लाइफ्स्टाइल

सिक्स पैक से नहीं मिलती असली फिटनेस, विद्युत जामवाल ने बताए फिट रहने के सही मायने

फिटनेस का नाम आप हर दिन सुनते हैं। हर किसी को फिट रहना चाहिए, हर किसी को फिट दिखना चाहिए, लेकिन क्या कभी सोचा है कि फिट होने का असली मतलब क्या है। क्या पतला होना, जिम जाना, एब्स बना लेना, बाइसेप्स बना लेना फिटनेस पाना है? या फिर हम सभी एक झूठी फिटनेस के पीछे भाग रहे हैं, इसके बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है, तभी सच्ची फिटनेस पाई जा सकती है। फिटनेस का असली मतलब बॉलीवुड के सबसे फिट एक्टर में से एक विद्युत जामवाल ने कई बार बताया है। उनके अलग-अलग इंटरव्यू से लिए गए ये हेल्थ कोट्स आपके लिए प्रेरणास्त्रोत बन सकते हैं।

असली मकसद फिट होना है
एक इंटरव्यू में विद्युत जामवाल कहते हैं, 'दिल्ली एक फूड कैपिटल है, लेकिन अपनी भूख के चलते ओवरईट ना करें। मॉडरेशन बहुत आवश्यक है। अपने पेट को खिलाएं, ना कि आंखों को और याद रखें, असली मकसद फिट होना है, सिर्फ वजन कम करना नहीं।'
हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं

हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं
स्लिम-ट्रिम कल्चर के बारे में एक्टर कहते हैं, 'हर पार्टी में लोग एक दूसरे को बोलते हैं – वाह, तुम्हारा वजन कम हो गया है, तुम बहुत अच्छे दिख रहे हो। लेकिन फिटनेस का पतले होने से कोई लेना देना नहीं है और मोटा होना पाप नहीं है। फिटनेस का यह बदलता हुआ आइडिया काफी चिंताजनक है और हॉट व हैपनिंग होने के लिए हर किसी का पतला और टोन दिखने का ऑब्सेशन डिस्टर्ब करता है। फिटनेस का मतलब है कि आप अंदर से और मानसिक रूप से खुश हैं या नहीं। मैं ऐसे कुछ पुरुषों को जानता हूं, जो 8 पैक एब्स के साथ दुखी हैं। मैं उन्हें अनफिट मानता हूं।'

फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह
'हर किसी को फिटनेस को एक लाइफस्टाइल कमिटमेंट की तरह अपनाना चाहिए, ना कि केवल अस्थाई फैशन या फैड की तरह। अगर आपके सिक्स पैक हैं, लेकिन आपकी फिटनेस अच्छी नहीं है तो उन सिक्स पैक एब्स का कोई फायदा नहीं है।'

फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है
'मेरे लिए फिटनेस एक ह्यूमन ड्यूटी है। यह शरीर की हर कोशिका को जगाने और उसका इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी है। यह केवल डिसिप्लिन की बात नहीं है, यह अपने आप को एक बेहतरीन इंसान में बदलने के बारे में है, जो हरदम खुशहाल स्थिति में काम करने को तैयार रहता है। यह एक ऐसा रीबूट है, जिसके बाद आप और भी ज्यादा मजबूत होकर लौटते हैं।'

जब तोंद निकल आती है
'हम भारतीय बहुत खाते हैं। जब हमारी तोंद निकल आती है तो इससे हमारी पूरी बॉडी गिर जाती है। समझदारी से खाना फिट रहने में मदद करता है। इसलिए सुबह जब मैं ट्रेनिंग के लिए जाता हूं तो एक कटोरी म्यूस्ली खाकर जाता हूं।'

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button