्या खाड़ी का तनाव विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहा है?</title>
		<link>https://newsx24.com/us-and-china-at-odds-over-iran-is-gulf-tension-escalating-towards-a-world-war/</link>
					<comments>https://newsx24.com/us-and-china-at-odds-over-iran-is-gulf-tension-escalating-towards-a-world-war/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 11:32:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/us-and-china-at-odds-over-iran-is-gulf-tension-escalating-towards-a-world-war/</guid>

					<description><![CDATA[तेहरान &#160; अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसके बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी है. अमेरिकी सेना के मुताबिक यह नाकेबंदी पहले भी अप्रैल से जून के बीच लागू की गई थी और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान</strong><br />
&nbsp;<br />
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसके बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी है. अमेरिकी सेना के मुताबिक यह नाकेबंदी पहले भी अप्रैल से जून के बीच लागू की गई थी और अब इसे फिर से शुरू किया गया है. इसका उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है. दूसरी ओर हालात ऐसे हो गए हैं कि पहले से लागू सीजफायर पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है. अमेरिका ने लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए. इसके जवाब में क्षेत्र के कई हिस्सों में हमलों और धमाकों की खबरें सामने आईं. इस बीच अमेरिका के सहयोगी कुवैत और बहरीन ने अपने नागरिकों को संभावित खतरों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. वहीं ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।&nbsp;</p>
<p><strong>ट्रंप ने पुलों-बिजली संयंत्रों पर हमले की चेतावनी</strong><br />
इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि तेहरान जल्द बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता, तो अगले सप्ताह अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमला कर सकता है. ट्रंप पहले भी इस तरह की चेतावनियां दे चुके हैं और उन्हें अक्सर बातचीत के दौरान दबाव बनाने की रणनीति माना जाता है।&nbsp;</p>
<p><strong>होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर नहीं लगेगी फीस</strong><br />
उधर ट्रंप ने अपने पहले किए गए एक फैसले में बदलाव भी किया. उन्होंने कहा कि अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क नहीं लगाया जाएगा. इसके बजाय खाड़ी के देशों द्वारा अमेरिका में किए जाने वाले निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी. इस फैसले को क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और व्यापा<strong>रिक तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।&nbsp;</strong></p>
<p><strong>अमेरिका ने बुशहर में 4 जगहों पर की बमबारी</strong><br />
ईरान के बुशेहर प्रांत के गवर्नर मोहम्मद मोज़ाफरी ने कहा है कि अमेरिका के हमलों में शहर के चार स्थानों को निशाना बनाया गया. सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, मंगलवार सुबह हुए इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. गवर्नर ने बताया कि सभी राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और फिलहाल शहर में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है।&nbsp;</p>
<p><strong>&nbsp;चीन ने दिया अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब- खतरनाक स्थिति के जिम्मेदार आप</strong><br />
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत सुन लेई ने अमेरिका पर ईरान पर बड़े सैन्य हमले करके पूरे क्षेत्र को एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंचाने का आरोप लगाया है. सुन लेई ने यह बयान तब दिया, जब संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने आरोप लगाया कि चीन ईरान और यमन तक सामान की आपूर्ति रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है. चीन ने इस आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया. सुन लेई ने कहा कि चीन ऐसे निर्यात पर सख्त नियंत्रण रखता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी है कि अमेरिका मध्य पूर्व में नए संघर्ष और अस्थिरता पैदा करना बंद करे।&nbsp;</p>
<p><strong>&nbsp;अमेरिका ने चीन पर लगाया आरोप, ईरान-हूतियों की कर रहा मदद</strong><br />
