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	<title>Jewar Airport &#8211; NewsX 24</title>
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	<title>Jewar Airport &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>15 जून से उड़ान भरेगा उत्तर प्रदेश का भविष्य, शुरू होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमानों का संचालन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Jun 2026 14:46:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Jewar Airport]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ/नोएडा.&#160; उत्तर प्रदेश के विकास इतिहास में 15 जून 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े एविएशन, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ/नोएडा.&nbsp;</strong><br />
उत्तर प्रदेश के विकास इतिहास में 15 जून 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े एविएशन, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब के रूप में अपनी नई पहचान की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाएगा।</p>
<p>देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो 15 जून से एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं शुरू करेगी और इस एयरपोर्ट की पहली लॉन्च कैरियर बनेगी। उद्घाटन दिवस पर पहली उड़ान सुबह 7:05 बजे लखनऊ से रवाना होकर 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद नोएडा से बेंगलुरु के लिए पहली नियमित वाणिज्यिक उड़ान संचालित की जाएगी।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री मोदी ने किया था उद्घाटन</strong><br />
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित विकास मॉडल का भी प्रतीक माना जा रहा है। एयरपोर्ट के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक परियोजना बताया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जेवर एयरपोर्ट विकसित भारत के संकल्प को गति देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित यह परियोजना आज प्रदेश के तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य की पहचान बन चुकी है।</p>
<p><strong>योगी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल जेवर एयरपोर्ट</strong><br />
गौतमबुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। एयरपोर्ट के लिए लगभग 1334 हेक्टेयर (करीब 3300 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया। परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा कराया।</p>
<p><strong>पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता</strong><br />
एयरपोर्ट का पहला चरण पूरी तरह तैयार हो चुका है। पहले चरण में यह एयरपोर्ट प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा। डीजीसीए द्वारा 6 मार्च 2026 को एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस भी जारी किया जा चुका है। वर्तमान चरण में एक रनवे, अत्याधुनिक टर्मिनल भवन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>भविष्य में बनेगा दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक</strong><br />
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है। वर्ष 2031 तक इसकी क्षमता बढ़ाकर तीन करोड़ वार्षिक यात्रियों की जाएगी। वर्ष 2036 तक यह क्षमता पांच करोड़ और वर्ष 2040 तक सात करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। अंतिम विस्तार के बाद एयरपोर्ट पर पांच रनवे होंगे और इसकी कुल क्षमता 22.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल करेगी।</p>
<p><strong>पश्चिमी यूपी और एनसीआर का नया एविएशन गेटवे</strong><br />
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तीसरे एयरपोर्ट के रूप में विकसित यह प्रोजेक्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के लाखों यात्रियों के लिए नया विकल्प बनेगा। इंडिगो चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट को लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, धर्मशाला, जयपुर, नवी मुंबई, पंतनगर और श्रीनगर सहित 16 से अधिक शहरों से जोड़ेगी।</p>
<p><strong>एक लाख रोजगार और निवेश का नया केंद्र</strong><br />
राज्य सरकार के अनुसार एयरपोर्ट परियोजना से लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हॉस्पिटैलिटी और सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। आने वाले वर्षों में जेवर क्षेत्र उत्तर भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और सेवा क्षेत्र केंद्र के रूप में विकसित होगा।</p>
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		<title>जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए इलेक्ट्रिक बसें होंगी उपलब्ध: मुख्यमंत्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 15:16:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Jewar Airport]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के संचालन के साथ यात्रियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आवागमन के लिए प्राथमिक चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की चौथी बैठक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>लखनऊ</strong></p>
