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	<title>Raghav Chadha &#8211; NewsX 24</title>
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	<title>Raghav Chadha &#8211; NewsX 24</title>
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		<title>मोदी कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज, राघव चड्ढा की एंट्री की अटकलें, दो मंत्रियों पर सस्पेंस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jun 2026 10:32:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160;नई दिल्ली राज्यसभा चुनाव परिणाम से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, अब तक NDA यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। कहा जा रहा है कि इस दौरान टीम मोदी से कई मंत्री बाहर जा सकते हैं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&nbsp;नई दिल्ली</strong></p>
<p>राज्यसभा चुनाव परिणाम से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, अब तक NDA यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। कहा जा रहा है कि इस दौरान टीम मोदी से कई मंत्री बाहर जा सकते हैं और संगठन में पद संभाल सकते हैं। वहीं, चुनावी राज्यों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों की भी एंट्री हो सकती है।</p>
<p><strong>राघव चड्ढा के नाम की अटकलें</strong><br />
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी खासी सक्रिय नजर आ रही है। इसके साथ ही अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि कैबिनेट में पंजाब के चेहरों को शामिल किया जा सकता है। भाजपा ने मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट से महासचिव तरुण चुघ को मैदान में उतारा है। उनके अलावा पूर्व कांग्रेस नेता और राज्य में भाजपा की कमान संभाल चुके सुनील जाखड़ के नाम की भी अटकलें हैं।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आम आदमी पार्टी से आए राघव चड्ढा को भी कैबिनेट में मौका दिया जा सकता है। हालांकि, इसे लेकर चड्ढा या पार्टी नेता की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। दरअसल, पंजाब से आने वाले नेता रवनीत सिंह बिट्टू को इस बार भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाया है। ऐसे में पंजाब के कई नए चेहरों के मंत्री परिषद में आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।</p>
<p><strong>2 मंत्रियों का कट सकता है टिकट</strong><br />
&nbsp;रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि 2 मंत्री बाहर किए जा सकते हैं। हालांकि, अब तक साफ नहीं है कि इनमें किन नेताओं नाम शामिल है और इसे लेकर आधिकारिक रूप से भी कुछ नहीं बताया गया है। खास बात है कि भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो केंद्रीय मंत्रियों को टिकट नहीं दिया है। इनमें बिट्टू के अलावा जॉर्ज कुरियन का नाम भी शामिल है।</p>
<p><strong>दक्षिण भारतीय राज्य की किसे मिलेगी कमान</strong><br />
रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि कैबिनेट फेरबदल में 10 से 12 मंत्री शामिल या बदले जा सकते हैं। कई मंत्रियों के विभाग बदले जाने की भी अटकलें हैं। इसके अलावा कहा जा रहा है कि भाजपा किसी कैबिनेट मंत्री को कर्नाटक इकाई का प्रमुख भी बना सकती है। हालांकि, नाम अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल, पार्टी के कर्नाटक प्रमुख बीवाई विजयेंद्र हैं।</p>
<p><strong>याचिका समिति के अध्यक्ष हैं राघव चड्डा</strong><br />
मई में चड्ढा को उच्च सदन की याचिका समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। तब राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन की तरफ से समिति को दोबारा बनाया गया था और 10 सदस्यों को नामित किया था। समिति में चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंक कुमार नायक, मस्तान राव यादव बीडा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रवंगवरा नारजारी और संदोष कुमार पी अन्य सदस्य हैं।</p>
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		<title>राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष बने राघव चड्ढा, पुनर्गठन के बाद नई जिम्मेदारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 09:01:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. राज्यसभा की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभापति ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है.</p>
