मोगा की ऐतिहासिक रैली ने नशों के विरुद्ध पंजाब की ‘जंग’ का दूसरा पड़ाव शुरू, विपक्षी पार्टियां अपनी ‘राजनीतिक दुकानें’ बंद होने के डर से घबराईं: Kuldeep Singh

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक Kuldeep Singh Dhaliwal ने मोगा में विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में उमड़ी भारी भीड़ को एक ऐतिहासिक पल बताते हुए कहा कि यह नशों के खिलाफ पंजाब की चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि जनता की व्यापक भागीदारी राज्य को ड्रग्स के खतरे से मुक्त करने के लिए लोगों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के मिले ठोस नतीजे
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धालीवाल ने बताया कि Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने पिछले वर्ष मार्च में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था, जिसके पूरे राज्य में सकारात्मक और ठोस परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े नशा तस्करों की गिरफ्तारी, एफआईआर दर्ज करना और उनके नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की गई है। इसके साथ-साथ हजारों गांवों में जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को नशों के खिलाफ एकजुट किया गया।
हर गांव में वीडीसी: अभियान की रीढ़
अभियान के संरचनात्मक फैसलों पर रोशनी डालते हुए धालीवाल ने कहा कि सबसे अहम कदम हर गांव, शहर और वार्ड में 10-सदस्यीय विलेज डिफेंस कमेटियों का गठन है।
इन कमेटियों ने नशों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने के साथ-साथ नशा तस्करी में शामिल तत्वों के बारे में पंजाब पुलिस और जिला प्रशासन को भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
यह तीनतरफा लड़ाई है
धालीवाल ने स्पष्ट किया कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “यह जंग न तो अकेले पुलिस जीत सकती है, न अकेला प्रशासन और न ही अकेले लोग। यह वीडीसी, पुलिस और प्रशासन की साझा लड़ाई है।”
दूसरे चरण की शुरुआत, जनता जाग चुकी है
मोगा समारोह को नशा-विरोधी मुहिम के दूसरे चरण की शुरुआत बताते हुए धालीवाल ने कहा कि हजारों वीडीसी सदस्यों की मौजूदगी से साफ है कि लोग नशों के खिलाफ खड़े हो चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ‘आप’ की रैली नहीं, बल्कि वीडीसी का जनसमागम था—इसी कारण राज्य के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
विपक्ष पर निशाना, जवाबदेही की मांग
विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए धालीवाल ने कहा कि इस स्तर की जनभागीदारी देखकर विरोधी नेता घबरा गए हैं और इसलिए बेबुनियाद बयान दे रहे हैं।
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस को चुनौती देते हुए सवाल किया कि अपने-अपने शासनकाल में उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की? क्या कभी बड़े तस्करों को जेल भेजा गया या उनकी संपत्तियां ध्वस्त की गईं?
ज़मीनी असर: 40 किलो हेरोइन की बरामदगी
अभियान के प्रभाव का उदाहरण देते हुए धालीवाल ने बताया कि हाल ही में एक सरपंच को 10 लाख रुपये के इनाम से सम्मानित किया गया, क्योंकि उसकी वीडीसी की सूचना पर 40 किलो हेरोइन बरामद हुई।
उन्होंने कहा कि इस तरह के साहसिक और प्रभावी प्रयासों में शामिल अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया है और सरकार आगे भी ऐसी कोशिशों की सराहना करती रहेगी।
वीडीसी सदस्यों से अपील
अंत में, धालीवाल ने सभी वीडीसी सदस्यों को उनकी वचनबद्धता के लिए बधाई दी और अपील की कि जब तक पंजाब से नशा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक वे एकजुट और डटे रहें।
निष्कर्ष:
मोगा का यह आयोजन ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के लिए एक निर्णायक क्षण के रूप में उभरा है, जिसने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की भागीदारी से पंजाब को नशा-मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।




