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	<title>Madhya Pradesh &#8211; NewsX 24</title>
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	<title>Madhya Pradesh &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Oct 2026 14:01:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण का परिणाम है कि आज मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। परम्परागत खेती से लेकर तकनीकी नवाचार और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>भोपाल</strong></p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि विभाग ने प्रदेश में किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण का परिणाम है कि आज मध्यप्रदेश देश की फूड बॉस्केट बन चुका है। परम्परागत खेती से लेकर तकनीकी नवाचार और उद्योग तक विभाग के कर्मचारी-अधिकारी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। प्रदेश में कृषि विभाग सिर्फ डिपार्टमेंट का नाम नहीं यह, डेवलपमेंट का भी नाम है। कृषि में ही मध्यप्रदेश का विकास छुपा है, इस दृष्टि से मध्यप्रदेश की सुख-समृद्धि का रास्ता कृषि विभाग से होकर जाता है। प्रदेश के माथे से बीमारू राज्य का कलंक हटाने में बड़ी भूमिका कृषि विभाग की रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ही टीम है जो सरकार की कृषि योजनाओं और नीतियों को फाईलों से निकालकर खेत की मेढ़ों तक पहुंचाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभिनंदन और उनके आभार प्रदर्शन के लिए आयोजित कार्यक्रम को रवींद्र भवन में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक स्वरूप हल भेंटकर तथा फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर ई-विकास, डिजिटल एग्रीकल्चर, भावांतर भुगतान योजना पर कार्यशाला सह प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया।&nbsp;&nbsp;</p>
<p style="text-align:justify"><strong>&nbsp;राज्य सरकार हर कदम पर कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है</strong></p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति से उन्हें स्वयं को बहुत संतोष है। यह गर्व की बात है कि पदोन्नति के लिए एक दशक की लंबी प्रतीक्षा के बाद भी विभागीय अमले ने काम के प्रति अपने समर्पण को काम नहीं होने दिया। राज्य सरकार ने एक साथ 3 हजार 357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति का लाभ दिया है। इसमें किसान कल्याण और कृषि विभाग के 1 हजार 725, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 1 हजार 439, कृषि अभियांत्रिकी के 149, बीज प्रमाणीकरण के 36 और बीज निगम के 8 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। इसके साथ ही 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार हर कदम पर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>प्रधानमंत्री&nbsp; मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है</strong></p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री&nbsp; नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। उन्होंने पिछले 12 वर्ष के कार्यकाल में कठिन से कठिन फैसले लेकर भारत को नए दौर में पहुंचाया है। जापान में कल ही संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में पदकों की संख्या के आधार पर भारत को चौथा स्थान हासिल हुआ है। हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में दुनिया की दिग्गज टीमों और उनके खिलाड़ियों को परास्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जियो और जीने दो के भाव पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं। कृषि के आधार पर हमारी जीवनशैली शाकाहार को प्रोत्साहित करती है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने दुनिया को बताया है कि शाकाहारी रहते हुए भी शरीर को तंदुरुस्त रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार की ओर से सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री&nbsp; मोदी की भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने विभागों के बीच व्यवस्थाओं के संचालन को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया है। इस वर्ष प्रदेश पौने 14 लाख किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर देश में प्रथम स्थान पर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>&nbsp;अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती की जाएगी</strong></p>
<p style="text-align:justify">मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निकट भविष्य में अनुकंपा नियुक्ति की कोई पेंडेंसी नहीं रहेगी। सभी विभागों में पदोन्नति के लिए डीपीसी हर साल करवाई जाएगी, पदोन्नति से रिक्त पदों को समय से भरने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया भी लगातार चल रही है। इस वर्ष कृषि विभाग के अंतर्गत मंडी बोर्ड में 600 मंडी निरीक्षक, 50 उपयंत्री, 30 सचिव, 100 डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित कुल 1500 से अधिक पदों पर नयी भर्ती वर्ष 2026 में पूरी कर ली जाएगी। हमारी सरकार ने अब तक 85 हजार से अधिक शासकीय पदों पर युवाओं को नौकरी दी है। अगले वर्ष में 1 लाख से अधिक पदों पर नई भर्ती करने का लक्ष्य है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं किसान पुत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव</strong></p>