<p>राज्यसभा की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से याचिका समिति का पुनर्गठन किया है. इसके तहत सदन के 10 सदस्यों को पैनल में नामित किया गया है. इसमें लिखा है, &quot;राघव चड्ढा को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.&quot;</p>
<p>राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के अलावा याचिका समिति में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, र्वंग्रा नारजरी और संतोष कुमार पी. को सदस्य बनाया गया है.</p>
<p>इसी के साथ राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को &#039;कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026&#039; पर बनी संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया है.</p>
<p>वहीं लोकसभा सचिवालय की अलग अधिसूचना में कहा गया कि लोकसभा अध्यक्ष ने 21 मई से प्रभावी रूप से अरविंद गणपत सावंत को &#039;कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक&#039; पर बनी संयुक्त समिति के लिए नामित किया है.</p>
<p>गौरतलब है कि राघव चड्ढा दो तिहाई ज्यादा AAP के राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे. उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेता शामिल रहे.</p>
<p>उस वक्त राघव चड्ढा ने कहा था, &#039;पिछले कुछ वर्षों से मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. हमने यह फैसला किया है कि हम संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे.&#039;&#039;</p>
<p>उन्होंने कहा था कि जिस आम आदमी पार्टी को खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वो अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है. अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है.</p>
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		<title>BJP में शामिल होते ही राघव चड्ढा को बड़ी जिम्मेदारी, राज्यसभा की अहम समिति के बने अध्यक्ष</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 15:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया गया है। याचिका समिति &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>हाल ही में आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया गया है।</p>
<p><strong>याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया</strong><br />
राज्यसभा की एक अधिसूचना में कहा गया है कि राघव चड्ढा को याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसमें यह भी बताया गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से इस पैनल का पुनर्गठन किया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने याचिका समिति का पुनर्गठन करने के बाद सदन के 10 सदस्यों को इस पैनल के लिए नामित किया।</p>
<p>चड्ढा के अलावा पैनल के सदस्यों में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, रंगव्रा नारज़ारी और संदोश कुमार पी शामिल हैं।</p>
<p>एक अन्य अधिसूचना में राज्यसभा सचिवालय ने कहा कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा के सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर संयुक्त समिति के सदस्य के रूप में नामित किया है।</p>
<p><strong>आप के 7 सांसदों ने थामा था बीजेपी का हाथ</strong><br />
बता दें कि आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में एक रहे राघव चड्ढा ने राज्यसभा के छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी को अलविदा कह दिया था। सभी सात सांसदों ने 27 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। राज्यसभा में 10 सांसदों वाली आप के अब केवल 3 सांसद बचे हैं।</p>
<p><strong>आप ने की थी बर्खास्त करने की मांग</strong><br />
इन नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया</strong><br />
इस बीच राघव चड्ढा की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर किया गया है। इसमें सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों पर उनके बारे में प्रसारित किए जा रहे फर्जी, एआई-जनरेटेड और डीपफेक कंटेंट को तत्काल हटाने और ब्लॉक करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि संबंधित सामग्री दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राघव चड्ढा की प्रतिष्ठा व व्यक्तित्व अधिकारों को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली है।</p>
<p>याचिका में यह भी कहा गया है कि एआई और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर छेड़छाड़ की गई सामग्री तैयार करना और प्रसारित करना न केवल कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे अपूरणीय प्रतिष्ठात्मक क्षति भी हो रही है।</p>