<p style="text-align:justify">जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के संचालन के साथ यात्रियों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आवागमन के लिए प्राथमिक चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify">बुधवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 15 जून से प्रस्तावित उड़ान संचालन से पहले सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार पर भी जोर दिया। अधिकारियों ने अवगत कराया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं तथा वर्ष 2030 तक 10 हजार चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक लगभग 2500 चार्जिंग स्टेशन संचालित हो चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को नई गति देगी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और विनिमय संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 55 प्रतिशत भूमि प्राप्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण जून माह के अंत तक पूरा कर लिया जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है तथा भूमि अधिग्रहण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश संबंधी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और निवेशकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है। डेवलपर चयन के लिए निविदा की अंतिम तिथि बढ़ाकर 6 जुलाई 2026 कर दी गई है। वहीं मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए 200 हेक्टेयर में से 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो चुकी है तथा शेष भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।</p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज को निवेश अनुकूल व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि भवन स्वीकृति संबंधी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि राज्य स्तर पर 136 रिक्त पदों में से 40 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा शेष 96 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। जिला एवं विकासखंड स्तर पर 360 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित है।</p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क और टेक्सटाइल पार्क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को प्रदेश के कृषि और औद्योगिक विकास से जोड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में बताया गया कि सीड पार्क परियोजना के संबंध में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और प्रमुख बीज कंपनियों के साथ विचार-विमर्श किया गया है तथा आगे की कार्यवाही पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री ने डिफेंस कॉरिडोर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निवेशकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि आइकॉन्स हिंदुस्तान एयरोस्पेस एंड डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अलीगढ़ डिफेंस नोड में 125 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। तकनीकी मूल्यांकन समिति तथा भूमि आवंटन समिति द्वारा कंपनी के पक्ष में संस्तुति की जा चुकी है और आगे की प्रक्रिया प्रचलित है।</p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री ने जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निकट प्रस्तावित एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब तथा उन्नाव में एक्वा ब्रिज परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कृषि और मत्स्य आधारित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए आधुनिक प्रोसेसिंग और निर्यात सुविधाएं विकसित की जाएं। बैठक में बताया गया कि एग्री एक्सपोर्ट हब के लिए 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में 29 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है। वहीं उन्नाव में एक्वा ब्रिज परियोजना के लिए 60 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है, जहां फिश प्रोसेसिंग, फीड प्लांट, पैकेजिंग और निर्यात संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए आधुनिक नगरीय अवसंरचना का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में &lsquo;सीएम समीक्षा&rsquo; में शामिल परियोजनाओं को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सेल गठित कर इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।</p>
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		<title>दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट सिर्फ 21 मिनट दूर, RRTS कॉरिडोर को मिली मंजूरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 16:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Jewar Airport]]></category>
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					<description><![CDATA[नोएडा&#160; उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली को जेवर में बनने वाले आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है. इस हाई-स्पीड ट्रांजिट रूट से दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने और यात्रा का समय घटकर लगभग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नोएडा&nbsp;</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली को जेवर में बनने वाले आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है. इस हाई-स्पीड ट्रांजिट रूट से दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने और यात्रा का समय घटकर लगभग 21 मिनट रह जाने की उम्मीद है।&nbsp;</p>