<p style="text-align:justify">किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री&nbsp; एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों की परेशानी को समझा और पदोन्नति देकर उसे दूर भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं किसान पुत्र हैं, वे प्रदेश के अन्नदाता की भावनाओं को भलीभांति समझते हैं। राज्य सरकार प्रदेश के किसानों की आय दोगुना करने के लिए दृढ़संकल्पित है। मंत्री&nbsp; कंषाना ने कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से किसान कल्याण के लिए लागू की गईं योजनाओं को शत-प्रतिशत जमीन पर उतारने का आहवान किया।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों से पदोन्नतियों का रास्ता हुआ साफ</strong></p>
<p style="text-align:justify">किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के सचिव&nbsp; निशांत वरवड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अडिगता और स्पष्ट निर्णयों के फलस्वरूप 10 वर्ष से अधिक समय से बंद पदोन्नतियों का रास्ता साफ हुआ। कृषि विभाग में पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया जारी है। कृषक कल्याण वर्ष में अन्नदाता की समृद्धि के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारी-कर्मचारियों को भी बड़ी सौगात दी है। कृषि विभाग के सभी कर्मचारी कृषक कल्याण वर्ष को सफल बनाने के लिए संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। कृषि संचालक&nbsp; उमाशंकर भार्गव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी अथितियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।</p>
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		<title>MP शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, 600 परिवारों को मिली अनुकंपा नियुक्ति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 08:36:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल &#160;मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है. लंबे समय से लंबित 859 अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में त्वरित निस्तारण करते हुए शिक्षा विभाग ने दो दिनों में 600 अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं. &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br />
&nbsp;मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है. लंबे समय से लंबित 859 अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में त्वरित निस्तारण करते हुए शिक्षा विभाग ने दो दिनों में 600 अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं. स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा &quot;बाकी बचे 30 आदेश भी अगले दो दिन के भीतर जारी कर दिए जाएंगे. नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को जल्द जॉइनिंग लेने के निर्देश दिए गए हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>859 में से 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी</strong><br />
स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से अटके पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में आदेश जारी करने में तेजी दिखाई गई है. स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, &quot;संवेदनशीलता से समाधान, परिवारों को आर्थिक संबल. मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के त्वरित निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशील पहल एवं अपेक्षा के अनुरूप लगभग 859 लंबित प्रकरणों में से 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश विगत दो दिवस में जारी किए जा चुके हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>अगले दो दिन में जारी हो जाएंगे 30 और आदेश</strong><br />
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर आगे लिखा, &quot;लगभग 30 और आगामी दो दोनों में जारी किए जाएंगे. शेष प्रकरणों में भी पूरी संवेदनशीलता के साथ आवश्यक विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. हमारा प्रयास है कि दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को समय पर आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन का आधार मिल सके।&nbsp;</p>
<p>स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से 859 अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित थे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों की बैठक बुलाई. इससे पहले ही स्कूल शिक्षा विभाग सक्रिय हुए और बीत दो दिन में 600 अनुकंपा नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए. इसके लिए मंगलवार शाम से देर रात तक दस्तावेजों की जांच और नियुक्ति आदेश जारी करने का काम जारी था।&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>मध्यप्रदेश के मुख्य प्रशिक्षक शिव कुमार प्रसाद को अंतर्राष्ट्रीय चयन समिति में मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी</title>