<p><strong>कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा</strong><br />
दिल्ली हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई की। जस्टिस प्रसाद ने कहा कि यह राघव चड्ढा के व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन का मामला नहीं बनता। उनकी आलोचना उनके राजनीतिक फैसले को लेकर और बीजेपी में जाने को लेकर की जा रही है। हाई कोर्ट ने कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों का व्यवसायिक इस्तेमाल और आलोचना करने में अंतर है। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>राघव चड्ढा के शामिल होने के बाद भी पंजाब में BJP को नहीं होगा फायदा, जानिए कैसे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 May 2026 03:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
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					<description><![CDATA[लुधियाना&#160; आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसको लेकर राज्य सभा सचिवालय ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। इसी के साथ उच्च सदन में भाजपा की ताकत भी बढ़ी है और सांसदों की संख्या 113 हो गई है। जिन सात सांसदों ने बीजेपी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लुधियाना&nbsp;</strong></p>
<p>आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसको लेकर राज्य सभा सचिवालय ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। इसी के साथ उच्च सदन में भाजपा की ताकत भी बढ़ी है और सांसदों की संख्या 113 हो गई है। जिन सात सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा है, उनमें से 6 पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं और स्वाती मालिवाल दिल्ली से है।</p>
<p>पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राज्य सभा सांसदों का बीजेपी में जाना अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, दिल्ली हारने के बाद अब आम आदमी पार्टी की पंजाब में ही सरकार है।</p>
<p>आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव हारने के बाद पूरा ध्यान पंजाब पर लगा दिया है। AAP के बागी सांसदों के शामिल होने से बीजेपी खुश नजर आ रही है। दरअसल, राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने विधासनभा चुनाव 2022 में AAP की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। जो सांसद बीजेपी में शामिल हुए हैं उनमें- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल शामिल है।&nbsp;</p>
<p><strong>क्या बीजेपी को मिलेगा फायदा?&nbsp;</strong><br />
AAP के सातों राज्य सभा सांसदों के विलय के बाद उच्च सदन में भले ही बीजेपी का संख्या बल बढ़ा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर फायदा कम होता नजर आ रहा है। अपनी रणनीति से 2022 में राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने AAP को जीत दिलाई हो, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नेताओं का कोई जनाधार नहीं है। ऐसे में बीजेपी के लिए इनका कितना उपयोगी साबित होना संभव है, यह आने वाला समय बताएगा।</p>
<p><strong>पंजाब में चड्ढा का इस्तेमाल करेगी बीजेपी</strong><br />
वहीं पंजाब में बीजेपी अब राघव चड्ढा का इस्तेमाल करेगी, क्योंकि प्रदेश में कायदे से पार्टी अपनी उपस्थिति भी दर्ज नहीं करा पाई है। इसके अलावा बीजेपी पर पंजाब में किसान विरोधी होने का आरोप भी लगता है। खासकर केंद्र के कृषि कानूनों के विवाद के बाद। संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने बीजेपी पर किसानों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसलिए अकाली दल भी अब बीजेपी के साथ नहीं है।</p>
<p><strong>चड्ढा के सामने भी होगी चुनौती</strong><br />
राघव चड्ढा AAP की तरफ से राज्य सभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन अब बीजेपी में जाने के बाद उनके सामने कई चुनौतियां होगी। दरअसल, इससे पहले तक वे बीजेपी के मुखर विरोधी रहे है और कई मौके पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। खासतौर पर कृषि कानूनों को लेकर। ऐसे में प्रदेश की जनता और बीजेपी में अपनी जगह कैसे बनाते है, यह आने वाला समय बताएगा। उन्हें न केवल पार्टी की विचारधारा के साथ तालमेल बैठाना होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा भी जीतना होगा।&nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>नवजोत कौर सिद्धू का दावा: प्रियंका चोपड़ा कनेक्शन की चर्चा</title>
