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3. Google की नई पहल: AI टूल्स से पढ़ाई आसान बनाने के लिए टीचर्स को मिलेगा खास ट्रेनिंग प्रोग्राम

एआई केवल नौकरी से निकालने का कारण नहीं बन रहा है बल्कि आपको किस तरह अपने काम या फील्ड में आगे बढ़ना है यह भी सिखा रहा है. इसके लिए दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी ने नई पहल शुरू की है. दरअसल, एआई अब केवल कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि अब वह स्कूल और कॉलेजों तक पहुंच गया है. अब गूगल ने देशभर के टीचरों और छात्रों के लिए नया एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया है. इसे लेकर गूगल का कहना है कि यह पहल भारत के एजुकेशन नीति को ऊचांइयों तक पहुंचाएगा. इस ट्रनिंग का उद्देश्य टेक्नोलॉजी बेस्ड एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है. कंपनी स्कूलों में हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में एआई टूल्स और डिजिटल लर्निंग पर फोकस करेगी ताकि आने वाले समय में छात्र और शिक्षक एआई बेस्ड फ्यूचर के लिए तैयार रहें.

होगी सीरीज की शुरुआत
बता दें कि इस पहल के तहत कंपनी ने गूगल एआई एजुकेटर सीरीज लॉन्च करने का ऐलान किया है. यह एक मोबाइल फर्स्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम होगा, जिसे खास तौर पर भारतीय शिक्षकों के हिसाब से तैयार किया गया है. इस पहल की शुरुआत महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और असम सरकार के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के सहयोग से किया जाएगा.

इस ट्रेनिंग का उद्देश्य शिक्षकों को यह समझाना है कि एआई टूल्स का यूज क्लास में कैसे किया जा सकता है. इससे पढ़ाई को ज्यादा आसान और इंटरैक्टिव कैसे बनाया जा सकता है. ट्रेनिंग के बारे में जानकारी देते हुए गूगल ने बताया कि यह ट्रेनिंग मोबाइल फ्रेंडली होगी, ताकि शिक्षक कहीं से भी अपनी आसानी से सीख सके. शुरुआती में इसे हिंदी, असमिया, मराठी, तेलुगू, ओड़िया और पंजाबी समेत 6 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा.

तीन चरणों में होगी ट्रेनिंग  
गूगल एआई एजुकेटर सीरीज को अलग-अलग मॉड्यूल में तैयार किया गया है. इसमें सबसे पहले शिक्षकों को एआई का बेसिक समझाया जाएगा. दूसरे चरण में जैमिनी एआई टूल्स का यूज, पढ़ाई और  स्टूडेंट इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए किया जा सकता है यह सिखाया जाएगा. तीसरे चरण में एआई की मदद से असाइनमेंट चेक करना, फीडबैक देना और रिपोर्ट तैयार करने जैसे कामों को सिखाया जाएगा.

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