		<link>https://newsx24.com/madhya-pradeshs-chief-coach-shiv-kumar-prasad-has-been-entrusted-with-a-significant-responsibility-in-the-international-selection-committee/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 16:41:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल&#160; मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी, भोपाल के मुख्य प्रशिक्षक&#160; शिव कुमार प्रसाद को अंतर्राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता ISF जिम्नेसियाड 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन हेतु चयन समिति का सदस्य नामित किया गया है। यह जानकारी स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के मुख्य &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>भोपाल&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align:justify">मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी, भोपाल के मुख्य प्रशिक्षक&nbsp; शिव कुमार प्रसाद को अंतर्राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता ISF जिम्नेसियाड 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन हेतु चयन समिति का सदस्य नामित किया गया है। यह जानकारी स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी&nbsp; पार्थ सुरेश दोषी द्वारा 12 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से दी गई है। ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 3 से 8 दिसंबर तक आयोजित होने वाली इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम के चयन में&nbsp; प्रसाद अपनी भूमिका निभाएंगे। गोवा में 6 एवं 7 अक्टूबर को होने वाले अंडर-18 बालक एवं बालिका वर्ग के चयन ट्रायल के माध्यम से भारतीय टीम का चयन किया जाएगा।&nbsp; शिव कुमार प्रसाद को सौंपी गई यह जिम्मेदारी भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन की प्रक्रिया में उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता के माध्यम से योगदान देने का अवसर प्रदान करेगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>एसजीएफआई ने किया शिव प्रसाद को चयन समिति का सदस्य नामित</strong></p>
<p style="text-align:justify">खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी, भोपाल के मुख्य प्रशिक्षक&nbsp; शिव कुमार प्रसाद को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित स्कूल खेल प्रतियोगिता ISF जिम्नेसियाड 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन हेतु चयन समिति का सदस्य नामित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>रियो डी जेनेरियो में होगा ISF जिम्नेसियाड 2026</strong></p>
<p style="text-align:justify">इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्टस् फेडरेशन (आईएसएफ) द्वारा आईएसएफ जिम्नेसियाड 2026 का आयोजन 3 से 8 दिसंबर 2026 तक रियो डी जेनेरियो, ब्राजील में किया जाएगा। प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एथलेटिक्स टीम के चयन के लिए अंडर-18 बालक एवं बालिका वर्ग के चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्कूल खेल मंच पर होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए चयन प्रक्रिया में&nbsp; शिव कुमार प्रसाद की सहभागिता महत्वपूर्ण रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>गोवा में 6 एवं 7 अक्टूबर को होंगे चयन ट्रायल</strong></p>
<p style="text-align:justify">भारतीय एथलेटिक्स टीम के चयन हेतु निर्धारित ट्रायल 6 एवं 7 अक्टूबर 2026 को अटल स्टेडियम, गुजीरा, बम्बोलिम, नॉर्थ गोवा में आयोजित किए जाएंगे। एसजीएफआई द्वारा जारी पत्र के अनुसार&nbsp; शिव कुमार प्रसाद को चयन समिति के सदस्य के रूप में भारतीय टीम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें 5 से 8 अक्टूबर 2026 तक कार्यमुक्त कर 5 अक्टूबर को चयन स्थल पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>मध्यप्रदेश की एथलेटिक्स प्रतिभाओं को मिल रहा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण</strong></p>
<p style="text-align:justify">मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों से जुड़े एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अकादमी के खिलाड़ियों देव मीणा, कुलदीप कुमार और समरदीप सिंह गिल ने एथलेटिक्स के विभिन्न आयोजनों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। देव मीना एवं कुलदीप कुमार पोल वॉल्ट तथा समरदीप सिंह गिल शॉट पुट में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;शिव कुमार प्रसाद के प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन से जुड़े खिलाड़ियों की उपलब्धियां मध्यप्रदेश में एथलेटिक्स प्रशिक्षण और खेल प्रतिभाओं के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करती हैं। खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता, शारीरिक तैयारी और प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में प्रशिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए विभाग की निरंतर पहल</strong></p>
<p style="text-align:justify">खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की खेल अकादमियों में विभिन्न खेल विधाओं के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify">विभाग का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित मार्गदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्रदान करना है, ताकि वे राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें। इस व्यवस्था में प्रशिक्षकों का अनुभव और तकनीकी योगदान खिलाड़ियों के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>मध्यप्रदेश के खेल प्रशिक्षण क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर</strong></p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;शिव कुमार प्रसाद का ISF जिम्नेसियाड 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम की चयन समिति में नामित होना मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह जिम्मेदारी प्रदेश के प्रशिक्षक को अंतर्राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता के लिए भारतीय खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया में योगदान देने का अवसर प्रदान करती है। मध्यप्रदेश में खेल प्रशिक्षण और खिलाड़ियों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच यह नामांकन राज्य की खेल प्रतिभाओं एवं प्रशिक्षकों को व्यापक खेल मंच से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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		<title>MP में 50 लाख ग्रामीणों को बड़ा तोहफा, सरकार कराएगी संपत्ति की निश्शुल्क रजिस्ट्री; 17 सितंबर से अभियान</title>
