बिहार/झारखंडराज्य

धनबाद में भारी बारिश से फिर भू-धंसान, सड़क पर बढ़ा खतरा

धनबाद

 कोयलांचल में जारी भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही के संकेत दे दिए हैं। केंदुआ थाना अंतर्गत धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक बार फिर भीषण भू-धंसान (गोफ) हो गया।

लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पूर्व में बने गोफ के ठीक बगल में एक नया विशाल गड्ढा बन गया है। इस गोफ में बारिश का पानी तेजी से समा रहा है, जिससे भूमिगत आग धधकने और गोफ का दायरा बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुख्य मार्ग को दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर पूरी तरह बंद कर दिया है।

महाप्रबंधक जीसी साहा ने कहा कि राजपूत बस्ती, पुराना जीएम बांग्ला एवं इसके आसपास के क्षेत्र में दरारें बढ़ रही है और खतरा बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि धनबाद बोकारो मुख्य सड़क से आवागमन 15 दिनों से ठप है यातायात, बढ़ी मुश्किलें ज्ञात हो कि यह मार्ग पिछले 15 दिनों से बंद है और वाहनों को अन्य रास्तों से डायवर्ट किया गया है।

नए भू-धंसान ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की कमर टूट गई है। सड़क के अस्तित्व पर आए इस संकट ने धनबाद और बोकारो के बीच के संपर्क को पूरी तरह जोखिम में डाल दिया है।
यह वीडियो भी देखें

आक्रोश: प्रशासन और बीसीसीएल पर लापरवाही का आरोप
बार-बार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए जिला प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

भाजपा विधायक राज सिन्हा, भाकपा माले के अरुप चटर्जी और आजसू नेता मंटू महतो समेत कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि अविलंब सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। नेताओं का कहना है कि प्रबंधन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है, जबकि आम जनता की जान जोखिम में है।

खौफनाक इतिहास: गैस रिसाव से हो चुकी है मौतें
    केंदुआ का यह इलाका लंबे समय से 'डेथ जोन' बना हुआ है।
    15 अप्रैल: इसी स्थान पर सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था।
    पिछले साल 31 नवंबर: भूमिगत खदान में विस्फोट के बाद जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का रिसाव हुआ था, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई थी।

बीसीसीएल की चेतावनी: खाली करें इलाका
बीसीसीएल प्रबंधन ने स्थिति को अनियंत्रित बताते हुए कहा है कि बारिश के कारण मिट्टी धंसने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्र के पास रहना किसी बड़े हादसे को दावत देना है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी है।

    प्रबंधन और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है। पहले गैस रिसाव से मौतें हुईं और अब पूरी सड़क पाताल में समाने को है। अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हम चुप नहीं बैठेंगे।
कृष्णा राउत, पार्षद प्रतिनिधि

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button