<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Neeraj Patel &#8211; NewsX 24</title>
	<atom:link href="https://newsx24.com/tag/neeraj-patel/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://newsx24.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Mon, 16 Mar 2026 14:06:00 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://newsx24.com/wp-content/uploads/2026/02/cropped-ChatGPT-Image-Feb-18-2026-11_44_21-PM-32x32.png</url>
	<title>Neeraj Patel &#8211; NewsX 24</title>
	<link>https://newsx24.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सब्सिडी से नीरज की बदली तकदीर, जरबेरा की खेती से लाखों की कमाई</title>
		<link>https://newsx24.com/subsidies-transform-neerajs-fortune-earning-lakhs-through-gerbera-cultivation/</link>
					<comments>https://newsx24.com/subsidies-transform-neerajs-fortune-earning-lakhs-through-gerbera-cultivation/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:06:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Neeraj Patel]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://newsx24.com/subsidies-transform-neerajs-fortune-earning-lakhs-through-gerbera-cultivation/</guid>

					<description><![CDATA[&#160; सरकारी योजनाओं का असर: पारंपरिक खेती छोड़ किसान अपना रहे हैं जरबेरा जैसी उच्च लाभ वाली खेती लखनऊ, योगी सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है जिससे वे अच्छा लाभ कमा रहे हैं। इन योजनाओं के सहयोग से किसान अब आधुनिक और उच्च लाभ वाली खेती की ओर तेजी से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p><strong>सरकारी योजनाओं का असर: पारंपरिक खेती छोड़ किसान अपना रहे हैं जरबेरा जैसी उच्च लाभ वाली खेती</strong></p>
<p><strong>लखनऊ,</strong></p>
<p>योगी सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है जिससे वे अच्छा लाभ कमा रहे हैं। इन योजनाओं के सहयोग से किसान अब आधुनिक और उच्च लाभ वाली खेती की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है बाराबंकी जिले के युवा किसान नीरज पटेल की, जिन्होंने फूलों की खेती के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। उन्हें उत्तर प्रदेश की &#039;राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना&#039; के अंतर्गत लाभ मिला।</p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से बदला नीरज का जीवन</strong><br />
नीरज पटेल ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को ही अपना भविष्य बनाने का निर्णय लिया। वैसे उनके घर में पारंपरिक खेती ही की जाती है। लेकिन उन्होंने कुछ अलग करने का सोचा और एक दिन वह उद्यान विभाग के एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्हें जरबेरा फूलों की खेती के बारे में जानकारी मिली। यह जानकारी उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गई। उन्होंने आधुनिक तकनीक के साथ जरबेरा की खेती शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही &#039;राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना&#039; का लाभ उठाया। उन्हें इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 में 29 लाख 50 हजार का ऋण मिला और कुछ महीने बाद उन्हें 50% की सब्सिडी भी मिली।&nbsp; &nbsp;</p>
<p><strong>राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिली नई राह</strong><br />
सरकार की महत्वाकांक्षी &#039;नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन&#039; और संरक्षित खेती के तहत पॉलीहाउस तकनीक से फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत नीरज पटेल ने अपने एक एकड़ खेत में पॉलीहाउस स्थापित किया। पॉलीहाउस लगाने में लगभग 70 से 75 लाख रुपये की लागत आई। सरकार की योजना के अंतर्गत उन्हें ऋण और अनुदान मिला जिससे यह खेती करना उनके लिए काफी आसान हो गया।</p>
<p><strong>जरबेरा की खेती से आत्मनिर्भर बने नीरज</strong><br />
आज नीरज के पॉलीहाउस में करीब 25 हजार जरबेरा पौधे लगे हुए हैं। यह पौधे रोजाना उत्पादन देते हैं और एक बार लगाए जाने के बाद लगभग छह साल तक लगातार उत्पादन देते हैं। अभी नीरज ने 5 अन्य लोगों को रोजगार दिया है, जिससे आसपास के ग्रामीणों को भी आय का नया स्रोत मिला है। आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली के जरिए पौधों को बूंद-बूंद पानी दिया जाता है। इससे पानी की बचत होती है और उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है। यह तकनीक इजरायली पद्धति पर आधारित है, जो खेती को अधिक लाभकारी बनाती है।</p>
<p><strong>हर साल 10 लाख रुपये तक की कमाई</strong><br />
जरबेरा के फूलों की बाजार में काफी मांग है। शादी-समारोह, सजावट और विभिन्न आयोजनों में इन फूलों का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है। इसी कारण नीरज पटेल को अपने फूलों की बिक्री में भी कोई कठिनाई नहीं आती। उन्होंने बताया कि साल भर में सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें लगभग 8 से 10 लाख रुपये की बचत हो जाती है। नीरज की यह पहल केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, वह अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फूलों की आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://newsx24.com/subsidies-transform-neerajs-fortune-earning-lakhs-through-gerbera-cultivation/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