		<link>https://newsx24.com/major-gift-for-50-lakh-villagers-in-mp-government-to-provide-free-property-registration-campaign-starts-september-17/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Sep 2026 03:36:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से मध्य प्रदेश में जनभागीदारी और जनसेवा को केंद्र में रखकर दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीणों की संपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री कराकर उन्हें अधिकार अभिलेख सौंपे जाएंगे। वहीं, &#8216;सेवा से संकल्प&#8217; अभियान के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;भोपाल</strong><br />
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से मध्य प्रदेश में जनभागीदारी और जनसेवा को केंद्र में रखकर दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीणों की संपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री कराकर उन्हें अधिकार अभिलेख सौंपे जाएंगे। वहीं, &lsquo;सेवा से संकल्प&rsquo; अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जनसेवा से जुड़े 13 अलग-अलग प्रकल्प संचालित किए जाएंगे।</p>
<p>अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम सात बजे प्रदेशभर में एक साथ 58 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर होगी। इसका सबसे <strong>बड़ा आयोजन उज्जैन के श्रीमहाकाल महालोक में प्रस्तावित है, जहां 25 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी की जा रही है।</strong></p>
<p><strong>41,568 गांवों में 68.47 लाख भूखंडों का सर्वे पूरा</strong><br />
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को दोनों अभियानों को उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आमजन की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 41,568 गांवों में 68 लाख 47 हजार भूखंडों का सर्वे पूरा हो चुका है। अब इनमें से 50 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम संपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी से छूट का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।</p>
<p><strong>यह अभियान तीन चरणों में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा।</strong></p>
<p><strong>हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार लगेंगे शिविर</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को अभियान का नेतृत्व स्वयं करने के निर्देश दिए हैं। जिला, जोन और सेक्टर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी भेदभाव के निर्धारित समय में लाभ मिले और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।</p>
<p>मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक को मिलकर शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को लगने वाले इन शिविरों में प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्रियां कराने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p><strong>&lsquo;आशीर्वाद का दीपक&rsquo; से शुरू होगा सेवा से संकल्प अभियान</strong><br />
17 सितंबर से शुरू होने वाले &lsquo;सेवा से संकल्प&rsquo; अभियान का पहला प्रमुख कार्यक्रम &lsquo;आशीर्वाद का दीपक&rsquo; होगा। शाम सात बजे प्रदेशभर में लाभार्थी परिवारों के घरों के साथ चयनित ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।</p>
<p>उज्जैन के श्रीमहाकाल महालोक में अकेले 25 लाख से अधिक दीप जलाने की तैयारी है। कार्यक्रम में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ समाज के सभी वर्गों को जोड़ने की योजना है। इसके बाद 17 अक्टूबर तक जनसेवा से जुड़े 13 अलग-अलग प्रकल्पों के माध्यम से अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।</p>
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		<title>नई दिल्ली के ब्रिक्स बाजार में छाई मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं ठप्पे लगाकर जानी पारंपरिक कला की बारीकियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 17:06:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल&#160; नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर सजे ब्रिक्स बाजार में मध्यप्रदेश के धार जिले की विश्व प्रसिद्ध बाग प्रिंट कला विदेशी प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली इस पारंपरिक हस्तशिल्प कला के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>भोपाल&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align:justify">नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर सजे ब्रिक्स बाजार में मध्यप्रदेश के धार जिले की विश्व प्रसिद्ध बाग प्रिंट कला विदेशी प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली इस पारंपरिक हस्तशिल्प कला के जीवंत प्रदर्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां पहुंचने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को बाग प्रिंट की विशिष्ट तकनीक, प्राकृतिक रंगों के उपयोग और लकड़ी के नक्काशीदार ब्लॉक्स से कपड़े पर छपाई की प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>विदेशी प्रतिनिधियों ने स्वयं लगाए बाग प्रिंट के ठप्पे</strong></p>