		<link>https://newsx24.com/navjot-kaur-sidhus-claim-priyanka-chopra-connection-sparks-discussion/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 09:05:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[इन दिनों संसद से लेकर सड़क तक राघर चड्ढा के नाम का शोर है. राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. राघव चड्ढा का ये फैसला कई लोगों के लिए शॉकिंग है. कई लोग उनके इस फैसले से खुश हैं. कुछ आहात नजर आ रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इन दिनों संसद से लेकर सड़क तक राघर चड्ढा के नाम का शोर है. राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. राघव चड्ढा का ये फैसला कई लोगों के लिए शॉकिंग है. कई लोग उनके इस फैसले से खुश हैं. कुछ आहात नजर आ रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने राघव के बीजेपी जॉइन करने पर बड़ा खुलासा किया है.</p>
<p><strong>राघव पर बड़ा खुलासा है</strong><br />
नवजोत कौर सिद्धू ने टॉप सीक्रेट के पॉडकास्ट में राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि प्रियंका चोपड़ा की वजह से राघव बीजेपी में शामिल हुए. वो बताती हैं कि प्रियंका चोपड़ा को पता लग गया था कि ये (आम आदमी पार्टी) लोग राघव के पीछे पड़ गए हैं. अब राघव पर ईडी होगी. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि प्रियंका चोपड़ा ने राघव चड्ढा को अपनी बहन परिणीति चोपड़ा के कारण बचाया है.</p>
<p>नवजोत सिंह सिद्धू की वाइफ ने ये भी कहा कि उन्हें पहले से पता लग गया था कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से निकलने वाले हैं. पार्टी को लगने लगा था कि राघव हमारे लिए नहीं बोल रहा है. इसके बाद वो लड़ाई में पड़ गए. मैं बता दूं कि हर खामोश बंदा पार्टी होता है. राघव चड्ढा आज जो चार साल के बाद बोल रहे हैं. उन्हें डेढ़ साल बाद ही बोलना चाहिए था. अगर कुछ गलत लग रहा है, तभी बोलना चाहिए.</p>
<p><strong>नाराज हुए जेन-जी और सेलेब्स</strong><br />
राघव चड्ढा का बीजेपी जॉइन करना कई लोगों को अखरा रहा है. बीजेपी जॉइन करने के एक दिन बाद राघव चड्ढा के दो मिलियन से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कम हो गए हैं. कुनिका सदनंद और प्रकाश राज जैसे सेलेब्स ने राघव चड्ढा के फैसले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है.</p>
<p>नवजोत कौर सिद्धू ने राघव चड्ढा को लेकर जो भी दावा किया है. इस पर अब तक प्रियंका चोपड़ा, परिणीति चोपड़ा या राघव चड्ढा में से किसी ने भी रिएक्ट नहीं किया है. पर हां इतना जरूर कह सकते हैं कि राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद राजनीति में पार्टी में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है.</p>
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		<item>
		<title>राघव चड्ढा का बिल अगर पास हो जाता, तो न BJP में जाते न AAP टूटती—4 साल पुरानी कहानी</title>
		<link>https://newsx24.com/had-raghav-chadhas-bill-been-passed-neither-would-he-have-joined-the-bjp-nor-would-aap-have-split-a-4-year-old-story/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 11:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली आम आदमी पार्टी को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा झटका दे चुके हैं. आम आदमी पार्टी में बगावत करने वाले राघव चड्ढा अब भाजपाई हो चुके हैं. उनके साथ छह अन्य सांसद भी आम आदमी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं. अब वे सभी भाजपा में हैं. राघव चड्ढा आज भले ही दल बदलकर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong><br />
आम आदमी पार्टी को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा झटका दे चुके हैं. आम आदमी पार्टी में बगावत करने वाले राघव चड्ढा अब भाजपाई हो चुके हैं. उनके साथ छह अन्य सांसद भी आम आदमी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं. अब वे सभी भाजपा में हैं. राघव चड्ढा आज भले ही दल बदलकर भाजपा में जा चुके हैं. मगर राघव चड्ढा का ही लाया बिल पास हो गया होता तो वह आज आम आदमी पार्टी छोड़कर अलग नहीं हो पाते. न ही वह बगावत कर पाते. राघव चड्ढा की यह खबर सिर्फ एक नेता के पार्टी बदलने की नहीं है. इसमें एक बड़ी विडंबना छिपी है. चार साल पहले राघव चड्ढा ने खुद एक बिल लाया था, जो दल-बदल को बहुत सख्ती से रोकता. अगर वह बिल कानून बन गया होता तो आज राघव चड्ढा की कहानी कुछ और होती।&nbsp;</p>
