पंजाबराज्य

पंजाब चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस की नई रणनीति, जेन-जी वोटरों पर खास फोकस

 चंडीगढ़
 पंजाब निकाय चुनाव में इस बार कांग्रेस ने आप के कड़ी टक्कर देते हुए सीटों के मामले में दूसरा स्थान हासिल किया है। इन चुनावों को सभी पार्टी विधानसभा-2027 का सेमीफाइनल के तौर पर लेते हुए तैयारी में जुटी थी। पंजाब में युवाओं का वोट जीत-हार में काफी अहम भूमिका अदा करेगा।

सूबे में इस समय युवाओं के बीच बेरोजगारी, नशा, पेपर लीक और क्वालिटी एजुकेशन जैसे अहम मुद्दे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने युवाओं की नब्ज को टटोलते हुए युवा वोटर को लेकर खास मेनीफेस्ट तैयार करना शुरु कर दिया है। कांग्रेस की चुनावी टीम इस बार पहली बार वोटर और यूथ प्रोफेशनल पर खास तौर पर फोकस कर रही है।

विधानसभा चुनावों में जेन-जी का वोट हार जीत का फैसला करने में अहम भूमिका निभाएगा। पंजाब में इस समय युवाओं से जुड़े मुद्दे सबसे अधिक चर्चा में हैं।

विदेश भाग रहा पंजाब का यूथ
पंजाब का यूथ लगातार विदेश की ओर भाग रहा है, लेकिन वहां भी अब पंजाब के युवाओं को पहले जैसे मौके नहीं मिल पा रहे हैं। कांग्रेस की ओर से जेन-जी को लेकर जल्द ही खास जागरुकता अभियान चलाया जाएगा,जिसे लेकर पार्टी की ओर से जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए कांग्रेस का यूथ विंग खास तौर से अब कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर के वोटर पर फोकस कर रहा है।

2022 चुनावों से ली सीख
2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी ने भी यूथ वोटर के दम पर सरकार बनाई थी। पंजाब में इस समय बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। जिसे कांग्रेस आगामी चुनाव में भुनाने की कोशिश में है। मोहाली में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट में पहुंचा पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि कांग्रेस की ओर से एक प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है जिसमें युवाओं की भागदारी सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से भी युवाओं की समस्याओं को उठाने के साथ ही उनके समाधान को लेकर काम करने के लिए कहा गया है ,इसी दिशा में अब पंजाब कांग्रेस युवाओं तक पहुंचकर उनके सुझाव लेगी और उन्हें सरकार आने पर लागू करेगी। वडिंग ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में युवाओं की भागेदारी ही सबसे महत्वपूर्ण होगी और कांग्रेस हमेश से ही युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबध है।

पंजाब में बेरोजगारी राष्ट्रीय औसत से दोगुणा
पंजाब में बेरोजगारी का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से करीब दोगुणा है।15 से 29 वर्ष की उम्र में पंजाब में बेरोजगारी 17 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। जबिक राष्ट्रीय बेरोजगारी औसत का आंकड़ा 9.9 प्रतिशत है। प्रदेश में शिक्षित युवाओं को भे रोजगार नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण युवाओं को प्रदेश से बाहर ही नहीं विदेशों की तरफ बेहतर करियर के लिए जाना पड़ रहा है।

लेकिन वहां भी पंजाब के युवाओं को बेहतर रोजगार नहीं मिल पा रहे हैं। दूसरी तरफ पंजाब में लोगों के खर्च देश में औसत खर्च से अधिक हैं। सेकेंडरी एजुकेशन का ग्राफ पंजाब में 49 प्रतिशत है,जबिक देश में यह ग्राफ 42.4 प्रतिशत है। ग्रेजुएट का प्रतिशत पंजाब में 8.7 प्रतिशत जबकि राष्ट्रीय औसत 10.8 प्रतिशत है। पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर पंजाब में औसत 2.8 प्रतिशत जबकि राष्ट्रीय औसत 3.3 प्रतिशत है।

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