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह ईरान और यमन के हूती विद्रोहियों तक ऐसे सामान की आपूर्ति रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा, जिनका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बोलते हुए वॉल्ट्ज ने कहा कि ईरान और चीन की कुछ कंपनियों ने हूतियों पर लगाए गए संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध से जुड़े प्रस्ताव का उल्लंघन किया है, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।&nbsp;</p>
<p><strong>अमेरिकी नाकेबंदी से पहले बढ़ी थी होर्मुज में जहाजों की संख्या</strong><br />
जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी कप्लर (Kpler) के अनुसार, अमेरिका की समुद्री नाकेबंदी लागू होने से पहले मंगलवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बढ़ गई. आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान गुजरने वाले 11 जहाजों में से 9 ईरान से जुड़े व्यापारिक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे. इनमें एक बहुत बड़ा तेल टैंकर लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल, एक टैंकर रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद और दो जहाज एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) लेकर निकले. वहीं, मंगलवार को अन्य खाड़ी देशों से तेल या गैस लोड करने वाले टैंकरों की आवाजाही नहीं देखी गई।<br />
&nbsp;<br />
<strong>अमेरिकी सेना ने 7 घंटे तक किया ईरान पर हमला</strong><br />
अमेरिकी सेना की ओर से बताया गया है कि ईरान के खिलाफ सात घंटे तक चले अभियान में अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों ने सटीक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक क्षमताओं तथा तटीय रक्षा प्रणालियों पर हमला किया. इसका उद्देश्य ईरान की वाणिज्यिक जहाज़रानी और नागरिक जहाज़ों के चालक दल को खतरे में डालने की क्षमता को और कमजोर करना था. ये हमले उसी दिन किए गए, जिस दिन अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी फिर से शुरू की. सेंटकॉम की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी बल सतर्क हैं और पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार हैं।</p>
<p><strong>युद्ध के बीच ईरान में चल रही हैं परीक्षाएं</strong><br />
ईरान के शिक्षा मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से सैन्य ठिकानों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के पास बने परीक्षा केंद्रों को दूसरी सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित कर दिया है. फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, अब इन परीक्षा केंद्रों को सार्वजनिक सभागारों और धार्मिक केंद्रों जैसी सुरक्षित इमारतों में चलाया जाएगा. सरकार ने यह फैसला संभावित नए हमलों के खतरे को देखते हुए लिया है, ताकि परीक्षार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और परीक्षाएं बिना किसी बाधा के कराई जा सकें।&nbsp;</p>
<p><strong>&nbsp;ईरान का दावा, अमेरिका ने गेहूं भडारण साइलो को बनाया निशाना</strong><br />
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के मुताबिक अमेरिका के हमले में ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत के होवेज़ेह काउंटी स्थित एक गेहूं भंडारण साइलो को निशाना बनाया गया. प्रांत के उप-गवर्नर ने बताया कि रात में हुए इस हमले में साइलो को नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/us-and-china-at-odds-over-iran-is-gulf-tension-escalating-towards-a-world-war/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ईरान के बंदर अब्बास और केश्म में फिर धमाके, तेल-गैस की कीमतों में उछाल, बढ़ी वैश्विक चिंता</title>
		<link>https://newsx24.com/explosions-again-in-irans-bandar-abbas-and-qeshm-oil-and-gas-prices-surge-global-concern-rises/</link>
					<comments>https://newsx24.com/explosions-again-in-irans-bandar-abbas-and-qeshm-oil-and-gas-prices-surge-global-concern-rises/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 14:33:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/explosions-again-in-irans-bandar-abbas-and-qeshm-oil-and-gas-prices-surge-global-concern-rises/</guid>

					<description><![CDATA[तेहरान&#160; अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बड़े पैमाने पर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़े तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर रविवार शाम से हमले शुरू किए गए. अमेरिका &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान&nbsp;</strong><br />
