पंजाबराज्य

VHP नेता का CJP आंदोलन पर बड़ा दावा, बोले- जंतर-मंतर पर ‘Gen-Z’ नहीं; पंजाब में धर्मांतरण को लेकर भी उठाए सवाल

चंडीगढ़ 
पठानकोट पहुंचे VHP के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि विदेशी फंडिंग के जरिए धर्मांतरण कराया जा रहा है। पठानकोट में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने पंजाब में धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कई बड़े दावे किए। छात्रों के जंतर-मंतर के आंदोलनों का जिक्र करते हुए। 

परांडे ने कहा कि ऐसे लोगों की मौजूदगी वाले आंदोलन को छात्रों या ‘जेन-जी’ का आंदोलन बताना सही नहीं है। वहीं पंजाब के सिख समाज को लेकर उन्होंने विदेशी फंडिंग के जरिए कथित धर्मांतरण का मुद्दा उठाया।

उन्होंने दावा किया कि सिख समुदाय और गरीब वर्ग के लोगों को ईसाई बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने इसे पंजाब के साथ-साथ देश के लिए भी बड़ी चुनौती बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

मिलिंद परांडे ने कही ये बड़ी बातें…

    पंजाब में धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग: मिलिंद परांडे ने कहा कि पंजाब में विदेशी धन के जरिए सिख समुदाय और गरीब वर्ग के लोगों को कथित तौर पर छल-कपट से ईसाई बनाने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने इसे पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चुनौती बताया।

    संशोधित FCRA कानून की जरूरत: उन्होंने कहा कि अवैध विदेशी फंडिंग के जरिए होने वाले कथित धर्मांतरण पर रोक लगाने में केंद्र सरकार का संशोधित फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) प्रभावी साबित होगा।

    सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता: परांडे ने बांग्लादेशी और म्यांमार के अवैध घुसपैठियों, ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में हिंदू आबादी के संतुलन पर असर पड़ रहा है। उन्होंने पठानकोट और पंजाब के लोगों से सतर्क रहने की अपील की।

    बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का प्रभाव: मिलिंद परांडे ने कहा कि 2006 में बजरंग दल द्वारा शुरू की गई इस यात्रा से पुंछ जिले में हिंदुओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, जिससे वहां हिंदू आबादी 7% से बढ़कर 10% हुई है। उन्होंने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद सीमावर्ती इलाकों में सड़कों का निर्माण, अर्थव्यवस्था में सुधार और सुरक्षा स्थिति में व्यापक मजबूती आई है।

    जंतर-मंतर आंदोलन में हिस्ट्रीशीटर शामिल हुए: उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के आंदोलन में करीब 2,800 हिस्ट्रीशीटर, 60 हत्यारे और 100 से अधिक बलात्कारी शामिल थे; ऐसे अपराधियों की भीड़ को छात्रों या 'जेन-जी' (Gen-Z) का प्रतिनिधित्व नहीं कहा जा सकता।

    धार्मिक यात्राओं में देश का असली युवा: उन्होंने कहा कि भारत का असली युवा जंतर-मंतर के आंदोलनों में नहीं, बल्कि वैष्णो देवी, बूढ़ा अमरनाथ, कांवड़ यात्रा, अयप्पा मंदिर और स्वर्ण मंदिर में श्रद्धा के साथ दर्शन करने पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण ही भारत का विभाजन और लाखों लोगों का विस्थापन हुआ था; वैसी परिस्थितियां दोबारा न बनें, इसके लिए हर देशभक्त नागरिक को सजग रहना होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button