<p>राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद, अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को भेज दिया गया है. यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह कॉरिडोर NCR के तेजी से विकसित हो रहे ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।&nbsp;</p>
<p>प्रस्तावित दिल्ली-जेवर एयरपोर्ट RRTS कॉरिडोर के वर्तमान में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर चल रही &#039;नमो भारत&#039; रैपिड रेल प्रणाली की तर्ज पर ही काम करने की उम्मीद है. इन ट्रेनों को अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है और ये 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकती हैं।&nbsp;</p>
<p>वर्तमान में, दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की एकमात्र चालू RRTS लाइन है. यह 82.15 किलोमीटर लंबा मार्ग दिल्ली के सराय काले खां को उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम से जोड़ता है और देश में क्षेत्रीय हाई-स्पीड शहरी परिवहन&nbsp; का पहला उदाहरण है।&nbsp;</p>
<p>उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से दिल्ली-जेवर RRTS को आगामी दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल परियोजना से जोड़ने का भी प्रस्ताव दिया गया है. इस कदम से एक एकीकृत परिवहन नेटवर्क&nbsp; तैयार हो सकता है, जो हवाई यात्रा को हाई-स्पीड रेल बुनियादी ढांचे से जोड़ेगा।&nbsp;</p>
<p><strong>एयरपोर्ट कनेक्टिविटी</strong><br />
यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान संचालन की तैयारी कर रहा है, जिसके 15 जून से शुरू होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत में 28 मार्च को इस एयरपोर्ट परियोजना का उद्घाटन किया था।&nbsp;</p>
<p>अधिकारियों को उम्मीद है कि नया हवाई अड्डा उत्तर भारत में एक बड़े विमानन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा, जिससे यात्रियों और व्यवसायों के लिए कुशल कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी. एक्स (X) पर एक पोस्ट में, गुप्ता ने कहा कि एक उच्च स्तरीय बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के &quot;समग्र और नियोजित विकास&quot; की समीक्षा की गई, जिसमें जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।&nbsp;</p>
<p>मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों को प्रभावित करने वाली कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए. इसके साथ ही, विभिन्न विभागों को पारदर्शिता में सुधार करने और स्थानीय निवासियों व किसानों के लिए मुआवजा तंत्र NOC की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए गए।&nbsp;</p>
<p>जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विस्तार होने की भी उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र को प्रमुख परिवहन गलियारों से जोड़ा जा रहा है, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं. बैठक के दौरान इस क्षेत्र के लिए नियोजित कई औद्योगिक और विनिर्माण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जो इस पूरे इलाके को एक लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास हब में बदलने के सरकार के व्यापक विजन को रेखांकित करती है।&nbsp;</p>
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		<title>हर 2 मिनट में उड़ान! कितना खास है जेवर का नोएडा एयरपोर्ट, जानिए कब से शुरू होगा सफर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Mar 2026 13:41:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Jewar Airport]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने इस एयरपोर्ट की विशेषताओं पर जिक्र करते हुए बताया कि इस एयरपोर्ट पर हर दो मिनट में एक फ्लाइट लैंड करेगी। इस तरह इस एयरपोर्ट पर हर घंटे 30 फ्लाइट का आना-जाना होगा। हर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>नई दिल्ली</strong><br />
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने इस एयरपोर्ट की विशेषताओं पर जिक्र करते हुए बताया कि इस एयरपोर्ट पर हर दो मिनट में एक फ्लाइट लैंड करेगी। इस तरह इस एयरपोर्ट पर हर घंटे 30 फ्लाइट का आना-जाना होगा। हर साल इस एयरपोर्ट से 1 करोड़ से ज्यादा यात्री यात्रा करेंगे और ढाई लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कार्गो ढुलाई हर साल इस एयरपोर्ट से होगी। ऐसे में कहा जा सकता है कि जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट &#039;धुरंधर&#039; है। आइए जानते हैं इस एयरपोर्ट में क्या-क्या खास बाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>हर साल एक करोड से ज्यादा यात्री करेंगे सफर</strong><br />
जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट हर साल सफर करने वाले यात्रियों की संख्या केलिहाज से भी काफी बड़ा है। इस एयरपोर्ट से हर साल करीब 1 करोड़ 20 लाख यात्री सफर करेंगे। शुरुआती चरण में एक करोड़ 20 लाख यात्रियो के बाद जब इसके चारों चरण का काम पूरा हो जाएगा तो इसकी यात्री क्षमता हर साल के हिसाब से करीब 7 करोड़ हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>2.5 लाख मीट्रिक टन की है कार्गो ढुलाई क्षमता</strong><br />