<p>जी हां, चार साल पहले राघव चड्ढा राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य थे. उन्होंने राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य के तौर पर अगस्त 2022 में एक प्राइवेट मेंबर बिल लाया था. उस बिल का मकसद दल-बदल कानून को और सख्त बनाना था. वह कानून बन गया होता तो राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी छोड़कर नहीं जा पाते. न ही वह सदन के अपने छह अन्य पार्टी सदस्यों के साथ मिलकर भाजपा में शामिल हो पाते. दो दिन पहले ही उन्होंने यह घोषणा की थी. जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी की सदन में मौजूद 10 सदस्यों की कुल संख्या में से दो-तिहाई बहुमत होने का हवाला दिया था।&nbsp;</p>
<p><strong>राघव चड्ढा ने चार साल पहले लाया था बिल</strong><br />
&nbsp;खबर के मुताबिक, अगर राघव चड्ढा का प्रस्तावित बिल कानून बन गया होता तो पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने के लिए राघव चड्ढा को अपनी पार्टी के छह नहीं, बल्कि सात सदस्यों के समर्थन की जरूरत पड़ती. इतना ही नहीं पार्टी तोड़ने के आरोप में इस मौजूदा टीम पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लग जाती।&nbsp;</p>
<p><strong>उस बिल में क्या था?</strong><br />
ऐसा इसलिए, क्योंकि संविधान संशोधन बिल में दलबदल विरोधी कानून को और अधिक सख़्त बनाने की मांग की गई थी. यह बिल उन्होंने राज्यसभा में शामिल होने के तीन महीने बाद पेश किया था. इस बिल के तहत पार्टी में वैध रूप से टूट या विभाजन करने के लिए दो-तिहाई नहीं, बल्कि तीन-चौथाई बहुमत की जरूरत होती. इस बिल को राघव चड्ढा ने 5 अगस्त 2022 को एक &lsquo;निजी सदस्य बिल&rsquo; के तौर पर सदन में पेश किया था. तब राघव आप चीफ अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी थे।&nbsp;</p>
<p><strong>बिल में क्या मांग की गई थी?</strong><br />
&lsquo;विधायकों द्वारा पूरी तरह से लोकतांत्रिक जनादेश की अनदेखी करते हुए गलत इरादे से पार्टी बदलने&rsquo; का हवाला देते हुए राघव चड्ढा के प्रस्तावित बिल में संविधान की दसवीं अनुसूची के लिए और भी अधिक सख़्त प्रावधानों के जरिए दलबदल विरोधी नियमों को मजबूत करने की मांग की गई थी. गौरतलब है कि दसवीं अनुसूची में दलबदल के आधार पर चुने हुए प्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराने से जुड़े नियम शामिल हैं।&nbsp;</p>
<p>दसवीं अनुसूची में क्या है<br />
वर्तमान कानून (दसवीं अनुसूची) कहता है कि अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य मिलकर दूसरी पार्टी में चले जाएं तो उन्हें अयोग्य नहीं माना जाता. राघव चड्ढा के बिल ने इसे बढ़ाकर तीन-चौथाई (3/4) कर दिया था. मतलब 10 सदस्यों वाली पार्टी में कम से कम 8 सदस्यों का सहमत होना जरूरी होता. सिर्फ 7 से काम नहीं चलता।&nbsp;</p>
<p><strong>जानिए बिल में क्या-क्या?</strong><br />
&nbsp; &nbsp; इस प्रस्तावित कानून का मकसद संविधान के अनुच्छेद 102 और 191 में संशोधन करके और दसवीं अनुसूची में बदलाव करके पार्टी के भीतर विलय के लिए ज़रूरी सदस्यों की संख्या को 2/3 से बढ़ाकर 3/4 करके&nbsp; लोकतंत्र को मज़बूत करना और जन प्रतिनिधियों को राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के बजाय जानकार कानून निर्माता बनने में मदद करना था।&nbsp;</p>
<p>&nbsp; &nbsp; बिल में यह भी लिखा था कि अगर कोई सांसद या विधायक चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदलता है तो उसे छह साल तक कोई चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं होगी. साथ ही &lsquo;रिसॉर्ट पॉलिटिक्स&rsquo; रोकने के लिए अगर कोई सरकार से समर्थन वापस लेता है तो उसे सात दिन के अंदर स्पीकर या चेयरमैन के सामने हाजिर होना पड़ता. अगर वह नहीं करता तो उसे अयोग्य ठहराया जा सकता था।&nbsp;</p>
<p>&nbsp; &nbsp; बिल में साफ लिखा था कि दल-बदल कानून का मकसद विधायकों-सांसदों के खरीद-फरोख्त को रोकना था, लेकिन आज भी यह समस्या बदस्तूर जारी है. दसवीं अनुसूची का दुरुपयोग हो रहा है. यह हमारे लोकतंत्र पर कलंक है. बिल ने अनुच्छेद 102 और 191 में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा था ताकि सांसद या विधायक अयोग्य होने पर सदन की सदस्यता चली जाए।&nbsp;</p>
<p><strong>और यह विडंबना</strong><br />
तब राघव चड्ढा ने बिल पेश करते समय कहा था कि जनता ने जिस उम्मीद से विधायकों को चुना है, उसके खिलाफ फ्लोर क्रॉसिंग (दल-बदल) करना गलत है. लेकिन आज वही राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी की दो-तिहाई बहुमत का हवाला देकर भाजपा में चले गए हैं. अगर उनका 2022 वाला बिल कानून बन जाता तो आज उन्हें सात सदस्यों (न कि छह) का समर्थन चाहिए होता और पूरी टीम को छह साल तक चुनाव लड़ने से रोक दिया जाता।&nbsp;</p>
