राज्यहरियाणा

हरियाणा निकाय चुनाव में बड़ा बदलाव: NOTA बेअसर, दूसरे नंबर का उम्मीदवार भी बन सकता है विजेता

चंडीगढ़.

स्थानीय निकायों के चुनाव में अगर नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) सर्वाधिक वोट लेता है तो भी जीत नहीं पाएगा। ऐसी स्थिति में दूसरे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशी को विजेता घोषित कर दिया जाएगा। नवंबर 2018 में जारी व्यवस्था को राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने निरस्त कर दिया है।

निकाय चुनाव में पिछली बार की तरह ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) पर सबसे अंत में नोटा का बटन रहेगा। लेकिन नोटा के पास इस बार चुनाव रद कराने की क्षमता नहीं होगी। राज्य चुनाव आयुक्त देवेन्द्र सिंह कल्याण ने विगत 7 अप्रैल को नया आदेश जारी कर 2018 में तत्कालीन राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दलीप सिंह द्वारा जारी पिछले आदेश को निरस्त कर दिया है। तब व्यवस्था की गई थी कि चुनावों में नोटा को कल्पित चुनावी प्रत्याशी माना जाएगा और उसके पक्ष में पड़े सभी वोट को रिकार्ड पर लिया जाएगा।

अगर नोटा के पक्ष में डाले गए वोट अन्य प्रत्याशियों से अधिक हैं तो किसी भी प्रत्याशी को उस वार्ड से निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा। आयोग द्वारा उस चुनावी क्षेत्र में वह चुनाव रद कर दोबारा चुनाव करवाया जाएगा जिसमें पिछला चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को शामिल होने नहीं दिया जाएगा। यानी कि केवल नए प्रत्याशी ही चुनाव लड़ सकते थे। हालांकि दूसरी बार के चुनाव में भी नोटा को सर्वाधिक वोट मिलने की स्थिति में दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विजयी घोषित करने की व्यवस्था की गई थी।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब अगर किसी स्थानीय चुनाव में नोटा को सर्वाधिक वोट मिलते हैं, तो भी चुनाव रद नहीं होगा। नोटा के बाद दूसरे नंबर पर सर्वाधिक वोट लेने वाले उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। नोटा को डाले गए वोटों को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों द्वारा जमानत राशि बचाने के लिए जरूरी न्यूनतम 12.5 प्रतिशत वोटों की गणना में भी शामिल नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच द्वारा सितंबर 2013 में दिए गए एक निर्णय पीयूसीएल बनाम भारत सरकार में चुनावों में नोटा के विकल्प का प्रविधान डालने बारे भारतीय चुनाव आयोग को निर्देश तो दिया था, परंतु उसमें ऐसा कुछ नही था जैसा कि हरियाणा निर्वाचन आयोग ने नवंबर 2018 से व्यवस्था लागू कर रखी थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button