मध्य प्रदेशराज्य

क्षमा मनुष्य का आभूषण है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्षमा मनुष्य का आभूषण है। बड़े मन का व्यक्ति ही क्षमा कर सकता है। क्षमा जहां अहंकार का निर्मूलन करती है, वहीं इससे जीने का आनंद और उत्साह भी बढ़ जाता है। आज क्षमावाणी का अवसर है। सरकार के मुखिया होने के नाते कई बार दायित्वों के निर्वहन के लिए कई लोगों के मन के विरुद्ध भी निर्णय करना पड़ता है। कभी कोई भूल-चूक होती है तो अंतरात्मा अहसास करवाती है और सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा परिसर में सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। परम पूज्य आचार्य 108 समयसागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, लघु, सूक्ष्म, मध्यम एवं उद्यम मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री  मोदी ने जियो और जीने दो के उदात्त भाव से दुनिया को दिखाया शांति का मार्ग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र के पावन मंदिर विधानसभा भवन में आचार्य  समयसागर जी महाराज पधारे हैं। यह संयोग है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी ने "जियो और जीने दो" के उदात्त भाव से दुनिया को शांति का मार्ग दिखाया है। अब रूस और यूक्रेन जैसे दोनों देश कहते हैं कि प्रधानमंत्री  मोदी ने हमें युद्ध के संकट से बाहर निकलने का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मछार ने अपने साहस से नागरिकों की जिंदगी बचाई और पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति से जुड़ा मानवता का संदेश दिया।

गौसेवा के संकल्प को पूरा कर रही है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की धरती पर सभी जीव निर्भय होकर, समान भाव और सहअस्तित्व के साथ जीवन जियें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने भोपाल के पास रातापानी अभयारण्य का नामकरण डॉ. विष्णु धर वाकणकर के नाम पर करते हुए टाइगर रिजर्व की स्थापना की। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के पास माधव नेशनल पार्क भी स्थापित किया गया है। बुधवार 7 अक्टूबर को सागर जिले में 2 चीतों को विमुक्त किया जा रहा है। एक समय एशिया से लुप्त हो चुके चीतों के रहवास का प्रदेश में यह तीसरा स्थल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौपालन को प्रोत्साहित करने, दूध उत्पादन बढ़ाने और गौसेवा के संकल्प को पूरा करने के लिए गत अक्टूबर को राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन में देश में तीसरे से पहले स्थान पर ले जाने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं।

अहिंसा ही सुख-शांति का आधार

परम पूज्य आचार्य  108 समयसागर जी महाराज ने कहा कि अहिंसा किसी व्यक्ति विशेष का धर्म नहीं, अपितु सुख-शांति का आधार है। धर्म की उपासना किए बिना कोई भी व्यक्ति शांतिपूर्वक जीवन निर्वहन नहीं कर सकता। सम्पूर्ण जीव जगत के संरक्षण, करूणा, दया और अनुकम्पा के भाव के बिना विश्व में शांति नहीं रह सकती। समाज में अहिंसा का भाव बढ़े, इस दिशा में सभी स्तर पर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि क्रोधरूपी अग्नि को क्षमा से ही शांत किया जा सकता है। भारत में क्षमा मांगने की परम्परा लंबे समय से रही है, इसी संदर्भ में क्षमा को वीरस्य भूषणम माना गया है। आत्मानुशासन के बिना हम सक्षम नहीं हो सकते। विवेकपूर्ण जीवन यापन से ही उन्नति संभव है। उन्होंने कहा कि गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में विशेष प्रयास आवश्यक हैं।

आचार्य  समय सागर जी महाराज के पदार्पण से विधानसभा परिसर हुआ है गौरवान्वित

विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि पूज्य आचार्य  समयसागर जी महाराज के पदार्पण से विधानसभा परिसर गौरवान्वित हुआ है। आचार्य  गौसेवा को विशेष महत्व देते हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश में जिस तरह गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है, वह प्रशंसनीय है। विधानसभा अध्यक्ष  तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार आचार्य  के संकल्पों को क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में हम अहिंसा और शांति के रास्ते पर चलते हुए भारत को फिर विश्वगुरू बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। संतों की महिमा है कि दुनिया का कोई भी देश हमारे आध्यात्म की अनदेखी नहीं कर पाता, यह हमारे लिए गर्व का विषय है। भारत युद्ध नहीं, सदैव शांति के पक्ष में रहा है। आचार्य  समयसागर जी महाराज से प्रदेशवासियों को सकारात्मकता, देश भक्ति के संस्कार और देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता का आशीर्वाद प्रदान करने की विनती की। उन्होंने कहा कि आचार्य  के आशीर्वाद से हम लोकतंत्र को सशक्त करते हुए अपने वर्तमान लोक को बेहतर बनाएंगे और विश्व को भी इससे लाभान्वित करेंगे।

क्षमा मांगने का भाव जैन पंथ में रखता है विशेष महत्व

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री  चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि क्षमा मांगने का भाव जैन पंथ में विशेष महत्व रखता है। पंथ के हजारों आचार्य और विद्वानगण भारत सहित सम्पूर्ण विश्व में जैन सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व मंत्रीगण  जयंत मलैया और  अजय विश्नोई, मप्र गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन,  राहुल कोठारी तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

 

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