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ना सिर्फ यात्रियों के लिए बल्कि कार्गे ढुलाई के हिसाब से भी काफी बड़ा एयरपोर्ट है। इस एयरपोर्ट से हर साल करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो माल ढुलाई की जा सकेगी। इसके साथ ही इसका विस्तार भी किया जा सकता है। इसे बाद में बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>सड़क, मेट्रो और ट्रेन से सीधा जुड़ा है ये एयरपोर्ट</strong><br />
इस एयरपोर्ट की सबसे खास बात है कि ये मेट्रो, सड़क मार्ग और ट्रेन के साथ ही क्षेत्रीय परिवहन के साथ सीधे तौर पर जुड़ा है। इससे एकीकृत ट्रांसपोर्ट ट्रांजिट मॉडल बनता है, जिसमें सामान ढुलाई में काफी आसानी हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में से एक</strong><br />
जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक है। ग्रीनफील्ड का अर्थ है ऐसा प्रोजेक्ट जिसे बिल्कुल शुरुआत से नई जमीन का अधिग्रहण करके बनाया जा रहा हो या बनाया गया हो।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>अप्रैल अंत तक हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद</strong><br />
नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन अप्रैल अंत तक शुरू होने की संभावना है। यहां से 65 शहरों के लिए सेवा शुरू करने का दावा है। पहले चरण में देश के 10 शहरों के लिए सेवा शुरू होगी। शुरुआत में केवल घरेलू और कार्गो उड़ानें ही संचालित की जाएंगी। इसमें शुरुआती चरण में जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मुंबई, बंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, अहमदाबाद, चेन्नई, गोवा, जयपुर के लिए फ्लाइट्स की शुरूआत की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>ये एयरलाइंस देंगी सेवाएं</strong><br />
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने विमान सेवा के लिए इंडिगो, अकासा और एयर इंडिया के साथ साझेदारी की है। ये तीनों एयरलाइंस अपने स्टॉल की प्रक्रिया में लगी हैं। वैसे तो एयरपोर्ट से 60 से 65 शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने का दावा है, लेकिन शुरुआत में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, जयपुर एवं अहमदाबाद, चेन्नई, गोवा आदि के लिए सेवा शुरू होगी।</p>
<p style="text-align:justify">वहीं, एयरपोर्ट का रनवे प्रति घंटे करीब 30 उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता रखता है। उड़ानें शुरू होने का शेड्यूल जारी करने के साथ ही एयरलाइंस अपना शेड्यूल जारी करेंगी, जिसके बाद टिकट बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एयरपोर्ट को छह मार्च को 18 शर्तों के आधार पर एयरोड्रम लाइसेंस दिया था। साथ ही, उड़ानें शुरू करने के लिए 45 दिन का समय दिया गया था, जो छह मार्च से गिने जाएंगे। एयरपोर्ट से 20 अप्रैल के बाद उड़ानें शुरू करने की तैयारी जारी है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>ये सुविधाएं भी मिलेंगी</strong><br />
नोएडा के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों के बैठने के लिए बांस की कुर्सियों का इस्तेमाल किया गया है। चेहरे की पहचान और क्यूआर कोड के माध्यम से डिजीयात्रा को भी आसान बनाया गया है। इसके अलावा डोमेस्टिक टर्मिनल में लाउंज की सुविधा दी गई है और यहां खानपान की भी सुविधा की गई है। इसके अलावा टर्मिनल बिल्डिंग में ए6-ए12 गेट की तरफ जाने के लिए यात्रियों को स्केलेटर्स और सीढ़ियां दोनों मिलेंगी। इस क्षेत्र में ही बेबी केयर रूम भी बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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		<title>यूपी की अर्थव्यवस्था का गेमचेंजर होगा जेवर एयरपोर्ट, कृषि से उद्योग तक दिखेगा व्यापक असर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 13:43:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Jewar Airport]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ/नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रहा है। 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके शुभारंभ के साथ ही यह मेगा प्रोजेक्ट केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत स्ट्रैटेजिक इंजन के रूप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>लखनऊ/नोएडा</strong></p>
<p style="text-align:justify">नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होने जा रहा है। 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके शुभारंभ के साथ ही यह मेगा प्रोजेक्ट केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत स्ट्रैटेजिक इंजन के रूप में सामने आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप विकसित यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लंबे समय से &ldquo;लैंड-लॉक्ड&rdquo; आर्थिक पोटेंशियल को अनलॉक करेगा और कृषि, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन व उद्योगों को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ेगा। बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के चलते यह परियोजना न केवल प्रदेश की जीडीपी को नई गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान भी दिलाएगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>किसानों की आय में 20&ndash;30% तक वृद्धि की संभावना</strong></p>