<p style="text-align:justify">ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए विभिन्न देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों ने ब्रिक्स बाजार का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बाग प्रिंट स्टॉल पर पहुंचकर पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग की प्रक्रिया को करीब से देखा और इसकी बारीकियों को समझा।</p>
<p style="text-align:justify">प्रतिनिधियों ने न केवल इस पारंपरिक कला की सराहना की, बल्कि स्वयं लकड़ी के नक्काशीदार ठप्पों को रंगों में डुबोकर कपड़े पर प्रिंट भी किया। इस अवसर के लिए विशेष रूप से &lsquo;BRICS&rsquo; लोगो वाले ब्लॉक्स तैयार किए गए थे। प्रतिनिधियों ने इन ब्लॉक्स से ठप्पे लगाकर तैयार किए गए कपड़ों को स्मृति-चिह्न के रूप में अपने साथ ले गए।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की कला को मिली नई पहचान</strong></p>
<p style="text-align:justify">18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर केन्द्रीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित धार जिले के मोहम्मद बिलाल खत्री द्वारा बाग प्रिंट का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों द्वारा इस पारंपरिक कला को करीब से समझना, स्वयं इसकी प्रक्रिया में भाग लेना और इसकी सराहना करना मध्यप्रदेश की समृद्ध शिल्प परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>दुनिया तक पहुंच रही बाग प्रिंट की छाप</strong></p>
<p style="text-align:justify">प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के बारीक नक्काशीदार ब्लॉक्स से तैयार होने वाली बाग प्रिंट मध्यप्रदेश की विशिष्ट हस्तशिल्प पहचान है। अपनी पारंपरिक तकनीक, विशिष्ट डिजाइनों और प्राकृतिक रंगों के लिए देश-दुनिया में पहचान बनाने वाली यह कला अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी विशिष्ट छाप छोड़ रही है। ब्रिक्स बाजार में बाग प्रिंट के प्रदर्शन से मध्यप्रदेश की कला एवं शिल्प परंपरा को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।</p>
<p style="text-align:justify">ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित ब्रिक्स बाजार में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, वियतनाम, ईरान, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, बेलारूस और इथियोपिया सहित विभिन्न देशों के कलाकार एवं शिल्पकार भी भाग ले रहे हैं।&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>तारों की छांव में निखरेगा मध्यप्रदेश का पर्यटन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 16:06:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल&#160; मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए आयाम विकसित करने के साथ खगोलीय पर्यटन (एस्ट्रो-टूरिज्म) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जनजातीय पर्यटन परियोजना के अंतर्गत &#8216;एस्ट्रो विलेज डेवलपमेंट प्रोजेक्ट&#8217; का क्रियान्वयन मई 2026 से प्रारंभ किया गया है। परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक रूप से अंधकारमय (डार्क स्काई) क्षेत्रों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify"><strong>भोपाल&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align:justify">मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए आयाम विकसित करने के साथ खगोलीय पर्यटन (एस्ट्रो-टूरिज्म) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जनजातीय पर्यटन परियोजना के अंतर्गत &lsquo;एस्ट्रो विलेज डेवलपमेंट प्रोजेक्ट&rsquo; का क्रियान्वयन मई 2026 से प्रारंभ किया गया है। परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक रूप से अंधकारमय (डार्क स्काई) क्षेत्रों को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में विकसित करना और पर्यटकों को तारों, ग्रहों तथा आकाशगंगा के अवलोकन का अनूठा अनुभव उपलब्ध कराना है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>छह जिलों के चयनित गांवों में शुरू हुआ विकास कार्य</strong></p>
<p style="text-align:justify">परियोजना के प्रथम चरण में प्रदेश के छह जिलों धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया से एक-एक गांव का चयन किया गया है। इन गांवों को खगोलीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू हो चुका है। धार जिले के ज्ञानपुरा, छिंदवाड़ा के धुसावानी, बैतूल के बांचा, नर्मदापुरम के ढ़ाबा, दमोह के रिछकुड़ी और उमरिया जिले के रंछा गांव में एस्ट्रो-टूरिज्म से जुड़ी सुविधाओं और अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>पर्यटक जल्द ले सकेंगे एस्ट्रो विलेज पर्यटन का आनंद</strong></p>
<p style="text-align:justify">मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि मध्यप्रदेश में एस्ट्रो विलेज पर्यटन, विज्ञान और प्रकृति के अनूठे संगम के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रकाश प्रदूषण से दूर इन क्षेत्रों में पर्यटक स्वच्छ रात्रिकालीन आकाश में तारों, ग्रहों और आकाशगंगा का अवलोकन कर सकेंगे।उन्होंने कहा कि यह पहल एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय समुदायों के लिए पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें परियोजना से आर्थिक रूप से जोड़ा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>आधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से विकसित होंगे एस्ट्रो विलेज</strong></p>
