राज्यहरियाणा

मोहाली के 12 हाउसिंग प्रोजेक्ट ED और IT के रडार पर, निवेशकों की बढ़ी चिंता

चंडीगढ़
 मोहाली के एक दर्जन हाउसिंग प्रोजेक्ट विवादों में फंस गए है। इन हाउसिंग प्रोजेक्टों पर ईडी और आईटी विभाग ने अपना शिकंजा कस दिया है। इन प्रोजेक्टों के सीएलयू का रिकॉर्ड ईडी खंगाल रही है। इनमें से अधिकांश प्रोजेक्ट वह है जिनमें निवेशकों को अभी अपने फ्लैट और प्लॉट का कब्जा नहीं मिला है। गड़बड़ियों के चलते इन प्रोजेक्ट जय सीएलयू पर तलवार लटक गई है।

जिन प्रोजेक्टों पर संकट छाया हुआ है उनमें से अधिकांश न्यू चंडीगढ़ के है। उसके अतिरिक्त तीन प्रोजेक्ट जीरकपुर के भी है। ईडी ने गमाडा से पिछले 5 साल के दौरान हुए सभी सीएलयू का रिकॉर्ड मांगा था। इनमें से अधिकांश वह प्रोजेक्ट है जो आयकर विभाग और ईडी के निशाने पर पहले से ही है। ईडी के पास इन सभी विवादित प्रोजेक्टों की फाइलें भी पहुंच गई है।

निवेशक संकट में
प्रोजेक्टों पर शिकंजे का सबसे अधिक असर निवेशकों पर पड़ रहा है। इनमें से कई प्रोजेक्ट ऐसे है जिन्हें शुरू हुए 5 साल से अधिक समय हो गया है लेकिन अभी तक निवेशकों को अपने फ्लैट और प्लॉट का जाबा नहीं मिला है। जीरकपुर में जीबीपी ग्रुप के प्रमोटर पहले ही भाग चुके है अब सुषमा इंफ्रा के निवेशक इधर उधर भटक रहे है।

न्यू चंडीगढ़ के कई बिल्डरों की जांच चल रही है। इनमें से अधिकांश ईडी के निशाने पर है। इनमें से कई आईटी विभाग और जीएसटी विभाग के निशाने पर भी है। रियलिटी प्रोमो के प्रमुख मनोज नेगी जय अनुसार निवेशकों को ऐसे प्रोजेक्ट में निवेश से बचना चाहिए जो विवादों में हो। निवेश वहीं करें जहां प्रॉपर्टी का कब्जा पेमेंट के साथ मिल जाए

रेड के बाद लॉन्चिंग
खरड़ के एक बिल्डर के ऑफिस और घर पर पर कुछ समय पहले आईटी विभाग की रेड हुई थी। अब यह बिल्डर लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट लेकर आया है। इस प्रोजेक्ट में तीन से चार करोड़ के फ्लैट का दावा किया जा रहा है। इस बिल्डर का सीएलयू भी जांच के दायरे में है। विशेषज्ञों के अनुसार जांच के दायरे में आए इन प्रोजेक्टों पर निवेश से बच जाना चाहिए।

मोहाली के एक दर्जन से अधिक प्रोजेक्टों के विवादों में फंसने के बाद प्रॉपर्टी मार्केट में आ रहा बूम थम गया है। इसका असर चंडीगढ़ में भी देखने को मिला है। चंडीगढ़ में रिहायशी प्लाटों की नीलामी फेल हो गई। तीन महीने पहले एक कनाल का प्लॉट 23 करोड़ में बिक था लेकिन अब वह प्लॉट 18 करोड़ में बिका। जीरकपुर और मोहाली में कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े है

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button