<p style="text-align:justify">पूर्व सीएफओ, एयर इंडिया सैट्स और यूपीडीएफ के चेयरमैन सीए पंकज जायसवाल के अनुसार, भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने जा रहा यह प्रोजेक्ट 7 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता और लगभग 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग के साथ कृषि, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति देगा। इसके जरिए फल, सब्जी, डेयरी और सजावटी फूल जैसे पेरिशेबल उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे &ldquo;फार्म-टू-ग्लोबल मार्केट&rdquo; मॉडल मजबूत होगा और किसानों की आय में 20&ndash;30% तक वृद्धि की संभावना है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत घटने, निर्यात बढ़ने और वैश्विक कनेक्टिविटी बेहतर होने से उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>जीडीपी में 1% की वृद्धि संभव</strong></p>
<p style="text-align:justify">उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में व्यापार और पर्यटन के नए आयाम स्थापित करने जा रहा है। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर, आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों को एक वैश्विक पर्यटन सर्किट से जोड़ेगा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल को भी नई गति मिलेगी। जब यह एयरपोर्ट अपने पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा, तो इसके व्यापक आर्थिक प्रभाव से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संभव है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>रोजगार सृजन का बनेगा बड़ा केंद्र</strong></p>
<p style="text-align:justify">नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का प्रमुख इंजन बनने जा रहा है। पंकज जायसवाल के अनुसार, शुरुआती 5 वर्षों में एयरपोर्ट ऑपरेशन, ग्राउंड हैंडलिंग, सिक्योरिटी, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में 20,000 से अधिक तथा एमआरओ, कार्गो, लॉजिस्टिक्स और एविएशन सर्विसेज में 30,000 से अधिक, कुल मिलाकर 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। वहीं कृषि, ट्रांसपोर्ट, सप्लाई चेन, एमएसएमई, होटल और पर्यटन जैसे सेक्टर्स में 5 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो लंबी अवधि में 40&ndash;50 लाख तक पहुंच सकते हैं। प्रदेश में मौजूद लगभग एक करोड़ एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़कर यह एयरपोर्ट न केवल रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी व्यापक स्तर पर गति देगा।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>रियल एस्टेट और इंडस्ट्री को मिलेगा व्यापक बूस्ट</strong></p>
<p style="text-align:justify">जेवर एयरपोर्ट के विकास के साथ उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) तेजी से एक प्रीमियम निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेंगे, वहीं बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा-वृंदावन तक अर्बन एक्सपेंशन कॉरिडोर विकसित होकर नए शहरों और टाउनशिप को जन्म देगा। एयरपोर्ट के आसपास होटल, वेयरहाउस, ऑफिस स्पेस, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर में बड़े निवेश आकर्षित होंगे, जिससे रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे निर्यात-उन्मुख उद्योगों को नई गति मिलेगी, जो इस क्षेत्र को एक मजबूत इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>इंडस्ट्रियल सेक्टर को नई रफ्तार</strong></p>
<p style="text-align:justify">एयरपोर्ट के संचालन से उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को उल्लेखनीय गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी और कम लॉजिस्टिक्स लागत के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख सेक्टर तेजी से विकसित होंगे। खासकर निर्यात उन्मुख उद्योगों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उत्पादन और निवेश दोनों में वृद्धि होगी। यह एयरपोर्ट इंडस्ट्री के लिए एक मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क तैयार करेगा, जो उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका&nbsp;</p>
<p style="text-align:justify"><strong>वैश्विक एविएशन हब बनने की क्षमता</strong></p>
<p style="text-align:justify">जेवर एयरपोर्ट को केवल दिल्ली-एनसीआर के सहायक एयरपोर्ट के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के एक बड़े मल्टी-मोडल इंटरनेशनल एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करते हुए एयर ट्रैफिक को संतुलित करेगा। 5 रनवे की प्रस्तावित क्षमता के साथ यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसकी रणनीतिक स्थिति इसे एशिया और यूरोप के बीच एक अहम ट्रांजिट केंद्र बना सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार होगा। साथ ही, बदलते वैश्विक हालात के बीच यह दुबई, दोहा और अबु धाबी जैसे स्थापित हब के विकल्प के रूप में उभरकर भारत की एविएशन क्षमता को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखता है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा मेगा बूस्ट</strong></p>