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बड़े पैमाने पर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़े तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर रविवार शाम से हमले शुरू किए गए. अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाने में किया जा रहा है. ये हमले तीन घंटे से ज्यादा समय तक चलता रहा. इस बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि दक्षिणी ईरान के फारुर द्वीप पर हुए एक हमले में कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से जुड़े एक अधिकारी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>तेल के सबसे अहम इलाके पर भी हमला</strong><br />
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिकी हमले दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत तक हो रहे हैं. यहां पेट्रोलियम उद्योग के लिए मशहूर अहवाज शहर के आसपास दो जगहों को निशाना बनाया गया. बाद में अहवाज के उत्तर में स्थित अंदीमेश्क इलाके में भी एक और हमले की सूचना मिली. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है।&nbsp;</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है, &quot;पिछले कुछ रातों में अमेरिकी आतंकवादी ताकतों ने देश के दक्षिणी तट पर हमले किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई मछुआरों और देश की रक्षा करने वालों की शहादत हुई है।&nbsp;</p>
<p>इस हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, ओमान, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया. इस हमले में फ्यूल डिपो, गोला-बारूद के बंकर, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और ड्रोन कमांड सेंटर नष्ट कर दिए गए।&nbsp;</p>
<p>IRGC ने इन हमलों के बारे में तीन अलग-अलग बयान जारी किए. उन्होंने कहा कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक टकराव के बाद ईरानी तटीय ठिकानों पर अमेरिकी हमलों का जवाब थे।&nbsp;</p>
<p>पहले चरण में IRGC ने कहा कि उन्होंने मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस पर कई बड़े मिसाइल डिपो और फ्यूल स्टोरेज टैंकों में आग लगा दी. दूसरे चरण में IRGC एयरोस्पेस फोर्सेज ने बहरीन के शेख ईसा स्थित अमेरिकी बेस पर हेलीकॉप्टर रखरखाव और मरम्मत केंद्रों, P-8 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर हमला किया।&nbsp;</p>
<p>अमेरिका और ईरान के बीच की ये ताजा लड़ाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कब्जे को लेकर है. सोमवार को अमेरिका और ईरान दोनों ने दावा किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण है. यह दावा पूरे मध्य पूर्व में सप्ताहांत में हुए हमलों के बाद किया गया, जिससे युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशों पर और खतरा मंडराने लगा है।&nbsp;</p>
<p>ये हमले तब शुरू हुए जब ईरान ने रविवार को ओमान के तट के पास इस स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हमला किया. इन हमलों ने एक बार फिर यह बात साफ कर दी कि यह जलमार्ग बातचीत में एक अहम मुद्दा बना हुआ है।&nbsp;</p>
<p>युद्ध शुरू होने के बाद से ही फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने पर जहाजों की आवाजाही में रुकावट आ रही है, क्योंकि ईरान ने इसके आसपास कमर्शियल जहाजों पर हमले करके और शिपिंग कंपनियों को डरा-धमकाकर इस पर अपनी पकड़ बनाए रखी है।&nbsp;&nbsp;</p>
<p>ईरान और अमेरिका उस 60-दिन के अंतरिम समझौते की लगभग आधी अवधि पूरी कर चुके हैं, जिसका मकसद युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत शुरू करना था. इसके बजाय स्थिति ऐसी हो गई है कि इस जलडमरूमध्य और इसके भविष्य को लेकर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे दुनिया के नेताओं को चिंता सता रही है कि ईरान के साथ युद्ध फिर से पूरी तरह शुरू हो सकती है।&nbsp;</p>
<p><strong>होर्मुज के पास फारुर द्वीप क्यों अहम है?</strong><br />
हमलों में जिस फारुर द्वीप का नाम सामने आया है, वह ईरान के होर्मोजगान प्रांत में बंदर लेंगेह के पास स्थित है. यह द्वीप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब है. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का समुद्री निर्यात होर्मुज के रास्ते से गुजरता है. यही वजह है कि फारुर पर ईरान के सर्विलांस सिस्टम, सैन्य ठिकाने और समुद्री सुरक्षा नेटवर्क मौजूद हैं. मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक रविवार शाम हुए हमले में कम्युनिकेशन से जुड़े एक अधिकारी की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हुए. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।&nbsp;</p>