<p style="text-align:justify">चयनित गांवों में पर्यटकों को तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों के सुरक्षित, स्पष्ट और उत्कृष्ट अवलोकन के लिए आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। इसके अंतर्गत आधुनिक टेलिस्कोप, दूरबीन और एस्ट्रो-फोटोग्राफी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे।पर्यटकों के लिए स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म और ऑब्जर्वेशन एरिया विकसित किए जाएंगे। साथ ही खगोलीय घटनाओं और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी को सरल एवं रोचक तरीके से समझाने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश के अवलोकन के साथ खगोलीय घटनाओं को समझने का भी अवसर मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>स्थानीय युवा बनेंगे &lsquo;एस्ट्रो गाइड&rsquo;</strong></p>
<p style="text-align:justify">एस्ट्रो विलेज परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए चयनित गांवों के स्थानीय युवाओं को 90 दिवसीय सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन्हें कुशल &lsquo;एस्ट्रो गाइड&rsquo; के रूप में तैयार किया जाएगा।एस्ट्रो गाइड पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश, तारामंडलों और विभिन्न खगोलीय घटनाओं की जानकारी देने के साथ स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियों में मार्गदर्शन करेंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों में स्थानीय निवासियों की भागीदारी बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify"><strong>भारत के प्रमुख एस्ट्रो-टूरिज्म गंतव्य के रूप में उभरेगा मध्यप्रदेश</strong></p>
<p style="text-align:justify">एस्ट्रो विलेज परियोजना प्रदेश में स्टार गेजिंग और खगोलीय पर्यटन जैसी विशिष्ट (निश) पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्राकृतिक रूप से अंधकारमय क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़कर मध्यप्रदेश में पर्यटन का एक नया क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।यह परियोजना देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश के अवलोकन का अनूठा अनुभव उपलब्ध कराने के साथ मध्यप्रदेश को भारत के प्रमुख और अग्रणी एस्ट्रो-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन के विस्तार से निवेश, रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा</title>
		<link>https://newsx24.com/expansion-of-passenger-transport-in-madhya-pradesh-to-boost-investment-employment-and-industry/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 03:35:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[यात्री परिवहन विजन समिट-2026 मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन के विस्तार से निवेश, रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को करेंगे सुदृढ़ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता भोपाल&#160; प्रदेश के नागरिकों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>यात्री परिवहन विजन समिट-2026<br />
मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन के विस्तार से निवेश, रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा</strong></p>
<p><strong>प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को करेंगे सुदृढ़<br />
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता</strong></p>
<p><strong>भोपाल&nbsp;</strong></p>
<p>प्रदेश के नागरिकों को स्मार्ट, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट में प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने पर भी मंथन होगा।</p>
<p>इसमें पूरे देश से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किेया जायेगा।</p>
<p><strong>लगभग 15,000 सार्वजनिक बसें की जाएंगी संचालित</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड अंतर्गत &lsquo;मोबिलिटी विज़न: 2030&rsquo; का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्रदान की जायेगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो <strong>का कायाकल्प किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर दिया जाएगा विशेष जोर</strong></p>
<p>पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। वर्तमान में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें प्रदेश में संचालित हैं। इसके साथ आगामी 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जबकि वर्ष 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रॉस्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे सालाना 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी।</p>
<p><strong>यात्री सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक और 24&#215;7 निगरानी</strong></p>
<p>मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p><strong>पीपीपी मॉडल के जरिए निजी ऑपरेटरों की सशक्त भागीदारी</strong></p>
<p>आमजन के आवागमन को सुगम बनाने के लिये जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा। यह समिट निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित कर मध्यप्रदेश को देश के सबसे उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।</p>
<p><strong>परिवहन क्षेत्र में निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा</strong></p>
