पंजाब

जालंधर के केएमवी सहित दो और स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुबह 9:38 पर मिला ई-मेल, पुलिस तैनात

जालंधर शहर के केएमवी संस्कृति सहित दो और स्कूलों को भी सोमवार सुबह 9:38 बजे धमकी मिली है। केएमवी के अलावा आईवी वर्ल्ड और सेंट जोसेफ स्कूलों को भी सुबह ईमेल रिसीव हुआ है। स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी के बाद जिला प्रबंधन ने आदेश कर सभी छात्रों की छुट्टी कर घर भेजना को कहा है।

बताया जा रहा है कि बच्चों और अभिभावकों में घबराहट न फैले, इसके लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को मोबाइल मैसेज भेजा गया, जिसमें कहा गया कि स्कूल की इमारत में शॉर्ट सर्किट की स्थिति बनी है, इसलिए बच्चों को घर ले जाया जाए। इसी मैसेज के आधार पर बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जा रहे हैं।

धमकी की सूचना जिला प्रशासन को मिलते ही स्कूल में पुलिस बल की बड़ी तैनाती कर दी गई। थाना नंबर आठ के प्रभारी और एडीएसपी रैंक के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्कूल परिसर की गहन जांच शुरू कर दी गई। एहतियातन पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

जालंधर केएमवी संस्कृति स्कूल में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पैनिक की जरूरत नहीं, बच्चे सुरक्षित

स्कूल प्रिंसिपल रचना मोंगा ने कहा कि पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है। सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि अभिभावकों को सूचना देकर बच्चों को घर भेजा जा रहा है और वह स्वयं पुलिस कमिश्नर के संपर्क में हैं।

वहीं, अभिभावक शशि शर्मा और पंकज कपूर ने बताया कि उन्हें स्कूल की ओर से मोबाइल पर मैसेज मिला था, जिसमें कहा गया कि स्कूल की इमारत में करंट आने की वजह से बच्चों को वापस ले जाना है। बाद में उन्हें स्कूल में किसी धमकी की आशंका की जानकारी मिली, जिससे वे चिंतित हो गए।

अपने बच्चों को लेने स्कूल के बाहर मौजूद अभिभावक।

दो दिन पहले अमृतसर में मिली थी संदिग्ध ईमेल

गौरतलब है कि दो दिन पहले अमृतसर में भी 8 के करीब स्कूलों को धमकी भरी ई-मेल मिलने से हड़कंप मच गया था। उस दौरान भी स्कूल खाली कराए गए थे और पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की थी। इसी पृष्ठभूमि में जालंधर के इस मामले को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।

फिलहाल पुलिस धमकी भरी ई-मेल की तकनीकी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अमृतसर में भी ऐसा ही ई-मेल डार्क वेब का प्रयोग कर भेजी गई थी। जिसके चलते पुलिस, स्टेट साइबर सैल व सुरक्षा एजेंसियां ई-मेल के सोर्स तक पहुंचने में दिक्कत का सामना कर रही हैं।

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