<p style="text-align:justify">नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की रणनीतिक लोकेशन इसे एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर के लिए गेमचेंजर बनाती है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के करीब होने के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख हाईवे से इसकी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बना सकती है। इसके परिणामस्वरूप वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और ई-कॉमर्स फुलफिलमेंट सेंटर में तेजी से विस्तार होगा, जिससे सप्लाई चेन अधिक कुशल बनेगी। साथ ही, भारत में 13&ndash;14% तक रहने वाली लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से एमएसएमई सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यात को नई गति मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>निवेश और विदेशी कंपनियों के लिए बढ़ेगा आकर्षण</strong></p>
<p style="text-align:justify">नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रही एयरोसिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क और इंडस्ट्रियल क्लस्टर उत्तर प्रदेश को निवेश का नया केंद्र बना रहे हैं। राज्य सरकार की एफडीआई-फ्रेंडली नीतियों और बेहतर &ldquo;ईज ऑफ डूइंग बिजनेस&rdquo; माहौल के चलते घरेलू और विदेशी निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ेगा। बेहतर कनेक्टिविटी और कम होती लॉजिस्टिक्स लागत के कारण उत्पादन लागत में कमी आएगी, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। साथ ही &ldquo;चीन+1 स्ट्रेटजी&rdquo; के तहत वैश्विक कंपनियों के लिए यह क्षेत्र एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरेगा, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते सेक्टर्स में बड़े निवेश की संभावनाएं हैं।</p>
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		<title>जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में, सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Mar 2026 06:22:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Jewar Airport]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में, सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण योगी सरकार की पहल से साकार हुई परियोजना गौतमबुद्धनगर &#160;नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 28 मार्च को होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में, सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद</strong></p>
<p><strong>सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग और निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट</strong></p>
<p><strong>28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण</strong></p>
<p><strong>योगी सरकार की पहल से साकार हुई परियोजना</strong></p>
<p><strong>गौतमबुद्धनगर</strong><br />
&nbsp;नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 28 मार्च को होने वाले लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गईं हैं। पीएम मोदी द्वारा सम्पन्न होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से व्यवस्था को अमली जामा पहनने में जुट गया है। सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों पर तेजी से काम पूरा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय भूमिका और लगातार प्रयासों से यह महत्वाकांक्षी परियोजना मूर्त रूप लेने जा रही है। सीएम योगी के विजन के चलते यह प्रोजेक्ट प्रदेश के विकास का बड़ा प्रतीक बनकर उभर रहा है।</p>
<p><strong>सभी व्यवस्थाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप</strong><br />
जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में की गई समीक्षा के बाद सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों को अंतिम रूप देने में लग गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, मार्ग संचालन, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, पेयजल, बैरिकेडिंग, साइनेज और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।</p>
<p><strong>सीसीटीवी कैमरों से हो रही निगरानी</strong><br />
कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, पार्किंग और आगमन-प्रस्थान मार्गों को पूरी तरह व्यवस्थित किया जा चुका है, वहीं ट्रैफिक सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।<br />
सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाई गई है और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। वीवीआईपी, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, अधिकारियों और आमजन की संभावित बड़ी संख्या को देखते हुए साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।</p>
<p><strong>सीएम योगी स्वयं ले रहे पल-पल का अपडेट</strong><br />
