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	<title>Jhansi &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>चितेरी लोककला से आत्मनिर्भरता की मिसाल, झांसी की प्रतिभा बनीं सफल उद्यमी</title>
		<link>https://newsx24.com/a-beacon-of-self-reliance-through-chiteri-folk-art-pratibha-from-jhansi-becomes-a-successful-entrepreneur/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:36:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से मिला 4.5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण, पारंपरिक चितेरी कला को जूट बैग और गिफ्ट उत्पादों से जोड़ा &#8216;रचनात्मक ऑर्टस&#8217; के माध्यम से 25 महिलाओं को मिला रोजगार, स्थानीय कला को बाजार से जोड़कर बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई उड़ान लखनऊ, &#160;उत्तर प्रदेश का युवा योगी सरकार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से मिला 4.5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण, पारंपरिक चितेरी कला को जूट बैग और गिफ्ट उत्पादों से जोड़ा</strong></p>
<p><strong>&lsquo;रचनात्मक ऑर्टस&rsquo; के माध्यम से 25 महिलाओं को मिला रोजगार, स्थानीय कला को बाजार से जोड़कर</strong></p>
<p><strong>बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई उड़ान</strong></p>
<p>
<strong>लखनऊ,</strong></p>
<p>&nbsp;उत्तर प्रदेश का युवा योगी सरकार की महत्वकांक्षी योजना &lsquo;मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान&rsquo; के माध्यम से उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह योजना आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करते हुए युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रभावी पहल बन गई है। इसी योजना के तहत सही दिशा मिलने से झांसी की प्रतिभा डोंगरे ने बुंदेलखंड की पारंपरिक चितेरी लोक कला को एक नया रूप देकर उसे बाजार से जोड़ने का काम किया है।</p>
<p><strong>बुंदेलखंड की पारंपरिक चितेरी लोक कला को दिया नया रूप</strong><br />
प्रतिभा ने बताया कि उन्होंने फाइन आर्ट्स में स्नातक और स्नातकोत्तर किया है। वे कॉलेज के समय से ही वह कला से जुड़ीं थीं। गांवों में दरवाजों और खिड़कियों पर देवी-देवताओं की आकृतियां बनाने की इस परंपरा को जूट बैग और गिफ्ट आइटम्स पर उतारकर उन्होंने अपना उद्यम खड़ा किया है। वे जूट के उत्पाद बनातीं हैं, जिनमें जूट बैग, गिफ्ट आइटम्स, गमछे, मोमेंटो और मेडल जैसे उत्पाद शामिल हैं। पहले यह कला केवल दीवारों तक सीमित थी, अब इस स्थानीय कला को न केवल पहचान मिल रही है बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी नया रूप मिला है।</p>
<p><strong>&nbsp;योगी सरकार की योजना से मिला आगे बढ़ने का अवसर</strong><br />
प्रतिभा ने बताया कि उनको झांसी के राइज इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़ने के बाद &lsquo;मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान&rsquo; के बारे जानकारी मिली। इसके बाद इस योजना का लाभ लेते हुए उनको एक महीने में ही 4.5 लाख रुपए का ब्याजमुक्त ऋण प्राप्त हुआ। उन्होंने मशीनें खरीदीं और &lsquo;रचनात्मक ऑर्टस&rsquo; के नाम से छोटी शुरुआत की। आज 25 महिलाओं को साथ जोड़कर एक बड़े व्यवसाय का रूप दे दिया है। कुछ महिलाएं यूनिट में आकर काम करतीं हैं, जबकि कई महिलाएं कच्चा माल लेकर घर से ही काम कर करतीं हैं। इसके बाद तैयार उत्पादों को बाजार में बेचने के लिए भेजा जाता है।</p>
<p><strong>बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मिली नई उड़ान</strong><br />
उन्होंने बताया कि, इनके जूट बैग और अन्य उत्पाद स्कूलों,&nbsp; कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और कॉर्पोरेट कार्यक्रमों में भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की &lsquo;मुख्यमंत्री युवा योजना&rsquo; से प्रतिभा के उद्यम को न केवल एक नई गति मिली, बल्कि उनके साथ 25&nbsp; महिलाओं को भी रोजगार मिला। इससे वे हर महीने लाखों की कमाई कर रहीं हैं। प्रतिभा ने योगी सरकार के संकल्प &lsquo;आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश&rsquo; को धरातल पर उतारने के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण की भी मिसाल पेश की है।</p>
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		<title>बुंदेलखंड बन रहा स्टार्टअप हब, झांसी में बीवीएस एक्सपो-2026 ने दिखाई झलक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Mar 2026 16:36:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Bundelkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Jhansi]]></category>
		<category><![CDATA[startup hub]]></category>
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					<description><![CDATA[बुंदेलखंड क्षेत्र में नवाचार आधारित उद्यमिता के नए अध्याय की शुरुआत, 18 स्टार्टअप्स ने विभिन्न शहरों से आए निवेशकों के समक्ष रखे अपने बिजनेस मॉडल स्टार्टअप स्टॉल्स पर विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति, आईआईटी कानपुर रहा नॉलेज पार्टनर शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>बुंदेलखंड क्षेत्र में नवाचार आधारित उद्यमिता के नए अध्याय की शुरुआत, 18 स्टार्टअप्स ने विभिन्न शहरों से आए निवेशकों के समक्ष रखे अपने बिजनेस मॉडल</strong></p>