<p><strong>ईरान का खाड़ी देशों को चेतावनी</strong><br />
ईरान ने खाड़ी के कुछ देशों पर आरोप लगाया कि उनकी जमीन और सैन्य बेस का इस्तेमाल ईरान पर हमलों में किया गया. ईरान ने चेतावनी दी कि अगर किसी देश की जमीन से हमला किया गया तो उसे भी जवाबी कार्रवाई के लिए वैध लक्ष्य माना जाएगा।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/explosions-again-in-irans-bandar-abbas-and-qeshm-oil-and-gas-prices-surge-global-concern-rises/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Iran Hit List: ट्रंप के साथ मेलोनी-मैक्रों भी निशाने पर? अखबार में छपी तस्वीर ने बढ़ाई हलचल, बदले की चेतावनी</title>
		<link>https://newsx24.com/iran-hit-list-are-meloni-and-macron-also-targets-alongside-trump-newspaper-photo-sparks-a-stir-warnings-of-retaliation-issued/</link>
					<comments>https://newsx24.com/iran-hit-list-are-meloni-and-macron-also-targets-alongside-trump-newspaper-photo-sparks-a-stir-warnings-of-retaliation-issued/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 13:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[iran]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/iran-hit-list-are-meloni-and-macron-also-targets-alongside-trump-newspaper-photo-sparks-a-stir-warnings-of-retaliation-issued/</guid>

					<description><![CDATA[तेहरान / वाशिंगटन ईरान के सरकारी अखबार हमशहरी ने खामेनेई की मौत के लिए 13 वर्ल्ड लीडर्स को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी तस्वीरें छापी हैं। इनमें ट्रम्प, नेतन्याहू, मेलोनी, मैक्रों समेत बड़े लीडर्स के नाम शामिल हैं। तस्वीरों में सभी लीडर्स को नारंगी रंग की जेल यूनिफॉर्म में दिखाया गया है। हिट लिस्ट में पहले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तेहरान / वाशिंगटन</strong></p>
<p>ईरान के सरकारी अखबार हमशहरी ने खामेनेई की मौत के लिए 13 वर्ल्ड लीडर्स को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी तस्वीरें छापी हैं। इनमें ट्रम्प, नेतन्याहू, मेलोनी, मैक्रों समेत बड़े लीडर्स के नाम शामिल हैं। तस्वीरों में सभी लीडर्स को नारंगी रंग की जेल यूनिफॉर्म में दिखाया गया है।</p>
<p>हिट लिस्ट में पहले नंबर पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, दूसरे नंबर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हैं, जिनके सिर पर (Target) निशाना बना हुआ है। इस हिट लिस्ट के पब्लिश होने से पहले ही ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अपने पिता की मौत का बदला लेने की बात कह चुके हैं।</p>
<p><strong>हिट लिस्ट में ट्रम्प-नेतन्याहू समेत ये बड़े चेहरे</strong><br />
हमशहरी अखबार में सिर्फ ट्रम्प और नेतन्याहू ही नहीं, बल्कि अमेरिका, इजराइल और यूरोप के कई बड़े नेताओं की तस्वीरें छापी हैं। इनमें, हिट लिस्ट में सबसे ऊपर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हैं। उनके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम है।</p>
<p>इसके अलावा इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज, अमेरिकी सेंटकॉम कमांडर ब्रैड कूपर, US रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी, IDF चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जामिर, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री <strong>कीर स्टार्मर को भी इस लिस्ट में दिखाया गया है।</strong></p>
<p><strong>इन नेताओं को माना गया खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार</strong><br />
ईरान के इस सरकारी अखबार ने इजरायल, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के इन सभी बड़े नेताओं को सीधे तौर पर अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का जिम्मेदार ठहराया है. इस लिस्ट के सामने आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।&nbsp;<br />
ईरान ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि जंग के दौरान उसके इलाके पर हुए हमलों की निंदा करने में नाकाम रहे. अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत देकर हमलों में शामिल रहे. युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है. खबरों के मुताबिक जिस हमलों में उनके पिता मारे गए थे वे भी घायल हो गए थे।&nbsp;</p>
