छत्तीसगढ़राज्य

सड़क नहीं तो हेलीकॉप्टर दो! सुकमा गांव वालों की अमित शाह से अनोखी मांग

सुकमा 
केंद्र सरकार ने दावा किया था कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म कर दिया जाएगा और छत्तीसगढ़ के दूरदराज के इलाकों में विकास ही विकास शुरू हो जाएगा। यहां नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन के लगभग 2 महीने बीत चुके हैं। अब छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एक गांव से लोगों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एक अजीब मांग कर दी है। गांव के लोगों का कहना है कि या तो हमारे लिए सड़क बनवा दें, और अगर सड़क नहीं बनवा सकते हैं तो हमारे लिए गांव में ही हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाए।

मामला छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के मारुकी गांव का है। यहां सालों से चली आ रही सड़कों की बदहाल व्यवस्था को लेकर अपनी पीड़ा दिखाते हुए स्थानीय लोगों ने ये तरीका अपनाया है। गांव के लोगों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मांग की है कि उनके गांव को जोड़ने वाली सड़क के प्रोजेक्ट का काम पूरा करवाया जाए। अगर वो ऐसा नहीं कर पाते हैं तो गांव के लोगों की मेडिकल इमरजेंसी के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करवाई जाए।

क्या बोले सरपंच
इस मामले पर बात करते हुए मारुकी गांव के सरपंच ने कहा कि उनके गांव की सड़क बनवाने के लिए 10 सालों से प्रयास कर रहे हैं। सरपंच ने बताया कि गांव की सड़क बनवाने के लिए गांव के लोगों ने बताया कि सड़क बनवाने के लिए उन्होंने स्थानीय अधिकारियों, जिले के अधिकारियों और यहां तक कि कलेक्टर ऑफिस तक मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सड़क को बनाने का टेंडर 10 साल पहले शुरू किया गया था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है।

राशन लाने के लिए खर्च करने पड़ते हैं 100 रुपए
इस मामले पर बात करते हुए स्थानीय ने बताया कि सरकार द्वारा दिया जाने वाला राशन लाने के लिए भी उन्हें पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि राशन लाने के लिए उन्हें ट्रैक्टर से जाना पड़ता है। ट्रैक्टर वाला उनसे 100 रुपए किराया ले लेता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार उन्हें फ्री में राशन दे रही है, लेकिन सड़क खराब होने की वजह से उन्हें ट्रैक्टर का किराया खर्च जाना पड़ता है। अब गांव के लोगों ने यहां सड़क बनाने के लिए अमित शाह को पत्र लिखा है।

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