प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट को निवेश, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देगा। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक लोकार्पण कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं पल-पल का अपडेट ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एयरपोर्ट का निरीक्षण कर सभी तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश भी प्रदान किए।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>मेरठ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का उभार, उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Mar 2026 13:36:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Jewar Airport]]></category>
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					<description><![CDATA[मेरठ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का उभार, उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस जेवर एयरपोर्ट और नोएडा लॉजिस्टिक्स हब से निर्यात लागत घटेगी, रफ्तार बढ़ेगी 2036 तक देश के 11 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के लक्ष्य में यूपी निभा सकता है निर्णायक भूमिका लखनऊ योगी सरकार के उद्योग प्रोत्साहन और क्लस्टर आधारित विकास के विजन के चलते मेरठ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेरठ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का उभार, उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस</strong></p>
<p><strong>जेवर एयरपोर्ट और नोएडा लॉजिस्टिक्स हब से निर्यात लागत घटेगी, रफ्तार बढ़ेगी</strong></p>
<p><strong>2036 तक देश के 11 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के लक्ष्य में यूपी निभा सकता है निर्णायक भूमिका</strong></p>
<p><strong>लखनऊ</strong><br />
योगी सरकार के उद्योग प्रोत्साहन और क्लस्टर आधारित विकास के विजन के चलते मेरठ देश के स्पोर्ट्स इक्विपमेंट सेक्टर का मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट ने भी इस तथ्य को रेखांकित किया है कि यदि पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक और नीतिगत समर्थन मिले तो भारत वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी कई गुना बढ़ा सकता है। इस दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियां मेरठ को नई पहचान दे रहीं हैं।</p>
<p>मेरठ लंबे समय से देश का प्रमुख स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग हब रहा है। यहां 250 से अधिक निर्यात इकाइयों के साथ 1,000 से अधिक घरेलू इकाइयां, 4000 से ज्यादा सूक्ष्म उद्यम और लगभग 20,000 घरेलू उत्पादन इकाइयां सक्रिय हैं। क्रिकेट बैट, फुटबॉल, बॉक्सिंग ग्लव्स और जिम उपकरण जैसे उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। योगी सरकार ने इस पारंपरिक ताकत को आधुनिक औद्योगिक विकास से जोड़ने का काम किया है ताकि स्थानीय उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सके।</p>
<p>प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है। बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं ने निर्यात को आसान बनाया है। साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो रहा है।</p>
<p>केंद्र सरकार के बजट 2026 में स्पोर्ट्स गुड्स सेक्टर के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान और पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण पर जोर ने इस क्षेत्र को नई गति दी है। उत्तर प्रदेश सरकार इस अवसर का लाभ उठाते हुए मेरठ को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत सरलता और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का वैश्विक स्पोर्ट्स इक्विपमेंट निर्यात में हिस्सा वर्तमान में 0.5 प्रतिशत है, जिसे 2036 तक बढ़ाकर 11 प्रतिशत यानी करीब 8.1 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि इस सेक्टर को कच्चे माल की लागत, 10 से 20 प्रतिशत तक आयात शुल्क, तकनीकी कमी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है।</p>
<p>आधुनिक मशीनरी की उपलब्धता, स्किल डेवलपमेंट और ब्रांडिंग को बढ़ावा देने के कदम उठाए जा रहे हैं ताकि स्थानीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सकें। आने वाले वर्षों में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और संभावित ओलंपिक 2036 जैसे बड़े आयोजनों के चलते स्पोर्ट्स इक्विपमेंट की मांग में तेजी आने की संभावना है।&nbsp;</p>
<p><strong>नोएडा बन रहा स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए लॉजिस्टिक गेम चेंजर</strong></p>
<p>पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा नोएडा क्षेत्र स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स सेक्टर के लिए नई ताकत बनकर उभर रहा है। जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और ग्रेटर नोएडा का आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब निर्यात को तेज और किफायती बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से मेरठ जैसे पारंपरिक क्लस्टरों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे ट्रांजिट समय घटेगा और लागत में कमी आएगी। साथ ही नोएडा में मौजूद औद्योगिक इकाइयां और बड़ी कंपनियां सप्लाई चेन को मजबूत कर रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश का यह पूरा बेल्ट वैश्विक बाजार के लिए एक प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट जोन बनता जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
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