हरियाणा

CM Nayab Singh Saini ने Gurdwara Shri Nada Sahib में माथा टेका, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए की अरदास

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला स्थित गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब में पहुंचकर श्रद्धा और आदर भाव से माथा टेका। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ मिलकर पवित्र अरदास की और प्रदेश तथा देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब के दर्शन हमेशा ही अलौकिक अनुभव कराते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा –

श्रद्धा एवं आदर भाव के साथ गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब जी के दर्शन सदैव अलौकिक होते हैं। आज पंचकूला स्थित इस ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में संगत के साथ माथा टेका एवं पवित्र दिव्यता का अनुभव किया। सच्चे पातशाह वाहेगुरु जी की कृपा समस्त देश-प्रदेशवासियों पर बनी रहे एवं सभी का भला हो ऐसी अरदास की।

इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट किया गया। इसे स्वीकार करते हुए सैनी ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत पावन और ऊर्जादायी है।

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब, पंचकूला का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में संगत माथा टेकने पहुंचती है। माना जाता है कि यह स्थान गुरु गोबिंद सिंह जी की तपस्या और आशीर्वाद से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि यह गुरुद्वारा सिख श्रद्धालुओं के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।

मुख्यमंत्री के इस दौरे का उद्देश्य न केवल धार्मिक श्रद्धा प्रकट करना था, बल्कि प्रदेश में भाईचारे और सद्भावना का संदेश देना भी रहा।

पहले भी कर चुके हैं माथा टेक

इससे पहले 6 जनवरी 2025 को गुरु गोबिंद सिंह जी की 358वीं जयंती (प्रकाशोत्सव) पर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब पहुंचे थे। उस समय भी उन्होंने माथा टेका था और उन्हें संगत की ओर से सरोपा भेंट किया गया था। उन्होंने उस मौके पर कहा था कि सिख गुरुओं के उपदेश समाज को समानता, भाईचारे और न्याय की राह दिखाते हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार, जिसे उन्होंने डबल-इंजन सरकार बताया (केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास), सिख गुरुओं की शिक्षाओं और आदर्शों से प्रेरणा लेती है। उनका मानना है कि यही प्रेरणा हरियाणा को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करना और उनके धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने प्रदेश में धार्मिक सौहार्द, शांति और एकजुटता का संदेश भी दिया। गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब में संगत के साथ की गई अरदास और वाहेगुरु जी से प्रदेशवासियों की खुशहाली की प्रार्थना ने इस मौके को और भी खास बना दिया।

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