<p><strong>स्टार्टअप स्टॉल्स पर विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति, आईआईटी कानपुर रहा नॉलेज पार्टनर</strong></p>
<p><strong>शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपनी स्केलेबिलिटी और बाजार संभावनाओं को प्रस्तुत किया</strong></p>
<p><strong>पहली बार बुंदेलखंड के उभरते उद्यमियों को बाहरी निवेशकों से प्रत्यक्ष संवाद का मिला अवसर</strong></p>
<p><strong>लखनऊ/झांसी</strong></p>
<p>कभी परंपरागत रूप से कृषि प्रधानता और सीमित औद्योगिक गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड में अब नवाचार आधारित उद्यमिता की मजबूत आहट सुनाई दे रही है। झांसी के अर्बन हाट में आयोजित दो दिवसीय बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो&ndash;2026 ने इस बदलाव को सार्वजनिक मंच पर स्पष्ट रूप से स्थापित किया। इस आयोजन ने संकेत दिया कि क्षेत्र अब स्टार्टअप और निवेश गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।</p>
<p><strong>स्टार्टअप स्टॉल्स पर दिखा उत्साह</strong><br />
आयोजन के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने स्टॉल लगाए। शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी, सुरक्षा समाधान, कृषि नवाचार और ट्रैवल सेक्टर से जुड़े उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया गया। स्टॉल्स पर विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस आयोजन में आईआईटी कानपुर नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा रहा। विशेषज्ञों ने तकनीकी मजबूती, स्केलेबिलिटी, निवेश आकर्षण और प्रोडक्ट-मार्केट फिट जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसे क्षेत्रीय स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी समर्थन माना जा रहा है।</p>
<p><strong>इन्वेस्टर कनेक्ट में 18 स्टार्टअप्स की प्रस्तुति</strong><br />
दूसरे दिन आयोजित &ldquo;पिच सर्कल/इन्वेस्टर कनेक्ट&rdquo; सत्र कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े 18 स्टार्टअप्स ने देश के विभिन्न शहरों से आए 28 निवेशकों के समक्ष अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। सत्र में शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल समाधान और एग्री-टेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपनी विस्तार योजनाएं और निवेश आवश्यकताएं रखीं। इनमें एजुट्रैक स्टार्टअप विशेष रूप से चर्चा में रहा, जिसने स्कूलों के लिए एआई आधारित डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। इसमें एआई टीचर सिस्टम, छात्र लोकेशन ट्रैकिंग और स्कूल ऑपरेशंस मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं। निवेशकों ने इसकी स्केलेबिलिटी और संभावित बाजार विस्तार पर रुचि दिखाई। एजुट्रैक के अलावा कई अन्य स्टार्टअप्स को आगे की निवेश प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं।</p>
<p><strong>बदलती सोच, नई आर्थिक दिशा</strong><br />
विशेषज्ञों का मानना है कि बुंदेलखंड में स्टार्टअप गतिविधियों का यह विस्तार केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलती मानसिकता का संकेत है। प्रशासनिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और निवेश संवाद के समन्वय से झांसी क्षेत्रीय स्टार्टअप हब के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो-2026 ने यह स्पष्ट किया है कि बुंदेलखंड अब संभावनाओं का क्षेत्र भर नहीं, बल्कि संगठित उद्यमिता की दिशा में बढ़ता हुआ आर्थिक केंद्र बन सकता है।</p>
<p><strong>युवा उद्यमियों को मिलेगा निरंतर मंच और मार्गदर्शन</strong><br />
झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ एवं नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने कहा, बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो-2026 का उद्देश्य केवल एक प्रदर्शनी आयोजित करना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड के युवाओं को निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और मेंटर्स से सीधे जोड़ने का मंच उपलब्ध कराना था। स्थानीय स्टार्टअप्स ने जिस आत्मविश्वास और तैयारी के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए, वह इस क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी और नगर प्रशासन की प्राथमिकता है कि नवाचार आधारित उद्यमिता को संस्थागत समर्थन दिया जाए। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से हम स्टार्टअप्स को केवल स्पेस नहीं, बल्कि मेंटरशिप, नेटवर्किंग और निवेश संवाद का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। देश के विभिन्न शहरों से निवेशकों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि बुंदेलखंड अब राष्ट्रीय स्टार्टअप मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। भविष्य में ऐसे आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि झांसी को एक सशक्त स्टार्टअप हब के रूप में विकसित किया जा सके और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसर तैयार हों।</p>
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