<p><strong>मुज्तबा खामेनेई ने कहा- बदला लेना जरूरी है</strong></p>
<p>मुज्तबा खामेनेई ने कहा था कि बदला लेना जरूरी है. बदला लेना हमारे देश की इच्छा है. इसे हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए. ये अपराधी जिनके नाम लिस्ट में हैं, अपने बिस्तर पर शांति से मरने की इच्छा के साथ ही कब्र में ले जाएंगे। ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा था कि ईरान ने उन लोगों की लिस्ट तैयार की है, जिन्हें तेहरान निशाना बनाना चाहता है. हालांकि, मुज्तबा ने किसी के नाम नहीं बताए थे।&nbsp;</p>
<p><strong>मोजतबा बोले- जल्द बदला लिया जाएगा</strong><br />
रिपोर्ट के मुताबिक, यह हिट लिस्ट उस मैसेज के बाद पब्लिश की गई, जिसे ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से जोड़ा गया है। मोजतबा खामेनेई के मैसेज में कहा गया, हम आपके खून और दोनों जंगों में मारे गए सभी लोगों के खून का बदला लेने का वादा करते हैं। यह हमारे देश की इच्छा है और इसका बदला जल्द लिया जाएगा। मोजतबा खामेनेई अब तक पब्लिक के सामने नहीं आए हैं। वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी दिखाई नहीं दिए।</p>
<p><strong>ट्रम्प पहले भी कर चुके हैं दावा</strong><br />
पिछले कुछ दिनों में ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि वह ईरान की हिट लिस्ट में टॉप पर हैं। करीब दो हफ्ते पहले भी हमशहरी अखबार ने अपने पहले पन्ने पर ट्रम्प की तस्वीर छापी थी। उस तस्वीर में ट्रम्प के माथे पर निशाना बना था और साथ में Certain Revenge लिखा गया था।</p>
<p><strong>ट्रम्प बोले- मेरे साथ कुछ हुआ तो&#8230;</strong><br />
ट्रम्प ने NATO समिट में भी कहा था कि वह ईरान की हिट लिस्ट में टॉप पर हैं। इसके बाद न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर उनकी हत्या होती है, तो उन्होंने पहले ही अपने प्रशासन को जरूरी निर्देश दे दिए हैं। ट्रम्प ने कहा, अगर ऐसा हुआ तो ईरान पर पहले कभी नहीं देखा गया हमला होगा।</p>
<p><strong>ट्रुथ सोशल पर भी दी चेतावनी</strong><br />
ट्रम्प ने शनिवार को ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान की तरफ 1,000 मिसाइलें तैनात हैं और जरूरत पड़ने पर हजारों दूसरी मिसाइलें भी तुरंत दागी जा सकती हैं। अगर ईरान अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति की हत्या करने या कोशिश करने की धमकी पर अमल करता है, तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी इलाकों को पूरी तरह तबाह करने के लिए तैयार है।</p>
<p><strong>हिट लिस्ट में जॉर्जिया मिलोनी भी</strong></p>
<p>इस लिस्ट में डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के अलावा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी शामिल हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>इन नेताओं को माना गया खामेनेई की मौत के लिए जिम्मेदार</strong><br />
ईरान के इस सरकारी अखबार ने इजरायल, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के इन सभी बड़े नेताओं को सीधे तौर पर अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का जिम्मेदार ठहराया है. इस लिस्ट के सामने आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।&nbsp;</p>
<p>ईरान ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि जंग के दौरान उसके इलाके पर हुए हमलों की निंदा करने में नाकाम रहे. अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत देकर हमलों में शामिल रहे. युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है. खबरों के मुताबिक जिस हमलों में उनके पिता मारे गए थे वे भी घायल हो गए थे।&nbsp;</p>
<p><strong>होर्मूज स्ट्रेट पर ईरान का बयान</strong><br />
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने कहा कि होर्मूज स्ट्रेट को लेकर फैसला सिर्फ ईरान और ओमान ही करेंगे। यह स्ट्रेट केवल ईरान और ओमान के समुद्री क्षेत्र में आता है, इसलिए इसके प्रबंधन से जुड़ा फैसला भी यही दोनों देश लेंगे। कतर की मौजूदगी सिर्फ मध्यस्थ की भूमिका तक सीमित है और वह किसी तरह का फैसला लेने के लिए बातचीत में शामिल नहीं है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/iran-hit-list-are-meloni-and-macron-also-targets-alongside-trump-newspaper-photo-sparks-a-stir-warnings-of-retaliation-issued/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