<p>समिट से यात्री परिवहन के विस्तार से प्रदेश में बस संचालन, वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी सेवाओं और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।</p>
<p><strong>कल दोपहर 12 बजे तक करा सकेंगे पंजीयन</strong></p>
<p>समिट में शामिल होकर अपने सुझाव देने के लिए इच्छुक प्रतिभागियों को ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। पंजीयन की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2026 है। इच्छुक प्रतिभागी दोपहर 12 बजे तक <a href="https://forms.gle/f9wEvWb444JkzJgX6">https://forms.gle/f9wEvWb444JkzJgX6 </a>लिंक पर जाकर पंजीयन करा सकेंगे। साथ ही<a href="http://https://events.eletsonline.com/mpyatriparivahansummit/"> https://events.eletsonline.com/mpyatriparivahansummit/</a> लिंक पर जाकर समिट से संबंधित अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच में</title>
		<link>https://newsx24.com/national-clean-air-survey-2026-three-cities-from-madhya-pradesh-among-the-countrys-top-five/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Sep 2026 09:34:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच में स्वच्छ वायु प्रबंधन में मध्यप्रदेश का स्वर्णिम प्रदर्शन: इंदौर द्वितीय, जबलपुर तृतीय और भोपाल चौथे स्थान पर, वार्ड श्रेणी में भोपाल का वार्ड-60 अलंकृत हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच में</strong></p>
<p><strong>स्वच्छ वायु प्रबंधन में मध्यप्रदेश का स्वर्णिम प्रदर्शन: इंदौर द्वितीय, जबलपुर तृतीय और भोपाल चौथे स्थान पर, वार्ड श्रेणी में भोपाल का वार्ड-60 अलंकृत<br />
हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम</strong></p>
<p><strong>भोपाल&nbsp;</strong></p>
<p>पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्यप्रदेश ने स्वर्णिम उपलब्धि अर्जित की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में देश के शीर्ष पाँच स्वच्छ वायु शहरों में प्रदेश के तीन प्रमुख नगरों ने अनुपम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। &#039;राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस&#039; के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में इंदौर एवं जबलपुर तथा वार्ड स्तरीय श्रेणी में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किया गया।</p>
<p><strong>दस लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन</strong></p>
<p>राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। इस वर्ग में इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान अर्जित कर स्वच्छ वायु प्रबंधन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इसी श्रेणी में ग्वालियर ने 39वाँ स्थान प्राप्त किया। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के मध्य निर्धारित मापदंडों पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए रैंकिंग जारी की जाती है।</p>
<p><strong>इंदौर एवं जबलपुर की अनुकरणीय उपलब्धियां</strong></p>
<p>स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर नवमानक स्थापित करने वाले इंदौर नगर ने धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा नागरिक सहभागिता के बल पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। समारोह में इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एवं सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर जगत बहादुर सिंह &#039;अन्नू&#039;, आयुक्त राम प्रसाद अहिरवार, कमलेश श्रीवास्तव, संभव अयाची एवं जी.एस. मरावी ने पुरस्कार प्राप्त किया।</p>
<p><strong>भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को मिला राष्ट्रीय गौरव</strong></p>
<p>वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और नवाचारों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय स्तर पर हरित पहल, सघन पौधारोपण तथा नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए अपर आयुक्त अमन मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य आर. के. सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया।</p>
<p><strong>सतत् विकास और दूरदर्शी नेतृत्व की सुखद परिणति</strong></p>
<p>यह राष्ट्रीय गौरव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के &#039;विकसित भारत&#039; के पावन संकल्प तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में संचालित पर्यावरण संरक्षण अभियानों का फलश्रम है। प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोकथाम, निर्माण स्थलों की निगरानी एवं व्यापक जनचेतना के जो प्रयास किए गए हैं, आज उन्हीं की परिणति स्वरूप मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय वायु संरक्षण पटल पर यह सफलता अर्जित की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>कृषि-पर्यटन के बाद IT में भी MP का डंका, तीन साल में 1,614 करोड़ का सॉफ्टवेयर निर्यात</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 03:34:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल &#160;मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश अब केवल कृषि और पर्यटन ही नहीं, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। राज्य में तकनीकी विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ निर्यात भी लगातार बढ़ रहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल</strong><br />