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		<title>AAP छोड़ने पर राघव चड्ढा का खुलासा, बोले—‘पार्टी का माहौल हो गया था टॉक्सिक’</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 09:01:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
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					<description><![CDATA[चंडीगढ़. सांसद राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>चंडीगढ़.</strong></p>
<p>सांसद राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक सीए था, मेरे सामने एक बेहतर करियर था, उसे छोड़कर मैं राजनीति में आया। अपना करियर को बनाने के लिए राजनीति में नहीं आया। एक पॉलिटिकल पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना, जिस पार्टी को मैंने अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए।</p>
<p>अपने खून-पसीने और बहुत मेहनत से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज ये पार्टी पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, पार्लियामेंट में बोलने से रोका जाता है और ये पार्टी आज चंद भ्रष्ट लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ सालों से मैं यह महसूस कर रहा था कि शायद मैं एक गलत पार्टी में एक सही आदमी हूं। इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ तीन विकल्प थे; पहला विकल्प कि मैं राजनीति ही छोड़ दूं। दूसरा विकल्प कि मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं।</p>
<p><strong>राघव ने गिनाए तीन विकल्प</strong><br />
तीसरा विकल्प कि मैं अपनी ऊर्जा और अनुभव लेकर किसी और पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसलिए अकेले मैंने ही नहीं, मेरे साथ छह और सांसदों ने यह फैसला लिया कि हम इस पार्टी से रिश्ता तोड़ देंगे। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। वे अनगिनत शिक्षित लोग जो इस पार्टी के साथ जुड़े थे, क्या वे सारे लोग गलत थे?</p>
<p>आप ऐसे समझिए, आप में से जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं, अगर आपका वर्कप्लेस टॉक्सिक बन जाए तो आप कितना काम कर पाएंगे? क्या आप वहां काम कर पाएंगे? आपको वहां काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप कराया जाए, तो आप क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला यही है कि आप उस जगह को छोड़ दें। शायद हमने भी वही किया। आप में से कई लोगों ने पूछा कि क्या मैं आम लोगों के मुद्दे वैसे ही उठाता रहूंगा? तो मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं आपकी समस्याओं को लगातार और जोश के साथ उठाऊंगा, और अच्छी बात यह है कि अब हम उन दिक्कतों के हल भी ढूंढ पाएंगे।</p>
<p><strong>कुछ दिन पहले बीजेपी में हुए थे शामिल</strong><br />
कुछ दिन पहले राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने साथ-साथ छह और सासंदों के आप छोड़क बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी। आम आदमी पार्टी के लिए यह बड़ी झटका था। राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, स्वाति मालिवाल, हर भजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता आदि बीजेपी में शामिल हो गए थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>सांसदों के दलबदल पर एक्शन की तैयारी, संजय सिंह ने उठाई अयोग्यता की मांग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 08:01:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
		<category><![CDATA[top-news]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह समेत सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी (AAP) को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले को लेकर AAP नेताओँ और जानकारों का कहना है कि अब पार्टी राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इन सांसदों के खिलाफ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह समेत सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी (AAP) को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले को लेकर AAP नेताओँ और जानकारों का कहना है कि अब पार्टी राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इन सांसदों के खिलाफ एक्शन की मांग कर सकती है। बता दें कि पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। इसका असर निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा।</p>
