हरभजन की खास रणनीति, वैभव को रोकने के लिए हर गेंद पर करो हमला

नई दिल्ली
पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने इसका जवाब अपने अंदाज में दिया है. उनका मानना है कि वैभव के खिलाफ बचाव की रणनीति काम नहीं करेगी. उसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका है- उस पर हमला करो और हर गेंद पर विकेट लेने की कोशिश करो.
‘मैं वैभव के हिसाब से फील्ड नहीं लगाऊंगा’
हरभजन सिंह पीटीआई से एक इंटरव्यू में कहा कि अगर वह वैभव को गेंदबाजी कर रहे होते तो उनकी बल्लेबाजी को देखकर अपनी फील्ड नहीं सजाते. वह अपनी गेंदबाजी के हिसाब से फील्ड सेट करते और लगातार विकेट लेने की कोशिश करते.
उन्होंने कहा, 'मैं उसके खेलने के तरीके के हिसाब से फील्ड सेट नहीं करूंगा, बल्कि अपनी गेंदबाजी के हिसाब से फील्ड सजाऊंगा. मैं उसे आउट करने की कोशिश से पीछे नहीं हटूंगा.'
भज्जी के मुताबिक, वैभव जैसे बल्लेबाज के सामने गेंदबाज अगर सिर्फ रन बचाने की कोशिश करेगा तो वह खुद दबाव में आ जाएगा. इसलिए उसके खिलाफ आक्रामक रवैया ही सबसे बेहतर विकल्प है.
उन्होंने कहा, 'अगर मैं बचने के लिए गेंदबाजी करूंगा, तो ऐसा नहीं कर पाऊंगा. उसके खिलाफ टिके रहने का एकमात्र तरीका है कि उस पर आक्रमण किया जाए. आप उस पर हमला करें और उसका विकेट लेने की कोशिश करें.'
'… लेकिन अगली गेंद पर फिर हमला करो’
हरभजन जानते हैं कि वैभव के खिलाफ आक्रामक गेंदबाजी का मतलब यह भी हो सकता है कि गेंदबाज को नुकसान उठाना पड़े. युवा बल्लेबाज एक खराब गेंद को भी स्टैंड्स में भेजने की क्षमता रखता है. लेकिन भज्जी के मुताबिक इससे गेंदबाज की रणनीति नहीं बदलनी चाहिए.
उन्होंने कहा, 'आपको सफलता मिल सकती है, नहीं भी मिल सकती. यह सिर्फ समय की बात है.आपको हमेशा सफलता नहीं मिलती. कभी-कभी वह आपको बुरी तरह पीट भी सकता है. वह छक्के भी लगा सकता है. लेकिन यह खेल का हिस्सा है.'
यानी वैभव अगर एक गेंद पर छक्का लगा भी दे, तो गेंदबाज को अगली गेंद पर अपनी योजना से पीछे नहीं हटना चाहिए. हरभजन के लिए असली चुनौती यही है कि बल्लेबाज की ताकत से घबराए बिना उसे आउट करने का प्रयास जारी रखा जाए.
भज्जी ने माना, 'आपको स्वीकार करना होगा कि वह अच्छा खिलाड़ी है. फिर भी, अगली गेंद के बारे में यही सोचना चाहिए कि उसे आउट कैसे करना है.'
ऐसा खिलाड़ी मैंने पहले नहीं देखा
हरभजन सिंह ने सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ नहीं की, बल्कि उनकी कम उम्र में हासिल की गई उपलब्धियों को भी असाधारण बताया. उनका मानना है कि 14-15 साल की उम्र में दुनिया के शीर्ष स्तर पर इस तरह का प्रभाव डालना बेहद दुर्लभ है.
उन्होंने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी अद्भुत हैं. वह एक अनोखे खिलाड़ी हैं. मुझे लगता है कि मैंने इससे पहले ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा, जो 14-15 साल की उम्र में दुनिया पर अपना दबदबा बना सके.'
वैभव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह बड़े नामों से प्रभावित नजर नहीं आते. दुनिया के शीर्ष गेंदबाजों के सामने भी उनका रवैया आक्रामक रहता है. हरभजन ने इसी बात को रेखांकित करते हुए कहा कि वैभव के सामने गेंदबाजी करते समय बड़े गेंदबाज भी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आखिर गेंद कहां डाली जाए.
‘दुनिया के टॉप गेंदबाज सोच रहे हैं कि गेंद कहां डालें’
हरभजन के मुताबिक, किसी 15 साल के बल्लेबाज के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या होगी कि दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उसके सामने गेंद डालने से पहले रणनीति बनाने को मजबूर हों.
उन्होंने कहा, 'जब दुनिया के शीर्ष गेंदबाज उन्हें गेंदबाजी कर रहे होते हैं, तब वे वास्तव में सोच रहे होते हैं कि गेंद कहां डालें. यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है.'
यही वजह है कि हरभजन वैभव को सिर्फ उनकी उम्र के नजरिए से देखने के खिलाफ हैं. उनके मुताबिक, उम्र भले ही 15 साल हो, लेकिन मैदान पर उनकी क्षमता को उसी स्तर पर आंकना चाहिए जो वह प्रदर्शन से साबित कर रहे हैं.
हरभजन ने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी यह संदेश देते हैं कि 15 साल का बच्चा भी ऐसा कर सकता है. उसे बच्चा मत समझिए. एक बच्चा वह कर सकता है, जो बड़े नहीं कर पाते.'
उम्र छोटी, चुनौती बड़ी
वैभव सूर्यवंशी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि क्रिकेट की दुनिया में जिस उम्र में खिलाड़ी बुनियादी स्तर पर खुद को तैयार कर रहे होते हैं, उसी उम्र में वैभव बड़े मंच पर अपनी पहचान बना चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी का अंदाज गेंदबाजों को शुरुआत से ही दबाव में डाल देता है.
हरभजन सिंह की बात का सार भी यही है- वैभव को बच्चा समझकर गेंदबाजी मत करो. उसे एक खतरनाक बल्लेबाज मानो, उस पर हमला करो और हर अगली गेंद पर उसका विकेट लेने की कोशिश करो. क्योंकि अगर गेंदबाज सिर्फ वैभव से बचने की कोशिश करेगा, तो शायद वही उसके खिलाफ सबसे बड़ी गलती होगी.'



