पंजाबराज्य

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से जनता पर डबल मार, पंजाब में 3 रुपये बढ़े दाम

चंडीगढ़ 
पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम तीन-तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी का भार अब ग्राहकों के कंधों पर आ गया है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बहुत बड़ा इजाफा कर दिया है। यह भारी बढ़ोतरी लाखों वाहन चालकों और आम जनता के लिए एक बहुत ही बड़ा झटका है। आज की बढ़ोतरी के बाद लुधियाना में पेट्रोल की कीमत अब 101.25 रुपये हो गया है। वहीं प्रीमियम का दाम 110.63 रुपये हो गया है। वहीं पटियाला में अब पेट्रोल 101.3 रुपये में मिलेगा। पटियाला में डीजल का दाम 90.80 रुपये पहुंच गया है। 

चंडीगढ़ में भी पेट्रोल के दाम ₹94.30 से बढ़कर अब ₹97.44 और डीजल ₹82.45 प्रति लीटर से बढ़कर ₹85.56 प्रति लीटर हो गए हैं।

उधर, पेट्रोल पंप एसोसिएशन का कहना है कि फ्यूल के दामों में अभी और इजाफा हो सकता है। पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढ़ना माना जा रहा है।

अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…

डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिए:

मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।

खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।

बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

पेट्रोल एसोसिएशन के प्रधान बोले- अभी और बढ़ेंगे दाम
लुधियाना पेट्रोल एसोसिएशन के प्रधान अशोक सचदेवा ने कहा कि तेल की कीमतें कच्चे तेल की महंगाई के हिसाब से अभी काफी कम बढ़े हैं। लोग भी प्रिपेयर थे कि इतना तो रेट बढ़ेगा ही। लोगों को अपने वाहनों का उतना ही इस्तेमाल करना चाहिए जितनी जरूरत हो। आने वाले दिनों में कीमत और भी बढ़ सकती है। 

पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था।

पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।

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