<p>राज्यसभा सांसद और AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि वह इन सांसदों के खिलाफ ऐक्शन के लिए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को पत्र लिखेंगे और सातों सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे। संजय सिंह ने कहा, जिस तरह से सात सांसद बीजेपी में गए हैं, यह असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ है। मैं राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखूंगा और मांग करूंगा कि इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जाए।</p>
<p><strong>दल बदल कानून का सहारा लेना चाहती है AAP</strong><br />
उन्होंने कहा, &#039;दलबदल विरोधी कानून के अनुसार राज्यसभा और लोकसभा में किसी तरह का अलग गुट मान्य नहीं होता, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों।&#039; उन्होंने यह भी कहा कि इन सात सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह &quot;असंवैधानिक&quot; और &quot;गैरकानूनी&quot; है।</p>
<p>
<strong>संवैधानिक स्तर पर मामला उठाना चाहती है AAP</strong><br />
आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को संवैधानिक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए अपॉइनमेंट मांगा है। जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि इन सभी सांसदों से राज्यसभा की सदस्यता वापस ले ली जाए। इसके लिए वह &lsquo;राइट टु रीकॉल&rsquo; का इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि संविधान में इस तरह का प्रावधान नहीं है। अगर जनता चाहे तो चुने गए प्रतिनिधि को कार्यकाल खत्म होने से पहले हटा सकती है। इसे &#039;राइट टु रिकॉल&#039; कहते हैं।</p>
<p>शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें से छह पंजाब से हैं। ये सात सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के अनुसार, मान ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा, ताकि वे सांसदों की &#039;&#039;सदस्यता समाप्त करने&#039;&#039; के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रख सकें।</p>
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		<item>
		<title>राघव चड्ढा सहित AAP के 7 सांसदों ने किया BJP में विलय, शिअद का नेता आम आदमी पार्टी में शामिल</title>
		<link>https://newsx24.com/seven-aap-mps-including-raghav-chadha-have-merged-with-the-bjp-a-sad-leader-has-joined-the-aam-aadmi-party/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 09:03:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
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					<description><![CDATA[कपूरथला &#160;आम आदमी पार्टी के लिए शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026)का दिन बहुत बुरा साबित हुआ क्योंकि आप सांसद राघव चड्ढा समेत कुल सात सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया। आम आदमी पार्टी को एक तरह बहुत बड़ा झटका लगा, तो वहीं कपूरथला में पार्टी को बढ़त मिली है। दरअसल, वार्ड नंबर नौ के पूर्व &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कपूरथला</strong><br />
&nbsp;आम आदमी पार्टी के लिए शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026)का दिन बहुत बुरा साबित हुआ क्योंकि आप सांसद राघव चड्ढा समेत कुल सात सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया।</p>
<p>आम आदमी पार्टी को एक तरह बहुत बड़ा झटका लगा, तो वहीं कपूरथला में पार्टी को बढ़त मिली है। दरअसल, वार्ड नंबर नौ के पूर्व पार्षद अवतार सिंह अपने साथियों सहित शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए।</p>
<p>आप के हलका प्रभारी एडवोकेट कर्मबीर सिंह चंदी ने अवतार सिंह को सिरोपा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया और उन्हें पूरा सम्मान देने का आश्वासन दिया। पूर्व पार्षद अवतार सिंह ने कहा कि एडवोकेट चंदी के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है।</p>
<p>वह पूरी लगन से आम आदमी पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का काम करेंगे। एडवोकेट चंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा कर रही है और हर वर्ग पार्टी के कार्यों से संतुष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।</p>
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		<item>
