बिहार/झारखंडराज्य

बिहार में इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक का बदला दौर, प्लेसमेंट 12 गुना बढ़ा, नामांकन 98% तक पहुंचा

 पटना
 बिहार के सरकारी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पिछले पांच वर्षों में प्लेसमेंट और नामांकन दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2020-21 से 2025-26 के बीच प्लेसमेंट पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 1700 से बढ़कर 20477 हो गई।

पांच साल में प्लेसमेंट ने लगाई बड़ी छलांग
2020-21 में पालिटेक्निक के 1002 और इंजीनियरिंग के 698 विद्यार्थियों समेत कुल 1700 छात्रों का प्लेसमेंट हुआ था। 2021-22 में यह संख्या बढ़कर 4681 और 2022-23 में 4944 पहुंच गई। इसके बाद 2023-24 में 8197 और 2024-25 में 11178 विद्यार्थियों को रोजगार मिला।

2025-26 में 20 हजार से ज्यादा को रोजगार
प्लेसमेंट के आंकड़ों में सबसे बड़ी छलांग 2025-26 में देखने को मिली। इस वर्ष कुल 20477 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हुआ।

यानी पांच वर्षों में रोजगार पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 12 गुना बढ़ गई। विभाग इसे तकनीकी शिक्षा में रोजगारपरक बदलाव का अहम संकेत मान रहा है।

इंजीनियरिंग में 94% से ज्यादा नामांकन
प्लेसमेंट के साथ तकनीकी संस्थानों में विद्यार्थियों का रुझान भी बढ़ा है। इंजीनियरिंग में नामांकन दर 2022-23 में 65.86 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में 72.71, 2024-25 में 81.33 और 2025-26 में 81.52 प्रतिशत हुई। 2026-27 में यह बढ़कर 94.39 प्रतिशत पहुंच गई।

पॉलिटेक्निक में भी रिकॉर्ड नामांकन
पॉलिटेक्निक संस्थानों में नामांकन दर 2022-23 में 84.37 प्रतिशत थी। 2023-24 में यह 84.20 और 2024-25 में 82.40 प्रतिशत रही। इसके बाद 2025-26 में नामांकन 93.60 प्रतिशत और 2026-27 में 98.08 प्रतिशत तक पहुंच गया।

38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में 14331 दाखिले
वर्तमान सत्र में 38 इंजीनियरिंग महाविद्यालयों की कुल 15183 बीटेक सीटों में से 14331 सीटों पर नामांकन हुआ है। वहीं 46 पालिटेक्निक संस्थानों की 17227 सीटों में से 16897 सीटों पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिला हुआ है।

सिर्फ 10 रुपये सालाना फीस में इंजीनियरिंग
विभाग के अनुसार सरकारी संस्थानों में बेहद कम शुल्क भी विद्यार्थियों के बढ़ते भरोसे की एक वजह है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई का वार्षिक शुल्क महज 10 रुपये और पालिटेक्निक का शुल्क पांच रुपये है। आधुनिक पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और सेंटर आफ एक्सीलेंस से रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

आधुनिक पढ़ाई से बढ़े रोजगार के मौके
विभाग रोजगारपरक आधुनिक पाठ्यक्रमों को तेजी से लागू कर रहा है। शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण में सुधार, आधुनिक प्रयोगशालाओं और सेंटर आफ एक्सीलेंस की सुविधा से विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। बीटेक में छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण भी है।

    मंत्री बोलीं- शिक्षा को रोजगार और नवाचार से जोड़ना लक्ष्य
    सरकार का उद्देश्य सिर्फ विद्यार्थियों को तकनीकी संस्थानों में प्रवेश दिलाना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसी शिक्षा देना है, जो ज्ञान, कौशल, रोजगार और नवाचार से जुड़ी हो। लगभग 98 प्रतिशत नामांकन, बढ़ते प्लेसमेंट, एनबीए मान्यता, आधुनिक प्रयोगशालाएं, उभरते पाठ्यक्रम और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां इस दिशा में हो रहे बदलाव को दर्शाती हैं
    शीला कुमारी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी मंत्री

वर्षवार प्लेसमेंट के आंकड़े
2020-21     1700
2021-22     4681
2022-23     4,944
2023-24     8197
2024-25     11178
2025-26     20477

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