&nbsp;मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश अब केवल कृषि और पर्यटन ही नहीं, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। राज्य में तकनीकी विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है। फार्मा और कृषि उत्पाद के बाद अब प्रदेश से साफ्टवेयर भी निर्यात हो रहे हैं। तीन साल में सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क (एसटीपी) इकाई के माध्यम से 1,614 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया।</p>
<p>वर्ष 2025-26 में 24 एसटीपी इकाइयां मध्य प्रदेश में पंजीकृत हुईं। इस वर्ष 681 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया। बता दें कि एसटीपी योजना भारत से साफ्टवेयर और आइटी सक्षम सेवाओं (आइटी/आइटीइएस) के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 100 प्रतिशत निर्यातोन्मुखी है। प्रदेश से इस वर्ष 76 हजार करोड़ रुपये के उत्पाद निर्यात किए गए हैं।</p>
<p><strong>इंदौर, भोपाल और ग्वालियर बने मुख्य केंद्र</strong><br />
मध्य प्रदेश में मुख्य रूप से इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क (एसटीपी) के केंद्र सक्रिय हैं। इनमें इंदौर आइटी हब के रूप में सबसे आगे है। इन पार्कों के माध्यम से न केवल बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्रदेश में पैर जमाने का मौका मिला है, बल्कि स्थानीय स्टार्टअप्स को भी वैश्विक स्तर पर अपनी सेवाएं देने के लिए एक मजबूत प्लेटफार्म मिला है।</p>
<p>
<strong>देश में 6226 पंजीकृत एसटीपी इकाइयां, इनमें से मप्र में 68</strong></p>
<p><strong>राज्य वर्ष 2023-24&#8211; 2024-25 &#8212; 2025-26</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ &#8212; 11&#8211; 11&#8211; 10</p>
<p>राजस्थान &#8212; 21 &#8212; 23&#8211; 23</p>
<p>मध्य प्रदेश &#8212; 21&#8211; 23 &#8212; 24</p>
<p>गुजरात &#8212; 38&#8211; 37&#8211; 37</p>
<p>उत्तर प्रदेश &#8212; 104&#8211; 99 &#8211;107</p>
<p>महाराष्ट्र &#8212; 347&#8211; 352 &#8212; 367</p>
<p>देश में कुल 2059&#8211; 2042&#8211; 2125</p>
<p><strong>एसटीपी इकाइयां के माध्यम से तीन साल में हुआ निर्यात</strong></p>
<p><strong>राज्य &#8212; वर्ष 2023-24&#8211; 2024-25 &#8212; 2025-26</strong></p>
<p>छत्तीसगढ़ &#8212; 64.29&#8211; 71.66&#8211; 75.93</p>
<p>राजस्थान &#8212; 1798.65 &#8212; 1910.09&#8211; 2072.05</p>
<p>मध्य प्रदेश &#8212; 468.51&#8211; 464.44 &#8212; 681.63</p>
<p>गुजरात &#8212; 2242.10&#8211; 2584.11&#8211;3150.69</p>
<p>उत्तर प्रदेश &#8211;25823.88 &#8212; 28901.73 &#8212; 28442.69</p>
<p>महाराष्ट्र &#8212; 126560.73&#8211; 142088.85 &#8212; 162594.11</p>
<p>देश में कुल &#8212; 636619.87&#8211; 688194.11&#8211;773898.97.</p>
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		<title>मध्यप्रदेश में हीरा खनन उद्योग में गतिविधियां तेज करने की पहल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Aug 2026 16:51:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल&#160; खनिज संसाधन विभाग द्वारा मुंबई के आईटीसी मराठा में &#8216;मध्यप्रदेश में हीरा खनन की संभावनाएं&#8217; विषय पर राउंड टेबल चर्चा आयोजित की गई। इसमें प्रमुख खनन कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्रदेश के हीरा खनन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और इसकी गति बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। प्रदेश शासन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align:justify">भोपाल&nbsp;</p>
<p style="text-align:justify">खनिज संसाधन विभाग द्वारा मुंबई के आईटीसी मराठा में &lsquo;मध्यप्रदेश में हीरा खनन की संभावनाएं&rsquo; विषय पर राउंड टेबल चर्चा आयोजित की गई। इसमें प्रमुख खनन कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्रदेश के हीरा खनन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और इसकी गति बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। प्रदेश शासन ने हीरा खनन क्षमता को नई गति देने, निवेश के अवसरों को बढ़ाने तथा सतत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हीरा खनन इकोसिस्टम विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विभाग का उद्देश्य है कि नीलामी के बाद खनन गतिविधियां शीघ्र प्रारंभ हों और प्रदेश की खनिज संपदा का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify">मध्यप्रदेश में हीरा खनन की संभावनाओं, आगामी हीरा-युक्त खनिज ब्लॉकों की नीलामी तथा नीलाम किए जाने वाले ब्लॉकों को समयबद्ध तरीके से खनन गतिविधियों के लिए संचालित करने से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा में उद्योग प्रतिनिधियों ने हीरा खनन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और व्यावहारिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए तथा निवेशकों की सुविधा के लिए आवश्यक उपाय सुझाए। चर्चा के दौरान सतत खनन पद्धतियों, आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियामकीय प्रक्रियाओं को सुगम बनाने तथा निवेश-अनुकूल नीतिगत वातावरण विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने कहा कि इन उपायों से हीरा खनन क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश और विकास को गति मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify">बैठक में बताया गया कि हीरा-युक्त ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के साथ ही ब्लॉक आवंटन से लेकर खदान विकास एवं संचालन तक कंपनियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify">&nbsp;</p>
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