		<title>राघव चड्ढा ने गिनाए नाम, कौन हैं वो 8 सांसद जो AAP छोड़कर BJP में जाएंगे?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:31:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[featured]]></category>
		<category><![CDATA[Raghav Chadha]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया साथ ही बीजेपी में विलय होने की घोषणा की. राघव चड्ढा ने अपने ही साथ ही आठ नाम और गिनाए जो बीजेपी में जाने वाले हैं. दिलचस्प है कि 15 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली</strong></p>
<p>राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया साथ ही बीजेपी में विलय होने की घोषणा की. राघव चड्ढा ने अपने ही साथ ही आठ नाम और गिनाए जो बीजेपी में जाने वाले हैं. दिलचस्प है कि 15 दिन पहले राघव चड्ढा को हटाकर जिन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया था, वह अशोक मित्तल भी अब बीजेपी में जा रहे हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>&#039;मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं&#039;</strong><br />
राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, &#039;मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।&nbsp;</p>
<p><strong>दो तिहाई से अधिक सांसद बीजेपी में हो रहे शामिल- राघव चड्ढा</strong><br />
इस दौरान उन्होंने 8 सांसदों के नाम गिनाए, जो अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. राघव चड्ढा ने बताया कि इस मर्जर, इस्तीफे आदि की कागजी कार्रवाई उन्होंने पूरी कर ली है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने बीजेपी में विलय का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसद हैं और इनमें से 2/3 से ज्यादा इस फैसले के साथ हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>भाजपा में कर लेंगे विलय</strong><br />
राघव चड्ढा ने राज्य सभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए भाजपा में विलय कर लेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वाति मालीवाल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल होंगी।&nbsp;</p>
<p><strong>&#039;गलत पार्टी में सही आदमी&#039;</strong><br />
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने अपने खून-पसीने से पार्टी को सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए। उनके अनुसार, पार्टी अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब देश या राष्ट्रीय हित के लिए काम नहीं कर रही है। बल्कि, यह व्यक्तिगत लाभ के लिए कार्य कर रही है। चड्ढा ने महसूस किया कि वह गलत पार्टी में सही आदमी हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>मेरा मकसद देश के लिए कुछ बड़ा करने का- संदीप पाठक</strong><br />
संदीप पाठक ने इस दौरान कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था ये स्थिति आएगी, और ये आ गई। मैं किसान परिवार से आया फिर पढ़ाई लिखाई की। मैं राजनीति में सिर्फ इस मकसद से आया कि देश के लिए कुछ बड़ा कर सकूं। देश सेवा के मकसद से ही आम आदमी पार्टी में जुड़ा था।&nbsp;</p>
<p><strong>कैसे बिगड़ी थी बात</strong><br />
दरअसल केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थी जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परिनीति के साथ लंदन में घूमते व मस्ती की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे थे। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे।<br />
&nbsp;राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे।&nbsp;</p>
<p>विपक्ष जहां इसे आप के अंदरूनी मतभेद का संकेत बता रहा है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और नए उपनेता डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने इसे एक सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया करार दिया है, जिसका मकसद अन्य सांसदों को भी जिम्मेदारी देना है।</p>
<p>राघव चड्ढा के मुताबिक, सभी सांसदों ने इस संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और इन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि तीन सांसद उनके साथ मौजूद हैं, जबकि अन्य में हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।&nbsp;</p>
<p><strong>1. स्वाति मालीवाल: जनवरी 2024 में निर्वाचित.<br />
2. अशोक कुमार मित्तल: पंजाब.<br />
3. संजीव अरोड़ा: पंजाब<br />
4. संदीप पाठक: पंजाब<br />
5. हरभजन सिंह: पंजाब<br />
6. बलबीर सिंह सीचेवाल: पंजाब<br />
7. विक्रमजीत सिंह साहनी: पंजाब</strong></p>
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