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जींस और डेनिम में क्या है फर्क? जानिए दोनों के नाम और इतिहास की दिलचस्प कहानी

आज शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसकी अलमारी में जींस न हो. बच्चे हों, युवा हों या बुजुर्ग, जींस हर उम्र के लोगों की पसंद बन चुकी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जींस को अक्सर डेनिम क्यों कहा जाता है? क्या जींस और डेनिम एक ही चीज हैं या दोनों में कोई फर्क है? बहुत कम लोग इसका सही जवाब जानते हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि डेनिम और जींस की कहानी क्या है.

क्या डेनिम और जींस एक ही चीज है?
सबसे पहले जानते हैं कि ज्यादातर लोग डेनिम और जींस को एक ही क्यों कहते हैं. आपको बता दें कि डेनिम एक तरह का मजबूत कपड़ा (फैब्रिक)होता है, जबकि जींस उस कपड़े से बनाई जाने वाली पैंट है. यानी हर जींस डेनिम से बन सकती है, लेकिन डेनिम से सिर्फ जींस ही नहीं, बल्कि जैकेट, शर्ट, स्कर्ट, बैग और कई दूसरे कपड़े भी बनाए जाते हैं.

आसान शब्दों में समझें तो डेनिम कपड़ा है और जींस उस कपड़े से तैयार किए गए ड्रेस या परिधान.

डेनिम नाम कहां से आया?
सबसे पहले ये जान लें कि डेनिम शब्द की शुरुआत फ्रांस से हुई थी. फ्रांस के एक शहर Nîmes (नीम) में एक खास तरह का मजबूत कपड़ा बनाया जाता था. फ्रेंच भाषा में इसे 'Serge de Nîmes' कहा जाता था, जिसका मतलब था 'नीम शहर का मजबूत कपड़ा'. समय के साथ 'De Nîmes' छोटा होकर 'Denim' बन गया और यही नाम पूरी दुनिया में मशहूर हो गया.

जींस नाम की कहानी क्या है?
जींस शब्द की कहानी भी यूरोप से जुड़ी है. इटली के जेनोआ शहर में नाविक मजबूत सूती पैंट पहनते थे. फ्रांस के लोग इस शहर को Genes कहते थे. धीरे-धीरे यही शब्द बदलकर Jeans बन गया. यानी डेनिम और जींस दोनों के नाम अलग-अलग यूरोपीय शहरों से आए हैं.

जींस सबसे पहले किसने बनाई?
19वीं सदी में अमेरिका में सोने की खदानों में काम करने वाले मजदूरों को ऐसे कपड़ों की जरूरत थी जो जल्दी फटे नहीं. साल 1873 में कारोबारी 'Levi Strauss' और दर्जी 'Jacob Davis' ने मिलकर मजबूत डेनिम कपड़े से ऐसी पैंट बनाई, जिसमें जेबों के किनारों पर तांबे के रिवेट लगाए गए थे ताकि पैंट ज्यादा मजबूत रहे. यहीं से आधुनिक जींस की शुरुआत मानी जाती है. शुरुआत में इसे मजदूर पहनते थे, लेकिन बाद में यह पूरी दुनिया का फैशन बन गई.

डेनिम इतना मजबूत क्यों होता है?
डेनिम की बुनाई सामान्य कपड़ों से अलग होती है. इसमें धागों को खास तरीके से बुना जाता है, जिसे ट्विल वीव (Twill Weave) कहा जाता है. इस वजह से डेनिम जल्दी नहीं फटता. यह लंबे समय तक चलता है. बार-बार पहनने पर भी मजबूत रहता है. समय के साथ इसका लुक और बेहतर लगने लगता है. इसी कारण यह मजदूरों के कपड़ों से निकलकर फैशन की दुनिया तक पहुंच गया.

नीला रंग ही क्यों होता है?
अगर आपने ध्यान दिया हो तो ज्यादातर जींस नीले रंग की होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि पहले डेनिम को इंडिगो नाम के प्राकृतिक रंग से रंगा जाता था. यह रंग कपड़े की ऊपरी सतह पर चढ़ता है और धीरे-धीरे इस्तेमाल के साथ हल्का होता जाता है. यही वजह है कि पुरानी जींस का फेडेड लुक लोगों को पसंद आता है.

क्या आज भी सिर्फ डेनिम से ही जींस बनती है?
आज के समय में ज्यादातर जींस डेनिम से ही बनाई जाती हैं, लेकिन उनमें आराम बढ़ाने के लिए इलास्टेन या दूसरे फाइबर भी मिलाए जाते हैं. इसके अलावा अब अलग-अलग तरह की डेनिम भी बाजार में उपलब्ध है, जैसे स्ट्रेच डेनिम, ऑर्गेनिक डेनिम, रिसाइकल्ड डेनिम, लाइटवेट डेनिम. डेनिम सिर्फ जींस तक सीमित नहीं है. आज इससे कई तरह के फैशन प्रोडक्ट बनाए जाते हैं. जैकेट, शर्ट, स्कर्ट, शॉर्ट्स, बैग, कैप, जूते, एप्रन आदि. यानी डेनिम एक कपड़ा है, जिससे कई तरह के प्रोडक्ट तैयार किए जा सकते हैं.

आज भी क्यों है सबसे ज्यादा लोकप्रिय?
जींस की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसकी मजबूती और आराम है. यह लगभग हर मौसम में पहनी जा सकती है और हर उम्र के लोगों पर अच्छी लगती है. आज ऑफिस, कॉलेज, ट्रैवल, पार्टी और रोजमर्रा की जिंदगी में जींस सबसे ज्यादा पहने जाने वाले कपड़ों में शामिल है. फैशन बदलता रहता है, लेकिन जींस का ट्रेंड कभी खत्म नहीं होता.

अगली बार जब कोई जींस को डेनिम कहे, तो आपको दोनों के बीच का फर्क पता होगा. डेनिम एक मजबूत कपड़ा है, जबकि जींस उसी कपड़े से बनी पैंट होती है. डेनिम का नाम फ्रांस के 'Nîmes' शहर से आया, जबकि जींस शब्द इटली के 'Genoa' शहर से जुड़ा है. यही वजह है कि दोनों शब्द साथ-साथ इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन दोनों का मतलब अलग है.

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